विजयादशमी पर PM मोदी के आह्वान को छत्तीसगढ़ CM साय का समर्थन, विपक्ष ने माँगी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजयादशमी पर दिए बयान को लेकर देशभर में सियासी प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री के आह्वान का खुलकर समर्थन किया और नागरिकों से व्यर्थ की बातों से बचकर वास्तविकता पर ध्यान देने की अपील की। वहीं विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री से शब्दों को अमल में बदलने की माँग की।
मुख्यमंत्री साय का समर्थन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, 'वो 12 वर्षों से देश के प्रधानमंत्री हैं। इससे पहले 13 वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप में भी उन्हें देखा है। गुजरात में उन्होंने जो काम किया, वो पूरे देश में गुजरात मॉडल के रूप में विख्यात हुआ। आज जब वो पीएम हैं तो पूरे 140 करोड़ भारतवासियों के विकास के लिए काम करते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' प्रधानमंत्री का नारा है और वो रात-दिन देशवासियों की चिंता करते हैं, इसलिए लोगों को व्यर्थ की बातों में न जाकर वास्तविकता पर ध्यान देना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री तोखन साहू का बयान
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि इस देश के युवा, किसान और माताएँ-बहनें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने निजी लाभ के लिए कुछ नहीं किया और अपना पूरा जीवन देश और नागरिकों के सपनों को पूरा करने में समर्पित कर दिया है। साहू के अनुसार प्रधानमंत्री का एकमात्र ध्यान राष्ट्र के विकास पर केंद्रित है।
समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आसिम आज़मी ने प्रधानमंत्री के बयान को सकारात्मक बताते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी ने बहुत अच्छी बात की, लेकिन सिर्फ जुबान से कहकर नहीं, करके दिखाइए।' उन्होंने माँग की कि केंद्रीय मंत्री नितेश राणे को, जो उनके अनुसार धर्म के नाम पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं, मंत्रिपद से हटाया जाए। आज़मी ने कहा कि ऐसा होने पर वे तालियाँ बजाएँगे।
एआईएमआईएम पर आज़मी का निशाना
आज़मी ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हैदराबाद के हालात इतने खराब हैं कि जहाँ AIMIM के सांसद हैं, वहाँ नालियाँ बह रही हैं और लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन जी रहे हैं। उन्होंने पार्टी पर आरोप लगाया कि वह मुसलमानों के उत्थान की बजाय अपने नेताओं के व्यक्तिगत हितों को आगे रखती है। उन्होंने पूर्व सांसद आज़म खान के संदर्भ में उपयोग किए गए शब्दों पर भी सवाल उठाए।
सियासी संदर्भ
यह प्रतिक्रियाएँ ऐसे समय में आई हैं जब विजयादशमी 2026 पर प्रधानमंत्री मोदी के दिए बयान को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़ी हुई है। गौरतलब है कि विजयादशमी का अवसर परंपरागत रूप से राजनीतिक दलों के लिए नई घोषणाओं और आह्वानों का मंच रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और प्रतिक्रियाएँ सामने आने की संभावना है।