विराट कोहली के प्रवक्ता का खंडन: फलाहारी महाराज के ₹5 करोड़ वाले दावे 'पूरी तरह झूठे'
सारांश
मुख्य बातें
विराट कोहली के आधिकारिक प्रवक्ता ने 7 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट रूप से कहा कि 'फलाहारी महाराज' के नाम से जाने जाते दिनेश शर्मा द्वारा वृंदावन यात्रा के लिए ₹5 करोड़ लेने के आरोप 'पूरी तरह से झूठे, बेबुनियाद और तथ्यों के लिहाज से गलत' हैं। प्रवक्ता ने मीडिया से भी अपील की है कि ऐसे दावों को फैलाने से पहले तथ्यों की जाँच की जाए।
क्या है पूरा आरोप
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दिनेश शर्मा उर्फ फलाहारी महाराज ने दावा किया कि विराट कोहली जब 2023 में पहली बार प्रेमानंद महाराज के आश्रम गए थे, तब उन्होंने इसके लिए ₹5 करोड़ का भुगतान किया था। दिनेश शर्मा के मुताबिक, यह सब प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता बढ़ाने के मकसद से किया गया था। हालाँकि, इस दावे के समर्थन में अब तक कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
कोहली के प्रवक्ता का आधिकारिक बयान
कोहली के प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा, 'हम साफतौर पर कहना चाहते हैं कि फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने विराट कोहली के बारे में जो दावे किए हैं, वे पूरी तरह से झूठे, बेबुनियाद और तथ्यों के लिहाज से गलत हैं।' प्रवक्ता ने आगे कहा, 'विराट कोहली प्रेमानंद महाराज जी से सिर्फ इसलिए मिलने जाते हैं, क्योंकि उनकी महाराज जी में गहरी आस्था और श्रद्धा है।' बयान में मीडिया से 'जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करने' की अपील भी की गई।
कोहली और प्रेमानंद महाराज का संबंध
गौरतलब है कि विराट कोहली अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ समय-समय पर प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाते रहे हैं। वे नीम करोली बाबा आश्रम का भी दौरा कर चुके हैं। टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के तुरंत बाद भी कोहली प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुँचे थे, जो उनकी आध्यात्मिक आस्था को दर्शाता है।
मैदान पर कोहली का हालिया प्रदर्शन
विराट कोहली हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई वनडे सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा रहे। पहले वनडे में उन्होंने 88 गेंदों में 139 रनों की नाबाद पारी खेली और मात्र 74 गेंदों में शतक पूरा किया, जो उनके वनडे करियर का तीसरा सबसे तेज शतक रहा। इस पारी के दौरान कोहली ने वनडे क्रिकेट में अपने 15,000 रन भी पूरे किए।
आगे क्या होगा
कोहली के प्रवक्ता ने स्पष्ट खंडन के बावजूद यह नहीं बताया कि क्या इस मामले में दिनेश शर्मा के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर खिलाड़ियों से जुड़ी अफवाहें तेजी से फैलती हैं और उनका खंडन करना खिलाड़ी के प्रबंधन की नियमित आवश्यकता बन गई है।