मन की बात के 139वें एपिसोड में PM मोदी ने IIT मद्रास स्टार्टअप्स और नरिंदर सिंह कपानी की 100वीं जयंती का किया जिक्र
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को 'मन की बात' के 139वें एपिसोड में अपने चेन्नई दौरे के दौरान मिले उद्यमशील युवाओं के अनुभव साझा किए और 'फाइबर ऑप्टिक्स के जनक' कहे जाने वाले महान भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक नरिंदर सिंह कपानी की 100वीं जयंती का स्मरण किया। यह रेडियो कार्यक्रम हर महीने के अंतिम रविवार को प्रसारित होता है और इसके माध्यम से प्रधानमंत्री देश के नागरिकों से सीधे संवाद करते हैं।
चेन्नई में युवाओं से संवाद
मोदी ने बताया कि चेन्नई में उनका पहला अनुभव मेट्रो में युवाओं से संवाद करना था, जबकि दूसरा कार्यक्रम आईआईटी मद्रास में आयोजित था। उन्होंने कहा, 'इस दौरान यह देखना बहुत सुखद रहा कि हमारी युवा शक्ति कैसे समस्याओं के नवोन्मेषी समाधान पर काम कर रही है।'
उन्होंने विशेष रूप से तीन स्टार्टअप्स का उल्लेख किया। पहला स्टार्टअप सोने की गुणवत्ता परखने की तकनीक पर काम कर रहा है, जो सोने की खरीदारी में होने वाली धोखाधड़ी रोकने में सहायक हो सकती है। दूसरी टीम एक ऐसे प्लेटफॉर्म पर काम कर रही है जो बैंक धोखाधड़ी से निकाली गई रकम की शीघ्र रिकवरी में मदद करेगा। तीसरी टीम सर्वाइकल कैंसर की जाँच में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर शोध कर रही है।
IIT मद्रास का डीप-टेक इनक्यूबेशन इकोसिस्टम
प्रधानमंत्री ने बताया कि आईआईटी मद्रास के साथ उनकी बातचीत पूरी तरह डीप-टेक पर केंद्रित रही। इन स्टार्टअप्स को आईआईटी मद्रास के इनक्यूबेशन इकोसिस्टम का समर्थन प्राप्त है। इनमें एक स्टार्टअप समुद्र के ऊपर उड़ने वाला इलेक्ट्रिक वाहन विकसित कर रहा है, तो दूसरा ड्रोन और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए तेज़ चार्जिंग बैटरियाँ बना रहा है।
इसके अलावा एक टीम रक्षा तकनीक (Defence Technology) में AI के उपयोग पर भी काम कर रही है। मोदी ने कहा, 'आज हमारे युवा इतने असाधारण काम इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें सही माहौल और मदद मिल रही है। वरना, हमारे देश में प्रतिभाओं की कमी कभी नहीं रही।'
नरिंदर सिंह कपानी की 100वीं जयंती का स्मरण
मोदी ने यह भी याद दिलाया कि 31 अक्टूबर 2026 को 'फाइबर ऑप्टिक्स के जनक' के रूप में विश्व-विख्यात भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक नरिंदर सिंह कपानी की 100वीं जयंती है। उनका जन्म पंजाब के मोगा ज़िले में हुआ था। प्रकाश को महीन फाइबर के माध्यम से संचारित करने की तकनीक में उनके अग्रणी शोध ने आधुनिक संचार की दुनिया को आमूल-चूल बदल दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज इंटरनेट और डिजिटल कम्युनिकेशन के जिस युग में हम जी रहे हैं, उसकी कल्पना भी फाइबर ऑप्टिक्स के बिना बहुत मुश्किल है।' उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे कपानी जैसे वैज्ञानिकों के जीवन और कार्य को पढ़ें और उनसे प्रेरणा लें।
आम जनता पर असर और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार स्टार्टअप इंडिया और डीप-टेक पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने पर ज़ोर दे रही है। IIT मद्रास का इनक्यूबेशन केंद्र पहले से ही देश के अग्रणी स्टार्टअप हब में गिना जाता है। गौरतलब है कि कपानी को वर्ष 2021 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था, हालाँकि उनका निधन दिसंबर 2020 में ही हो चुका था। उनकी जयंती के अवसर पर उनके योगदान को राष्ट्रीय मंच पर याद करना युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है।