पीएम मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा केरल में चुनावी अभियान में जुटी

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पीएम मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा केरल में चुनावी अभियान में जुटी

सारांश

तिरुवनंतपुरम में भाजपा ने अपने चुनावी अभियान को नई ऊँचाई पर पहुँचाने के लिए पीएम मोदी और अमित शाह को तैनात किया है। क्या यह केरल में पार्टी की ऐतिहासिक जीत की ओर ले जाएगा?

Key Takeaways

  • पीएम मोदी और अमित शाह का नेतृत्व
  • केरल में भाजपा का आक्रामक अभियान
  • सुरेश गोपी की त्रिशूर जीत
  • तिरुवनंतपुरम निगम पर नियंत्रण
  • चुनौतियाँ और अवसर

तिरुवनंतपुरम, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का प्रचार अभियान अब निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा केरल में एक उत्साही अभियान की तैयारी कर रही है। इस अभियान में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त करने के लिए पार्टी अपनी प्रमुख राष्ट्रीय नेतृत्व टीम को तैनात कर रही है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री सहित अन्य वरिष्ठ नेता केरल का दौरा करने वाले हैं, जो 140 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा की उपस्थिति स्थापित करने की पार्टी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

पार्टी के सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी प्रमुख जिलों में दो त्वरित दौरे करेंगे। इस दौरान वह रैलियों को संबोधित करेंगे और कार्यकर्ताओं में उत्साह भरेंगे।

भाजपा का अभियान उन राजनीतिक क्षेत्रों पर केंद्रित है जो महत्वपूर्ण माने जाते हैं, जैसे कि कसर्गोड, पलक्कड़, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और त्रिशूर, जहाँ उनकी पहुंच अधिकतम हो सके।

पार्टी अपने हालिया चुनावी लाभों से उत्साहित है, जिसमें अभिनेता से राजनीतिज्ञ बने सुरेश गोपी की त्रिशूर लोकसभा सीट पर 70,000 से अधिक मतों से जीत शामिल है।

इसके बाद, दिसंबर में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा ने तिरुवनंतपुरम निगम पर नियंत्रण प्राप्त किया, जो इस राज्य में पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जहाँ उसे पूर्व में स्थान प्राप्त करने में कठिनाई होती थी।

हालांकि आंकड़े मिश्रित हैं। 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने 15.64 प्रतिशत वोट शेयर प्राप्त किया था, जबकि 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों में यह गिरकर 14.71 प्रतिशत हो गया।

फिर भी, पार्टी उत्साहित है और 2021 के विधानसभा चुनावों में नौ सीटों पर दूसरे स्थान पर आने को बढ़ती हुई पकड़ का संकेत मानती है।

केरल भाजपा के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने आशा व्यक्त की है कि पार्टी न केवल लंबे समय से चली आ रही चुनावी बाधाओं को पार करेगी, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों में कई सीटें भी जीतेगी।

हालांकि, चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं। केरल की अद्वितीय जनसांख्यिकीय संरचना, जिसमें मुस्लिम और ईसाई अल्पसंख्यक लगभग 42 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, एक महत्वपूर्ण कारक बना हुआ है।

पार्टी के रणनीतिकार मानते हैं कि समुदाय के नेताओं के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखना आवश्यक होगा, क्योंकि राष्ट्रीय नेता आने वाले दिनों में अधिक जुड़ाव बढ़ाएंगे।

जैसे-जैसे अभियान तेज होता जा रहा है, भाजपा का यह उच्च-ऊर्जा वाला अभियान यह संकेत देता है कि पार्टी केरल में धीरे-धीरे लाभ को ऐतिहासिक चुनावी पकड़ में बदलने के लिए प्रयासरत है।

—राष्ट्र प्रेस

Point of View

राज्य की जनसांख्यिकीय चुनौतियाँ और प्रतिस्पर्धा का स्तर भी उच्च है। भाजपा के लिए यह एक महत्वपूर्ण परीक्षा होगी।
NationPress
20/03/2026

Frequently Asked Questions

भाजपा केरल में चुनावी अभियान क्यों चला रही है?
भाजपा का उद्देश्य केरल में अपनी उपस्थिति को मजबूत करना और विधानसभा में सीटें जीतना है।
प्रधानमंत्री मोदी का केरल दौरा कब होगा?
प्रधानमंत्री मोदी का केरल दौरा दो त्वरित दौरों में होगा, जिसमें वे प्रमुख जिलों का दौरा करेंगे।
भाजपा ने हाल ही में कौन सी महत्वपूर्ण जीत हासिल की?
भाजपा ने सुरेश गोपी की त्रिशूर लोकसभा सीट पर 70,000 से अधिक मतों से जीत हासिल की।
क्या भाजपा को केरल में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है?
हाँ, केरल की जनसांख्यिकीय संरचना और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता भाजपा के लिए चुनौतियाँ पेश कर सकती हैं।
भाजपा का मुख्य लक्ष्य क्या है?
भाजपा का मुख्य लक्ष्य विधानसभा चुनाव में अधिक से अधिक सीटें जीतना है।
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