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क्या प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को श्रीमद्भगवद्गीता का अनुवाद भेंट किया?

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क्या प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को श्रीमद्भगवद्गीता का अनुवाद भेंट किया?

सारांश

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से स्वागत प्राप्त किया। इस मौके पर मोदी ने पुतिन को रूसी भाषा में श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की, जो एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतीक है। यह भारत-रूस संबंधों को और भी मजबूत करेगा।

मुख्य बातें

रूसी भाषा में श्रीमद्भगवद्गीता का अनुवाद महत्वपूर्ण है।
भारत-रूस के संबंधों को और मजबूत करने का प्रयास।
दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी भरा स्वागत।
सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन।
भारत-रूस वार्षिक समिट का महत्व।

नई दिल्ली, ५ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार की शाम दो दिवसीय भारत यात्रा पर नई दिल्ली आए, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेता एक ही गाड़ी में पालम एयरपोर्ट से प्रधानमंत्री आवास पहुंचे।

राष्ट्रपति पुतिन के दौरे की तैयारी में ७ लोक कल्याण मार्ग को भारत और रूस के झंडों से सजाया गया था, और पीएम आवास को विशेष रोशनी से सजाया गया था। रात के डिनर पर पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को आमंत्रित किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को अपने आधिकारिक आवास के अंदर ले जाकर उनका स्वागत किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन को श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की है।

पीएम मोदी ने 'एक्स' पर लिखा कि उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन को रूसी भाषा में श्रीमद्भगवद्गीता की एक प्रति भेंट की। गीता की शिक्षाएं विश्वभर के लाखों लोगों को प्रेरित करती हैं। पीएम मोदी द्वारा साझा की गई तस्वीर में राष्ट्रपति पुतिन श्रीमद्भगवद्गीता की प्रति को ध्यान से देख रहे हैं।

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'एक्स' पर लिखा कि अपने मित्र राष्ट्रपति पुतिन का भारत में स्वागत करते हुए उन्हें खुशी हो रही है। भारत-रूस की मित्रता पुरानी है, जिससे हमारे लोगों को बहुत लाभ हुआ है।

एयरपोर्ट से एक ही गाड़ी में निकलने से पहले दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया और अभिवादन किया। उन्होंने स्वागत समारोह के हिस्से के तौर पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी देखा और उसकी सराहना की।

शुक्रवार को होने वाला २३वां भारत-रूस वार्षिक समिट ऐसे समय में हो रहा है, जब अमेरिका द्वारा पेनल्टी के तौर पर टैरिफ लगाया गया है। यह समिट व्यापार और ऊर्जा साझेदारी के साथ-साथ रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।

शुक्रवार को हैदराबाद हाउस में होने वाली औपचारिक बातचीत से पहले रूसी राष्ट्रपति का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा। पुतिन महात्मा गांधी मेमोरियल पर पुष्प अर्पित करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भी एक सकारात्मक संदेश भेजेगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति पुतिन का भारत दौरा कब हुआ?
राष्ट्रपति पुतिन का भारत दौरा ५ दिसंबर को शुरू हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को कौन सी पुस्तक भेंट की?
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को रूसी भाषा में लिखी श्रीमद्भगवद्गीता भेंट की।
भारत-रूस संबंधों का महत्व क्या है?
भारत-रूस संबंध ऐतिहासिक और सामरिक हैं, जो दोनों देशों के विकास में सहायक हैं।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, ऊर्जा साझेदारी और रक्षा सहयोग को मजबूत करना है।
क्या इस दौरे में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल थे?
हाँ, इस दौरे में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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