महाराष्ट्र में सूर्य किरण एयर शो की मांग: मंत्री प्रतापराव जाधव ने राजनाथ सिंह को लिखा पत्र
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि 23 से 25 नवंबर 2026 के बीच महाराष्ट्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भारतीय वायु सेना की प्रतिष्ठित सूर्य किरण एरोबेटिक डिस्प्ले टीम का प्रदर्शन आयोजित किया जाए। इस प्रस्ताव में बुलढाणा जिले की विश्वप्रसिद्ध लोनार क्रेटर झील, अजंता गुफाएँ और एलोरा गुफाएँ — तीनों स्थलों को शामिल किया गया है।
पत्र में क्या है प्रस्ताव
जाधव ने अपने पत्र में सूर्य किरण टीम की सटीकता, उत्कृष्ट कौशल और समन्वित हवाई युद्धाभ्यास की प्रतिष्ठा का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रदर्शन भारत की विमानन क्षमताओं को जनता के सामने प्रस्तुत करते हैं और युवाओं को भारतीय वायु सेना में करियर के अवसरों की ओर प्रेरित करते हैं। मंत्री ने रक्षा मंत्रालय से आग्रह किया है कि 23, 24 या 25 नवंबर में से किसी एक तिथि पर इन स्थलों पर एरोबेटिक प्रदर्शन और संबंधित प्रेरणादायक कार्यक्रमों के लिए आवश्यक अनुमोदन दिया जाए।
लोनार क्रेटर झील की विशेषता
लोनार क्रेटर झील महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में स्थित एक दुर्लभ प्राकृतिक संरचना है, जो अपने खारे और क्षारीय जल तथा विशिष्ट भूवैज्ञानिक बनावट के कारण देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करती है। इस क्रेटर का निर्माण उल्कापात से हुआ माना जाता है, जो इसे वैज्ञानिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण बनाता है।
अजंता-एलोरा: विश्व धरोहर का गौरव
जाधव ने अपने पत्र में अजंता और एलोरा गुफाओं की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्ता का भी उल्लेख किया। ये दोनों स्थल यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में अंकित हैं और भारत की प्राचीन शिल्पकला एवं स्थापत्य के प्रतीक हैं। ऐसे प्रतिष्ठित स्थानों पर एयर शो आयोजित करने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी इनकी पहचान और मजबूत होगी।
प्रस्तावित एयर शो का उद्देश्य
प्रस्तावित कार्यक्रम का लक्ष्य इन ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहर स्थलों में एक नया सार्वजनिक आकर्षण जोड़ना है। यह आयोजन भारत की विमानन उत्कृष्टता को प्रदर्शित करने के साथ-साथ महाराष्ट्र की समृद्ध पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उजागर करने का अवसर भी प्रदान करेगा। यह पहल ऐसे समय में आई है जब सरकार हेरिटेज टूरिज्म और युवाओं में रक्षा सेवाओं के प्रति रुझान बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है।
आगे की प्रक्रिया
अब रक्षा मंत्रालय की ओर से इस प्रस्ताव पर निर्णय अपेक्षित है। यदि अनुमति मिलती है, तो आयोजन के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए जाएंगे। इस पहल पर रक्षा मंत्रालय की प्रतिक्रिया और अंतिम अनुमोदन महत्त्वपूर्ण होगा।