30 सितंबर 2026
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प्रशांत किशोर का बिहार विधान परिषद चुनाव पर आह्वान: 'चार वर्षों का हिसाब लेने का अवसर'

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प्रशांत किशोर का बिहार विधान परिषद चुनाव पर आह्वान: 'चार वर्षों का हिसाब लेने का अवसर'

सारांश

प्रशांत किशोर ने बिहार विधान परिषद चुनाव को महज सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि चार वर्षों की जवाबदेही तय करने का मौका बताया। जन सुराज ने शिक्षक और स्नातक सीटों पर उम्मीदवार उतारे — जाति-आधारित राजनीति को सीधी चुनौती।

मुख्य बातें

प्रशांत किशोर ने 30 सितंबर 2026 को मुजफ्फरपुर में बिहार विधान परिषद चुनाव में जवाबदेही-आधारित मतदान की अपील की।
उन्होंने दावा किया कि बिहार के एक करोड़ से अधिक युवा ₹10,000–₹15,000 मासिक मज़दूरी के लिए दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं।
जन सुराज पार्टी ने शिक्षक सीट से श्याम नंदन यादव और स्नातक सीट से डॉ.
मोहन को उम्मीदवार घोषित किया।
किशोर ने दावा किया कि आगामी चुनाव में BJP को नुकसान होगा और मतदाता नए विकल्प पर विचार कर रहे हैं।
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज हो गई हैं।

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने 30 सितंबर 2026 को मुजफ्फरपुर में पत्रकारों से बात करते हुए बिहार के आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर मतदाताओं से जवाबदेही-आधारित मतदान की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह चुनाव महज सत्ता परिवर्तन का माध्यम नहीं, बल्कि मौजूदा सरकार को अगले चार वर्षों के लिए जवाबदेह ठहराने का अवसर है।

चुनाव को जवाबदेही का मंच बताया

किशोर ने कहा कि मतदाताओं का वोट सरकार की गलत नीतियों और कमियों पर अंकुश लगाने का हथियार होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार में दशकों से लोग डर और जातीय समीकरणों के आधार पर मतदान करते रहे हैं — कभी लालू प्रसाद यादव के डर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) को, तो कभी BJP के डर से लालू के पक्ष में। उनके अनुसार, इस राजनीतिक चक्र में शिक्षकों को न अपेक्षित सम्मान मिला, न उचित वेतन।

पलायन और बेरोज़गारी का मुद्दा

किशोर ने दावा किया कि आज भी बिहार के एक करोड़ से अधिक युवा महज ₹10,000 से ₹15,000 मासिक मज़दूरी के लिए दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में युवा रोज़गार का मुद्दा लगातार राजनीतिक विमर्श के केंद्र में रहा है। उन्होंने शिक्षित मतदाताओं — विशेषकर शिक्षकों और स्नातकों — से अपील की कि वे मुद्दों और जवाबदेही को ध्यान में रखकर मतदान करें।

BJP को नुकसान का दावा

किशोर ने यह भी दावा किया कि आगामी विधान परिषद चुनाव में BJP को नुकसान उठाना पड़ेगा। उनके अनुसार, जो मतदाता पहले मुफ्त राशन और जातीय गणित के आधार पर मतदान करते थे, वे अब नए राजनीतिक विकल्प पर विचार कर रहे हैं। गौरतलब है कि किशोर का यह बयान उनके पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा के साथ आया है, जो इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा भी बनाता है।

जन सुराज के उम्मीदवार घोषित

जन सुराज पार्टी ने विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से श्याम नंदन यादव और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. बी. मोहन को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। किशोर ने बताया कि श्याम नंदन यादव कारगिल शहीद प्रमोद यादव के भाई हैं और शिक्षण संस्थानों से लंबे समय से जुड़े रहे हैं। डॉ. बी. मोहन समाज में एक चिकित्सक के रूप में जाने जाते हैं।

बिहार विधान परिषद की पृष्ठभूमि

बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले इस चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज हो गई हैं। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र परंपरागत रूप से शिक्षित और पेशेवर मतदाताओं के लिए अलग प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करते हैं। जन सुराज जैसी नई पार्टी का इन सीटों पर उतरना इस चुनाव को और प्रतिस्पर्धी बनाता है। किशोर का यह कदम दर्शाता है कि वे परंपरागत जाति-आधारित राजनीति को चुनौती देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या विधान परिषद जैसी परोक्ष रूप से निर्वाचित संस्था वास्तव में सरकार पर दबाव बनाने में सक्षम है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से कम मतदान और सीमित राजनीतिक प्रभाव वाले रहे हैं। किशोर का BJP को नुकसान का दावा अभी महज अनुमान है — इसे विधानसभा चुनाव की पूर्व-परीक्षा के रूप में पढ़ना अधिक उचित होगा। बिहार की राजनीति में जाति-समीकरण की जड़ें इतनी गहरी हैं कि केवल 'मुद्दा-आधारित' नारे से उन्हें तोड़ना जन सुराज के लिए कठिन चुनौती बनी रहेगी।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रशांत किशोर ने बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर क्या अपील की?
प्रशांत किशोर ने मतदाताओं से अपील की कि वे इस चुनाव में सरकार की नीतियों और उसकी कमियों को ध्यान में रखकर मतदान करें। उनके अनुसार, यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि मौजूदा सरकार को अगले चार वर्षों के लिए जवाबदेह बनाने का अवसर है।
जन सुराज पार्टी ने किन उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है?
जन सुराज पार्टी ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से श्याम नंदन यादव को और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. बी. मोहन को उम्मीदवार घोषित किया है। श्याम नंदन यादव कारगिल शहीद प्रमोद यादव के भाई हैं और शिक्षण संस्थानों से जुड़े रहे हैं।
किशोर ने बिहार के युवाओं के पलायन पर क्या कहा?
किशोर ने दावा किया कि बिहार के एक करोड़ से अधिक युवा ₹10,000 से ₹15,000 मासिक मज़दूरी के लिए दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं। उन्होंने इसे सरकार की विफलता बताते हुए शिक्षित मतदाताओं से मुद्दे-आधारित मतदान की अपील की।
क्या प्रशांत किशोर ने BJP के बारे में कोई भविष्यवाणी की?
हाँ, किशोर ने दावा किया कि आगामी विधान परिषद चुनाव में BJP को नुकसान होगा। उनके अनुसार, जो मतदाता पहले मुफ्त राशन और जातीय गणित के आधार पर वोट करते थे, वे अब नए राजनीतिक विकल्प पर विचार कर रहे हैं।
बिहार विधान परिषद की कितनी सीटों पर चुनाव होने वाला है?
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव होने वाला है, जिसमें शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें भी शामिल हैं। इन सीटों पर राजनीतिक दलों की तैयारियाँ तेज हो गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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