प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ाने की माँग तेज, संत समाज ने CM योगी को पत्र का किया समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
वृंदावन के प्रतिष्ठित संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ाने की माँग को लेकर संत समुदाय में एकजुटता तेज हो गई है। दिनेश फलाहारी महाराज द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे गए पत्र के बाद कई वरिष्ठ संतों ने इस माँग का खुलकर समर्थन किया है। संतों का कहना है कि वृंदावन और समूचे देश के संत समुदाय के गौरव माने जाने वाले प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
मुख्य घटनाक्रम
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ी आंतरिक गुटबाजी की खबरें सामने आई हैं। फलाहारी महाराज ने 4 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर माँग की कि संत की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत किया जाए। इस पत्र को संत समाज के कई प्रमुख चेहरों ने समर्थन दिया है।
संतों की प्रतिक्रिया
आर्य संत वरुण दास जी महाराज ने कहा, 'मैं दिनेश फलाहारी की प्रेमानंद महाराज जी की सुरक्षा बढ़ाने की माँग का समर्थन करता हूँ। आश्रम में हुई एक घटना के संबंध में कई तरह की गुटबाजी की खबरें आई हैं। असलियत क्या है, यह जाँच का विषय है, लेकिन यह देखते हुए कि प्रेमानंद महाराज वृंदावन धाम और पूरे देश के संत समुदाय के लिए गर्व का विषय हैं, उनकी सुरक्षा निश्चित रूप से बढ़ाई जानी चाहिए।'
महंत सीताराम दास ने कहा कि फलाहारी द्वारा लिखा गया पत्र सराहनीय है और इस गौरव को बनाए रखना सनातनियों का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार को उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
महंत राजू दास ने कहा कि पूज्य प्रेमानंद के खिलाफ लगातार बयान आते रहे हैं और कट्टरपंथी तथा विकृत मानसिकता वाले लोग सक्रिय रहे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था हमेशा अच्छी रही है और उन्हें CM योगी पर पूरा भरोसा है।
अलग राय: जगद्गुरु परमहंस आचार्य का मत
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कुछ अलग दृष्टिकोण रखा। उनके अनुसार प्रेमानंद महाराज को सुरक्षा की विशेष जरूरत नहीं है क्योंकि वे कोई राजनीतिक संत नहीं हैं और न ही उन्होंने कोई विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि असली चिंता यह है कि उनकी लोकप्रियता का कुछ लोग गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, और उनके भजन-साधना में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आनी चाहिए।
परमहंस आचार्य ने यह भी कहा कि जो 'लैंड माफिया टाइप के लोग' उनके आसपास चेले बनकर सक्रिय हैं, उनसे दूरी बनाना ज्यादा जरूरी है, बजाय सरकारी सुरक्षा के।
आम जनता और सनातन समुदाय पर असर
प्रेमानंद महाराज वृंदावन में लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। गौरतलब है कि किसी प्रमुख धार्मिक व्यक्तित्व की सुरक्षा को लेकर संत समाज का इस प्रकार एकजुट होकर सरकार से माँग करना असामान्य घटना है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में धार्मिक आस्था और आश्रम प्रशासन से जुड़े विवाद पहले से ही चर्चा में हैं।
क्या होगा आगे
अब सभी की निगाहें उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय पर टिकी हैं कि वे इस पत्र पर क्या कदम उठाते हैं। संत समुदाय द्वारा उठाई गई यह माँग आने वाले दिनों में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बन सकती है।