4 अक्टूबर 2026
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प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर CM योगी को पत्र, माफिया गुट से जान का खतरा: दिनेश शर्मा

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प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर CM योगी को पत्र, माफिया गुट से जान का खतरा: दिनेश शर्मा

सारांश

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की जान को खतरे की आशंका के बीच दिनेश शर्मा ने CM योगी को पत्र लिखा है। आरोप है कि आश्रम में माफिया तत्वों ने 15 से अधिक आश्रमों पर कब्जा किया है और यमुना खादर की जमीन से करोड़ों की संपत्ति बनाई है।

मुख्य बातें

दिनेश शर्मा ने 4 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ाने की माँग की।
शर्मा के अनुसार वृंदावन आश्रम में दो गुट बन गए हैं — एक कथित असली संतों का और दूसरा कथित माफिया तत्वों का।
आरोप है कि माफिया गुट ने आश्रम से जुड़े लगभग 15 छोटे-बड़े आश्रमों पर कब्जा कर लिया है।
कथित तौर पर यमुना खादर की जमीन बेचकर करोड़ों-अरबों रुपये की संपत्ति जमा किए जाने का आरोप है।
उत्तर प्रदेश सरकार या पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की जान को खतरे की आशंका जताते हुए श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने 4 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर महाराज की सुरक्षा बढ़ाने की माँग की है। शर्मा का कथित तौर पर आरोप है कि वृंदावन स्थित आश्रम में भू-माफिया और अन्य आपराधिक तत्वों की घुसपैठ हो चुकी है, जो महाराज को नुकसान पहुँचा सकते हैं।

आश्रम में दो गुटों का विवाद

दिनेश शर्मा ने दावा किया कि प्रेमानंद महाराज के आश्रम में अब दो अलग-अलग गुट बन चुके हैं। उनके अनुसार, 'एक गुट असली संतों का है और दूसरा नकली संतों का। जो असली संत हैं, वे सभी प्रेमानंद महाराज जी के साथ आश्रम से लगभग 20 किलोमीटर दूर यमुना किनारे रहकर भजन, साधना और तपस्या कर रहे हैं।'

शर्मा का कहना है कि दूसरे गुट में कथित तौर पर भू-माफिया और बच्चा माफिया जैसे तत्व शामिल हो गए हैं। उनके अनुसार इस गुट ने आश्रम से जुड़े लगभग 15 छोटे-बड़े आश्रमों पर कब्जा कर लिया है।

माफिया पर संपत्ति हड़पने का आरोप

शर्मा ने आरोप लगाया कि इस कथित माफिया गुट ने यमुना खादर की जमीन बेचकर करोड़ों-अरबों रुपये की संपत्ति इकट्ठा कर ली है। उन्होंने माँग की कि इस गुट की विधिवत जाँच होनी चाहिए। गौरतलब है कि ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।

शर्मा का यह भी आरोप है कि यह माफिया गुट भीड़ में अपने लोगों को भेजकर अराजकता फैला रहा है। उन्होंने दावा किया कि 'साधुओं की हत्या की जा रही है और बच्चे गायब हो रहे हैं' — हालाँकि इन दावों की पुष्टि अधिकारियों की ओर से अभी तक नहीं हुई है।

CM योगी से सुरक्षा की अपील

शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताते हुए कहा, 'हमारे मुख्यमंत्री संतों के रक्षक हैं। हमें विश्वास है कि वे महाराज को सुरक्षा जरूर प्रदान करेंगे।' उन्होंने इस माँग को राष्ट्रहित से भी जोड़ा और कहा कि प्रेमानंद महाराज के करोड़ों अनुयायी हैं और उन्होंने अनगिनत सनातन हिंदुओं को सन्मार्ग दिखाया है।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों और संतों की सुरक्षा का मुद्दा पहले से चर्चा में है। मुख्यमंत्री कार्यालय या उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से अभी तक इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

प्रेमानंद महाराज कौन हैं

प्रेमानंद महाराज वृंदावन के एक प्रतिष्ठित आध्यात्मिक संत हैं, जिनके सोशल मीडिया और जनजीवन में करोड़ों अनुयायी हैं। उनके प्रवचन और भजन-साधना की शैली ने उन्हें देशभर में व्यापक पहचान दिलाई है। उनसे जुड़े किसी भी विवाद पर उनकी ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है।

आगे क्या होगा

दिनेश शर्मा के पत्र के बाद यह देखना अहम होगा कि राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश पुलिस इन आरोपों पर क्या कदम उठाती है। यदि माफिया गुट की जाँच के आदेश दिए जाते हैं, तो वृंदावन के धार्मिक संस्थानों में हो रहे कथित अतिक्रमण का मामला और अधिक उजागर होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अभी तक एकतरफा हैं — न तो आश्रम पक्ष की, न उत्तर प्रदेश पुलिस की कोई प्रतिक्रिया सामने आई है। धार्मिक संस्थाओं पर माफिया कब्जे के आरोप नए नहीं हैं, और कई बार ये आंतरिक संपत्ति विवादों की आड़ में भी उठाए जाते हैं। असली परीक्षा यह है कि सरकार इस पत्र को महज़ राजनीतिक मुद्दा मानती है या ठोस जाँच का आदेश देती है। प्रेमानंद महाराज जैसे बड़े सार्वजनिक धार्मिक व्यक्तित्व से जुड़े किसी भी अनसुलझे विवाद के करोड़ों अनुयायियों में गहरे सामाजिक असर हो सकते हैं।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रेमानंद महाराज की जान को खतरा क्यों बताया जा रहा है?
दिनेश शर्मा के अनुसार, वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम में कथित भू-माफिया और बच्चा माफिया तत्व घुस चुके हैं जो महाराज को नुकसान पहुँचा सकते हैं। ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
दिनेश शर्मा ने CM योगी को पत्र में क्या माँग की है?
दिनेश शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आश्रम में घुसपैठ कर चुके कथित माफिया गुट की विधिवत जाँच कराने की माँग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस गुट ने 15 से अधिक आश्रमों पर कब्जा किया है।
वृंदावन आश्रम विवाद में दो गुट कौन-कौन से हैं?
शर्मा के दावे के अनुसार एक गुट वे संत हैं जो प्रेमानंद महाराज के साथ आश्रम से लगभग 20 किलोमीटर दूर यमुना किनारे साधना में हैं, जबकि दूसरे गुट में कथित माफिया तत्व शामिल हैं। दूसरे गुट पर यमुना खादर की जमीन बेचकर करोड़ों की संपत्ति जमा करने का भी आरोप है।
प्रेमानंद महाराज कौन हैं?
प्रेमानंद महाराज वृंदावन के एक प्रतिष्ठित आध्यात्मिक संत हैं, जिनके देशभर में करोड़ों अनुयायी हैं। उनके भजन, प्रवचन और साधना-शैली ने उन्हें सोशल मीडिया और धार्मिक जगत में व्यापक पहचान दिलाई है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस पत्र पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक मुख्यमंत्री कार्यालय या उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से दिनेश शर्मा के पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आगे सरकार क्या कदम उठाती है, यह देखना बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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