27 अक्टूबर 2026
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PM मोदी ने हैदराबाद हाउस में लिकटेंस्टाइन के प्रिंस एलोइस से की मुलाकात, EFTA टेपा पर चर्चा

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PM मोदी ने हैदराबाद हाउस में लिकटेंस्टाइन के प्रिंस एलोइस से की मुलाकात, EFTA टेपा पर चर्चा

सारांश

लिकटेंस्टाइन के प्रिंस एलोइस और प्रिंसेस सोफी की यह भारत की पहली राजकीय यात्रा है। PM मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में हुई बैठक और EFTA-TEPA के तहत उभरते अवसरों पर चर्चा ने दोनों देशों के संबंधों को एक नई दिशा दी।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 27 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद हाउस, नई दिल्ली में लिकटेंस्टाइन के हेरेडिटरी प्रिंस एलोइस और प्रिंसेस सोफी से मुलाकात की।
यह लिकटेंस्टाइन की भारत की पहली राजकीय यात्रा है।
जयशंकर ने भारत-EFTA TEPA के तहत उभरते अवसरों पर प्रिंस एलोइस के साथ अलग से बैठक की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में प्रिंस का औपचारिक स्वागत किया; सम्मान में आधिकारिक भोज भी आयोजित।
प्रिंस वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और राज्य मंत्री जयंत चौधरी से भी मिलेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में लिकटेंस्टाइन के हेरेडिटरी प्रिंस एलोइस और हेरेडिटरी प्रिंसेस सोफी से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने पर गहन विचार-विमर्श किया। यह लिकटेंस्टाइन की भारत की पहली राजकीय यात्रा है, जो दोनों देशों के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।

आधिकारिक स्वागत एवं मुख्य घटनाक्रम

राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में प्रिंस एलोइस का औपचारिक स्वागत किया गया, जहाँ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री मोदी ने गर्मजोशी के साथ उनका अभिनंदन किया। पत्रकारों से बातचीत में प्रिंस एलोइस ने कहा, 'इस अद्भुत देश में लिकटेंस्टाइन की पहली राजकीय यात्रा के दौरान यहाँ आना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है।' उन्होंने इस यात्रा को 'ऐतिहासिक' करार देते हुए कहा कि यह लिकटेंस्टाइन की भारत के साथ संबंधों को दी जाने वाली अहमियत का प्रमाण है।

विदेश मंत्री जयशंकर की भूमिका

इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रिंस एलोइस से मुलाकात की और भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते (TEPA) के तहत उभरते अवसरों पर चर्चा की। जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'भारत की राजकीय यात्रा पर आए लिकटेंस्टाइन के प्रिंस एलोइस से मिलकर खुशी हुई। भारत-EFTA टेपा से मिले अवसरों की बदौलत, हमारी द्विपक्षीय साझेदारी कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही है।' उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई मुलाकात सहयोग को और गति देगी।

विदेश मंत्रालय का बयान

विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक आधिकारिक बयान में पुष्टि की कि हैदराबाद हाउस में हेरेडिटरी प्रिंस एलोइस और हेरेडिटरी प्रिंसेस सोफी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। यह यात्रा ऐसे समय में आई है जब भारत और EFTA समूह — जिसमें लिकटेंस्टाइन, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे और आइसलैंड शामिल हैं — के बीच टेपा समझौते को लेकर आर्थिक सहयोग की नई संभावनाएँ खुली हैं।

अन्य बैठकें और कार्यक्रम

प्रिंस एलोइस की यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, वे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी से भी मिलेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उनके सम्मान में एक आधिकारिक भोज का आयोजन करेंगी। गौरतलब है कि प्रिंस एलोइस सोमवार को गुजरात के वडोदरा से नई दिल्ली पहुँचे थे, जहाँ हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिंह ने उनका स्वागत किया था।

क्या होगा आगे

यह पहली राजकीय यात्रा भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच राजनयिक और व्यापारिक संबंधों को एक ठोस ढाँचा देने की दिशा में महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। EFTA-TEPA समझौते की पृष्ठभूमि में, वित्त और कौशल विकास मंत्रालयों के साथ होने वाली बैठकें यह संकेत देती हैं कि दोनों पक्ष साझेदारी को व्यावसायिक धरातल पर भी आगे ले जाना चाहते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि क्षेत्र-विशेष सहयोग पर केंद्रित है। हालाँकि लिकटेंस्टाइन की अर्थव्यवस्था का आकार सीमित है, EFTA समूह के भीतर उसकी भूमिका और वित्तीय सेवाओं में उसकी विशेषज्ञता भारत के लिए रणनीतिक महत्त्व रखती है। असली परीक्षण यह होगा कि TEPA के तहत घोषित प्रतिबद्धताएँ वास्तविक निवेश और रोज़गार में कितनी तेजी से तब्दील होती हैं।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी और लिकटेंस्टाइन के प्रिंस एलोइस की मुलाकात में क्या हुआ?
27 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद हाउस, नई दिल्ली में PM मोदी और प्रिंस एलोइस ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने भारत-EFTA TEPA के तहत उभरते अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया।
लिकटेंस्टाइन की भारत यात्रा क्यों महत्त्वपूर्ण है?
यह लिकटेंस्टाइन की भारत की पहली राजकीय यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। EFTA-TEPA समझौते के संदर्भ में यह यात्रा व्यापार और आर्थिक सहयोग की नई संभावनाएँ भी खोलती है।
भारत-EFTA TEPA समझौता क्या है?
भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौता (TEPA) भारत और EFTA देशों — लिकटेंस्टाइन, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे और आइसलैंड — के बीच एक प्रमुख व्यापार करार है। यह समझौता दोनों पक्षों के बीच निवेश, व्यापार और आर्थिक सहयोग के नए अवसर प्रदान करता है।
प्रिंस एलोइस की भारत यात्रा के दौरान और कौन-कौन सी बैठकें होंगी?
प्रिंस एलोइस वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी से मिलेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उनके सम्मान में एक आधिकारिक भोज का आयोजन करेंगी।
विदेश मंत्री जयशंकर ने प्रिंस एलोइस के बारे में क्या कहा?
विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि भारत-EFTA टेपा से मिले अवसरों की बदौलत दोनों देशों की द्विपक्षीय साझेदारी कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि PM मोदी के साथ प्रिंस की मुलाकात सहयोग को और गति देगी।
राष्ट्र प्रेस
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