महाराजा अग्रसेन जयंती 2026: PM मोदी ने एक्स पर किया नमन, 'विचार सदैव प्रेरणापुंज रहेंगे'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2026 को महाराजा अग्रसेन की जयंती पर एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने महाराजा अग्रसेन को जनसेवा और सामाजिक सद्भाव का प्रणेता बताते हुए कहा कि उनके आदर्श भारत के सांस्कृतिक उत्थान के लिए सदैव मार्गदर्शक बने रहेंगे।
प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, 'जनसेवा और सामाजिक सद्भाव के प्रणेता महाराजा अग्रसेन को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उनके जीवन और आदर्शों से हमें निरंतर मानवता के मार्ग पर चलने की सीख मिलती है। उनके महान विचार भारत के सांस्कृतिक उत्थान के लिए सदैव प्रेरणापुंज बने रहेंगे।' यह संदेश देशभर में अग्रवाल समाज और महाराजा अग्रसेन के अनुयायियों द्वारा व्यापक रूप से साझा किया गया।
लोकसभा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर लिखा कि महाराजा अग्रसेन का जीवन भारतीय संस्कृति की उस गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है, जिसमें शासन का उद्देश्य जनसेवा, न्याय, समानता और समाज के प्रत्येक वर्ग का कल्याण सुनिश्चित करना है।
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उन्हें 'पौराणिक समाजवाद के प्रणेता युगपुरुष' कहते हुए जयंती पर शुभकामनाएँ दीं। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन का जीवन परस्पर सहयोग, सामाजिक समरसता और समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान का मार्ग दिखाता है।
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने उन्हें 'उदारता और समानता के आदर्शों के प्रतीक, महान समाज सुधारक' बताते हुए एक्स पर श्रद्धांजलि दी।
राज्य स्तर पर भी श्रद्धा-सुमन
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि महाराजा अग्रसेन ने समाज में एकजुटता और समरसता की भावना का संचार किया और उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों को जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। यह पोस्ट राजस्थान के अग्रवाल समाज में विशेष रूप से चर्चा में रही।
महाराजा अग्रसेन का ऐतिहासिक महत्व
महाराजा अग्रसेन प्राचीन भारत के एक महान राजर्षि थे, जिन्हें अग्रवाल समाज का संस्थापक माना जाता है। उनकी 'एक रुपया एक ईंट' की परंपरा सामाजिक समानता और आर्थिक सहयोग का प्रतीक मानी जाती है। गौरतलब है कि प्रत्येक वर्ष अश्विन शुक्ल एकादशी को उनकी जयंती पूरे देश में उत्साह के साथ मनाई जाती है। इस अवसर पर देशभर के नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों द्वारा श्रद्धांजलि देने की परंपरा रही है, जो उनके सामाजिक संदेश की व्यापक प्रासंगिकता को रेखांकित करती है।
इस वर्ष भी केंद्र और राज्य स्तर पर सरकारी प्रतिनिधियों की ओर से आए संदेशों से स्पष्ट है कि महाराजा अग्रसेन की विरासत आज भी सार्वजनिक जीवन में गहरी जड़ें रखती है।