मोदी सरकार के 12 साल: अयोध्या के संत समाज और महापौर ने दी बधाई, तीर्थ विकास को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या में 27 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर संत समाज और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बधाई दी। धार्मिक नगरी अयोध्या इन दिनों श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में डूबी है — राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में देशभर से श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। इसी पृष्ठभूमि में मोदी सरकार के एक दशक से अधिक के कार्यकाल को लेकर धार्मिक और राजनीतिक हलकों से विभिन्न प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं।
संत समाज की प्रतिक्रिया
रायगंज स्थित स्वामी नारायण मंदिर के महंत एनवी स्वामी जी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के हर क्षेत्र में विकास हुआ है। उनके अनुसार यह बदलाव किसी एक राज्य या वर्ग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका प्रभाव समूचे देश में देखा गया है। महंत जी ने अयोध्या, काशी, केदारनाथ, उज्जैन और सोमनाथ सहित अनेक तीर्थ स्थलों के व्यापक पुनर्विकास को सरकार की उल्लेखनीय उपलब्धि बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। गाँव-गाँव तक बिजली पहुँचाने, नल से जल योजना और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को उन्होंने जन-कल्याण की दिशा में ठोस कदम बताया। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए संस्थानों और सुविधाओं की शुरुआत का भी उन्होंने उल्लेख किया। महंत एनवी स्वामी जी ने भगवान राम से प्रधानमंत्री के दीर्घ और सफल कार्यकाल की कामना की।
महापौर गिरीश पति त्रिपाठी का बयान
अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि बीते 12 साल देश के लिए ऐतिहासिक रहे हैं। उनके अनुसार इस अवधि में कई दीर्घकालिक समस्याओं का समाधान हुआ है। उन्होंने राम मंदिर निर्माण को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी थी।
महापौर ने यह भी कहा कि देश ने नक्सलवाद और अन्य आंतरिक चुनौतियों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया है। उनके मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से आगे बढ़ रही है और अयोध्या जैसे धार्मिक व ऐतिहासिक शहरों में भी बड़े पैमाने पर बदलाव दिख रहा है। उन्होंने अयोध्यावासियों की ओर से प्रधानमंत्री को बधाई दी।
श्रद्धालुओं का उत्साह
इस बीच, गुजरात से 700 लोगों के एक दल के साथ अयोध्या पहुँचे एक श्रद्धालु ने बताया कि यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में पवित्र तीर्थों की यात्रा का विशेष महत्व है और अयोध्या आकर उन्हें गहरी शांति का अनुभव हुआ।
श्रद्धालु के अनुसार राम मंदिर के निर्माण ने आस्था को और सुदृढ़ किया है। उनके दल ने रामलला के दर्शन किए और इसे एक यादगार अनुभव बताया। गौरतलब है कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या में देशी-विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
आगे की राह
मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अयोध्या से उठी ये आवाज़ें सांस्कृतिक और धार्मिक विकास के मुद्दे पर व्यापक सहमति की ओर संकेत करती हैं। हालाँकि, शासन के अन्य आयामों — जैसे रोज़गार, महँगाई और सामाजिक समरसता — पर देशभर में बहस जारी है। आने वाले महीनों में सरकार की प्राथमिकताएँ और नीतिगत दिशा इस कार्यकाल की विरासत को परिभाषित करेंगी।