विराट कोहली पर ₹5 करोड़ का आरोप: फलाहारी महाराज बोले — जाँच कराओ, सच सामने आएगा
सारांश
मुख्य बातें
क्रिकेटर विराट कोहली और प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ा विवाद 7 अक्टूबर 2026 को और गहरा गया, जब 'फलाहारी महाराज' के नाम से जाने जाने वाले दिनेश शर्मा ने अपने आरोपों को दोहराते हुए बैंक खातों की जाँच की माँग की। शर्मा का कथित तौर पर कहना है कि कोहली पहली बार ₹5 करोड़ लेकर मथुरा स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुँचे थे — एक आरोप जिसे कोहली के प्रवक्ता ने पूरी तरह नकार दिया है।
दिनेश शर्मा के आरोप
दिनेश शर्मा ने बुधवार को अपने बयान में कहा, 'उस समय महाराज न विराट कोहली को जानते थे और न ही विराट कोहली महाराज को जानते थे। ये एक पीआर कंपनी और प्रॉपर्टी वाला ग्रुप था, जो विराट कोहली को महाराज के पास लाया था।' शर्मा के अनुसार, 'महाराज की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए पहले ₹2 करोड़ और बाद में ₹3 करोड़ रुपये दिए गए थे।' उन्होंने यह भी माँग की कि कोहली की कंपनी और संबंधित पीआर कंपनी के बैंक खाते जाँचे जाएँ ताकि 'दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए।'
विराट कोहली के प्रवक्ता का खंडन
कोहली के प्रवक्ता ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने विराट कोहली के बारे में जो दावे किए हैं, वे पूरी तरह से झूठे, बेबुनियाद और तथ्यों के लिहाज से गलत हैं।' प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि विराट कोहली प्रेमानंद महाराज से मिलने इसलिए जाते हैं, क्योंकि उनकी महाराज जी में गहरी 'आस्था और श्रद्धा' है। प्रवक्ता ने मीडिया से भी अपील की कि ऐसे दावों को रिपोर्ट करने से पहले 'तथ्यों की जाँच' करें और 'जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग' करें।
शर्मा के अनुसार कोहली की आश्रम में भूमिका
दिनेश शर्मा ने यह भी कहा कि कोहली पहली बार आने के बाद महाराज के 'भक्त' बन गए और बाद में उन्होंने 'कई गुना धन आश्रम में लगाया।' उनके अनुसार, आश्रम में बने बड़े भवनों में कोहली का पैसा लगा है और हजारों साधकों के भोजन, पानी व बिजली की व्यवस्था कोहली करते हैं। शर्मा ने यह भी जोड़ा कि 'विराट कोहली बुरे नहीं हैं — वह राधा नाम के उपासक हो चुके हैं', लेकिन उन्होंने पहली यात्रा पर अपने आरोप से पीछे हटने से इनकार किया।
आरोपों का कोई प्रमाण नहीं
गौरतलब है कि दिनेश शर्मा द्वारा लगाए गए आरोपों के समर्थन में अब तक कोई दस्तावेज़ी सबूत सार्वजनिक नहीं हुआ है। यह भी उल्लेखनीय है कि विराट कोहली अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ कई बार प्रेमानंद महाराज के आश्रम जा चुके हैं और उनकी आध्यात्मिक आस्था सार्वजनिक रूप से जानी-मानी है।
आगे क्या
फिलहाल इस विवाद में कोई आधिकारिक जाँच शुरू होने की सूचना नहीं है। दिनेश शर्मा की बैंक खाता जाँच की माँग को लेकर न तो कोई एफआईआर दर्ज की गई है, और न ही किसी सरकारी एजेंसी ने इस पर संज्ञान लेने का संकेत दिया है। यह देखना होगा कि क्या यह विवाद किसी औपचारिक जाँच तक पहुँचता है या सार्वजनिक बहस तक ही सीमित रहता है।