प्रधानमंत्री मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन से एनसीआर की कनेक्टिविटी को बढ़ाने का किया ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तस्वीर साझा करते हुए बताया कि इससे नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) की कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप पर एयरपोर्ट की तस्वीर साझा करते हुए कहा, "एनसीआर की कनेक्टिविटी को एक बड़ा बूस्ट मिलेगा! जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन कल होगा।"
उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब परिचालन आरंभ करने के लिए पूरी तरह तैयार है, और शनिवार के भव्य उद्घाटन समारोह के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के शनिवार को दोपहर में एयरपोर्ट का उद्घाटन करने की उम्मीद है, जिसके बाद वे एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा का दौरा करेंगे ताकि कार्यक्रम की अंतिम तैयारियों की समीक्षा कर सकें।
प्रशासन ने कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय किए हैं। पूरे क्षेत्र को कई सुरक्षा क्षेत्रों में बांटा गया है और प्रमुख स्थानों पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।
बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को ध्यान में रखते हुए, अधिकारियों ने एक व्यापक यातायात प्रबंधन योजना भी लागू की है। यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा एक्सप्रेसवे पर मालवाहक वाहनों की आवाजाही शनिवार सुबह 7 बजे से लगभग 16 घंटे तक प्रतिबंधित रहेगी। वीआईपी की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाएगा।
अधिकारियों ने यात्रियों से यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करने और प्रतिबंधित अवधि के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है। उद्घाटन समारोह में भाग लेने वालों के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
एशिया के सबसे बड़े विमानन केंद्रों में से एक बनने की दिशा में अग्रसर जेवर एयरपोर्ट का संचालन उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इससे कनेक्टिविटी में सुधार और निवेश आकर्षित होने की संभावना है, जो राज्य एवं उत्तर भारतीय क्षेत्र में आर्थिक और औद्योगिक विकास को गति देगा।