प्रशांत किशोर का नालंदा में आह्वान: जाति-धर्म छोड़ शिक्षा-रोज़गार पर करें मतदान, सम्राट चौधरी की 'बेलगाम व्यवस्था' पर निशाना
सारांश
मुख्य बातें
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को नालंदा जिले में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से सीधे संवाद किया और उनसे जाति, धर्म तथा राजनीतिक निष्ठाओं से ऊपर उठकर शिक्षा, रोज़गार और शिक्षकों के सम्मान के मुद्दे पर मतदान करने की अपील की। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह चुनाव किसी सरकार को बनाने या गिराने का नहीं, बल्कि मौजूदा व्यवस्था को जवाबदेह बनाने का अवसर है।
मुख्य घटनाक्रम
प्रशांत किशोर ने मतदाताओं से सवाल किया कि वे तय करें — क्या वे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की 'बेलगाम व्यवस्था' में रहना चाहते हैं, या उस पर लगाम लगाना चाहते हैं। उन्होंने नालंदा-पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज समर्थित उम्मीदवारों दिव्या ज्योति और अनूप को भारी बहुमत से जिताने की अपील की।
गौरतलब है कि बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर इस समय चुनाव चल रहे हैं और जन सुराज ने सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं।
सम्राट चौधरी पर आरोप और स्पष्टीकरण
अपने एक पूर्व बयान पर उठे विवाद पर सफाई देते हुए किशोर ने कहा कि उनकी बातों को 'तोड़-मरोड़कर' पेश किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सातवीं कक्षा में अनुत्तीर्ण हैं और सात लोगों की हत्या के आरोप में जेल जा चुके हैं।
उन्होंने तर्क दिया कि यदि कोई जनप्रतिनिधि स्वयं यह तय करने लगे कि कौन अपराधी है और उसे सज़ा दी जाए, तो इसी तर्क के आधार पर सम्राट चौधरी की भी जाँच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सम्राट चौधरी के अनुसार अदालत ने उन्हें बरी किया है — तो जिन लोगों के विरुद्ध कार्रवाई हो रही है, उन्हें भी न्यायालय जाने का अधिकार मिलना चाहिए।
सरकार को सीधी चुनौती
किशोर ने खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके बयान में कुछ गलत है, तो सम्राट चौधरी की सरकार उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने बयान पर कायम हैं और किसी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी तापमान बढ़ा हुआ है।
वायरल वीडियो और भाजपा पर सवाल
जन सुराज से जुड़े एक वायरल वीडियो पर भी किशोर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि भाजपा का अपना मीडिया प्रभारी जन सुराज की तारीफ क्यों करेगा। उन्होंने मतदाताओं से कहा कि जन सुराज पर पैसे बाँटने के आरोपों की सच्चाई वे खुद परखें, क्योंकि केंद्र और बिहार दोनों में भाजपा की सरकार है।
जदयू विधायक के बयान पर टिप्पणी
जदयू विधायक अनंत सिंह के एक बयान पर पूछे जाने पर किशोर ने कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है और सत्तारूढ़ पक्ष चाहे तो इसकी जाँच कराकर उचित कार्रवाई कर सकता है। आगे के चुनाव प्रचार में जन सुराज की रणनीति और व्यापक मतदाता जुड़ाव पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।