25 अक्टूबर 2026
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मन की बात के 139वें एपिसोड में PM मोदी ने IIT मद्रास स्टार्टअप्स और नरिंदर सिंह कपानी की 100वीं जयंती का किया जिक्र

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मन की बात के 139वें एपिसोड में PM मोदी ने IIT मद्रास स्टार्टअप्स और नरिंदर सिंह कपानी की 100वीं जयंती का किया जिक्र

सारांश

मन की बात के 139वें एपिसोड में PM मोदी ने IIT मद्रास के डीप-टेक स्टार्टअप्स — सोने की जाँच से लेकर AI-आधारित सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग तक — की तारीफ की। साथ ही 31 अक्टूबर को 'फाइबर ऑप्टिक्स के जनक' नरिंदर सिंह कपानी की 100वीं जयंती का स्मरण कर युवाओं को प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को 'मन की बात' के 139वें एपिसोड में चेन्नई दौरे के अनुभव साझा किए।
आईआईटी मद्रास के स्टार्टअप्स सोने की गुणवत्ता जाँच, बैंक धोखाधड़ी रिकवरी और सर्वाइकल कैंसर AI स्क्रीनिंग पर काम कर रहे हैं।
डीप-टेक स्टार्टअप्स में समुद्री इलेक्ट्रिक वाहन , तेज़-चार्ज बैटरियाँ और रक्षा-क्षेत्र AI परियोजनाएँ शामिल हैं।
'फाइबर ऑप्टिक्स के जनक' नरिंदर सिंह कपानी की 100वीं जयंती 31 अक्टूबर 2026 को है; उनका जन्म पंजाब के मोगा ज़िले में हुआ था।
मोदी ने युवाओं से कपानी जैसे वैज्ञानिकों के जीवन से प्रेरणा लेने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को 'मन की बात' के 139वें एपिसोड में अपने चेन्नई दौरे के दौरान मिले उद्यमशील युवाओं के अनुभव साझा किए और 'फाइबर ऑप्टिक्स के जनक' कहे जाने वाले महान भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक नरिंदर सिंह कपानी की 100वीं जयंती का स्मरण किया। यह रेडियो कार्यक्रम हर महीने के अंतिम रविवार को प्रसारित होता है और इसके माध्यम से प्रधानमंत्री देश के नागरिकों से सीधे संवाद करते हैं।

चेन्नई में युवाओं से संवाद

मोदी ने बताया कि चेन्नई में उनका पहला अनुभव मेट्रो में युवाओं से संवाद करना था, जबकि दूसरा कार्यक्रम आईआईटी मद्रास में आयोजित था। उन्होंने कहा, 'इस दौरान यह देखना बहुत सुखद रहा कि हमारी युवा शक्ति कैसे समस्याओं के नवोन्मेषी समाधान पर काम कर रही है।'

उन्होंने विशेष रूप से तीन स्टार्टअप्स का उल्लेख किया। पहला स्टार्टअप सोने की गुणवत्ता परखने की तकनीक पर काम कर रहा है, जो सोने की खरीदारी में होने वाली धोखाधड़ी रोकने में सहायक हो सकती है। दूसरी टीम एक ऐसे प्लेटफॉर्म पर काम कर रही है जो बैंक धोखाधड़ी से निकाली गई रकम की शीघ्र रिकवरी में मदद करेगा। तीसरी टीम सर्वाइकल कैंसर की जाँच में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर शोध कर रही है।

IIT मद्रास का डीप-टेक इनक्यूबेशन इकोसिस्टम

प्रधानमंत्री ने बताया कि आईआईटी मद्रास के साथ उनकी बातचीत पूरी तरह डीप-टेक पर केंद्रित रही। इन स्टार्टअप्स को आईआईटी मद्रास के इनक्यूबेशन इकोसिस्टम का समर्थन प्राप्त है। इनमें एक स्टार्टअप समुद्र के ऊपर उड़ने वाला इलेक्ट्रिक वाहन विकसित कर रहा है, तो दूसरा ड्रोन और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए तेज़ चार्जिंग बैटरियाँ बना रहा है।

इसके अलावा एक टीम रक्षा तकनीक (Defence Technology) में AI के उपयोग पर भी काम कर रही है। मोदी ने कहा, 'आज हमारे युवा इतने असाधारण काम इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें सही माहौल और मदद मिल रही है। वरना, हमारे देश में प्रतिभाओं की कमी कभी नहीं रही।'

नरिंदर सिंह कपानी की 100वीं जयंती का स्मरण

मोदी ने यह भी याद दिलाया कि 31 अक्टूबर 2026 को 'फाइबर ऑप्टिक्स के जनक' के रूप में विश्व-विख्यात भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक नरिंदर सिंह कपानी की 100वीं जयंती है। उनका जन्म पंजाब के मोगा ज़िले में हुआ था। प्रकाश को महीन फाइबर के माध्यम से संचारित करने की तकनीक में उनके अग्रणी शोध ने आधुनिक संचार की दुनिया को आमूल-चूल बदल दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज इंटरनेट और डिजिटल कम्युनिकेशन के जिस युग में हम जी रहे हैं, उसकी कल्पना भी फाइबर ऑप्टिक्स के बिना बहुत मुश्किल है।' उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे कपानी जैसे वैज्ञानिकों के जीवन और कार्य को पढ़ें और उनसे प्रेरणा लें।

आम जनता पर असर और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार स्टार्टअप इंडिया और डीप-टेक पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने पर ज़ोर दे रही है। IIT मद्रास का इनक्यूबेशन केंद्र पहले से ही देश के अग्रणी स्टार्टअप हब में गिना जाता है। गौरतलब है कि कपानी को वर्ष 2021 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था, हालाँकि उनका निधन दिसंबर 2020 में ही हो चुका था। उनकी जयंती के अवसर पर उनके योगदान को राष्ट्रीय मंच पर याद करना युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन परस्पर जुड़े संदेश देता है — एक वर्तमान की नवाचार शक्ति का, दूसरा अतीत के विस्मृत नायकों को याद करने का। IIT मद्रास के स्टार्टअप्स का ज़िक्र सरकार की 'डीप-टेक इंडिया' की कथा को मज़बूत करता है, लेकिन यह सवाल भी खड़ा होता है कि इनक्यूबेशन इकोसिस्टम का लाभ देश के छोटे शहरों और गैर-IIT संस्थानों के युवाओं तक कितनी तेज़ी से पहुँच रहा है। नरिंदर सिंह कपानी को याद करना सार्थक है — एक ऐसे वैज्ञानिक जिन्हें नोबेल तो नहीं मिला, लेकिन जिनके बिना आधुनिक इंटरनेट की कल्पना नहीं की जा सकती। असली परीक्षा यह है कि क्या यह स्मरण पाठ्यक्रमों में स्थायी जगह पाएगा, या महज़ एक रेडियो उल्लेख बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मन की बात' का 139वाँ एपिसोड किस बारे में था?
25 अक्टूबर 2026 को प्रसारित इस एपिसोड में PM मोदी ने अपने चेन्नई दौरे के दौरान मिले IIT मद्रास के डीप-टेक स्टार्टअप्स के अनुभव साझा किए और 'फाइबर ऑप्टिक्स के जनक' नरिंदर सिंह कपानी की 100वीं जयंती का स्मरण किया।
नरिंदर सिंह कपानी कौन थे और उनकी 100वीं जयंती कब है?
नरिंदर सिंह कपानी पंजाब के मोगा ज़िले में जन्मे भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक थे, जिन्हें 'फाइबर ऑप्टिक्स के जनक' के रूप में जाना जाता है। उनकी 100वीं जयंती 31 अक्टूबर 2026 को है। प्रकाश को महीन फाइबर से संचारित करने की उनकी तकनीक ने आधुनिक इंटरनेट और डिजिटल संचार की नींव रखी।
IIT मद्रास के किन स्टार्टअप्स का PM मोदी ने उल्लेख किया?
मोदी ने छह क्षेत्रों में काम करने वाले स्टार्टअप्स का ज़िक्र किया — सोने की गुणवत्ता जाँच, बैंक धोखाधड़ी की शीघ्र रिकवरी, सर्वाइकल कैंसर AI स्क्रीनिंग, समुद्री इलेक्ट्रिक वाहन, तेज़-चार्ज बैटरियाँ और रक्षा तकनीक में AI। ये सभी IIT मद्रास के इनक्यूबेशन इकोसिस्टम का हिस्सा हैं।
मोदी ने चेन्नई दौरे में युवाओं से कहाँ मुलाकात की?
मोदी ने बताया कि चेन्नई में उनकी पहली मुलाकात मेट्रो यात्रा के दौरान युवाओं से हुई, जबकि दूसरा कार्यक्रम IIT मद्रास में आयोजित था जहाँ उन्होंने डीप-टेक स्टार्टअप्स से बातचीत की।
PM मोदी ने युवाओं से नरिंदर सिंह कपानी के बारे में क्या अपील की?
मोदी ने देश के युवाओं से आग्रह किया कि वे कपानी जैसे वैज्ञानिकों के जीवन और कार्य को पढ़ें, उनके बारे में जानें और उनसे प्रेरणा लें, ताकि भारत की वैज्ञानिक विरासत अगली पीढ़ी तक पहुँचे।
राष्ट्र प्रेस
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