महाराजा अग्रसेन जयंती 2026: ओम बिड़ला, नायब सैनी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
लोककल्याण, सामाजिक समरसता और सुशासन के महान प्रेरणास्रोत महाराजा अग्रसेन की जयंती पर 22 सितंबर 2026 को देशभर के राजनेताओं ने श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से लेकर कई राज्यों के मंत्रियों तक ने सोशल मीडिया के माध्यम से अग्रसेन जी के आदर्शों को स्मरण किया और समाज को उनके मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
लोकसभा अध्यक्ष का संदेश
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि महाराजा अग्रसेन का जीवन भारतीय समाज की उस गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है, जिसमें राजधर्म का अर्थ जनकल्याण, न्याय, समानता और समाज के प्रत्येक वर्ग के सम्मान की रक्षा करना माना गया है।
बिड़ला ने आगे कहा कि महाराजा अग्रसेन की जीवन-दृष्टि का मूल भाव 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' में निहित है। उन्होंने अग्रवाल समाज की सेवा-भावना की प्रशंसा करते हुए देश-विदेश में बसे अग्र बंधुओं-बहनों को विशेष बधाई दी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री की शुभकामनाएं
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए महाराजा अग्रसेन को करुणा, त्याग, सेवा और मानवता का प्रतीक बताया। उन्होंने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि अग्रवाल समाज ने सदैव सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
सैनी ने समाज से आग्रह किया कि महाराजा के सिद्धांतों को जीवन में अपनाकर जनसेवा और विकसित हरियाणा के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करें। यह ऐसे समय में आया है जब हरियाणा सरकार ग्रामीण विकास की कई योजनाओं पर कार्यरत है।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता संजय भाटिया ने एक्स पर लिखा कि महाराजा अग्रसेन समता, समरसता और समानता का संदेश देने वाले महान व्यक्तित्व थे।
हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष सुमन सैनी ने महाराजा अग्रसेन की प्रसिद्ध परंपरा 'एक ईंट, एक रुपया' का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परस्पर सहयोग और आत्मनिर्भरता का कालजयी संदेश है। BJP नेता महेंद्र भट्ट ने उन्हें लोकनायक और कर्मयोगी बताते हुए सामाजिक समरसता के उनके संदेश को नमन किया।
छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री रामविचार नेतराम ने महाराजा अग्रसेन को समाजवाद के अग्रदूत बताया और समस्त प्रदेशवासियों को जयंती की शुभकामनाएं दीं। उत्तराखंड सरकार में मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सहयोग, बंधुत्व और सर्वजन हिताय की भावना पर आधारित उनके आदर्श आज भी एक सशक्त एवं समतामूलक समाज के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
महाराजा अग्रसेन का ऐतिहासिक महत्व
गौरतलब है कि महाराजा अग्रसेन को अग्रवाल समाज का मूल पुरुष माना जाता है। उनकी 'एक ईंट, एक रुपया' की परंपरा सामूहिक सहयोग और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक रही है, जो आधुनिक काल में भी व्यापार जगत और सामाजिक संगठनों को प्रेरित करती है।
प्रत्येक वर्ष अश्विन शुक्ल प्रतिपदा को मनाई जाने वाली यह जयंती देशभर के अग्रवाल समाज के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और सामाजिक उत्सव है। इस अवसर पर विभिन्न शहरों में शोभायात्राएं और सेवा-शिविर भी आयोजित किए जाते हैं।
आगे का संदर्भ
नेताओं के इन संदेशों से स्पष्ट है कि महाराजा अग्रसेन के आदर्श राजनीतिक-सामाजिक विमर्श में प्रासंगिक बने हुए हैं। अग्रवाल समाज की संगठनात्मक शक्ति और सेवा-भावना को देखते हुए यह जयंती हर वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप से मनाई जाती है। आने वाले दिनों में भी विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा अग्रसेन जी के आदर्शों पर आधारित कार्यक्रमों के आयोजन की उम्मीद है।