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लैंड जिहाद से ST महिलाओं की ज़मीन हड़पी जा रही है, UCC ही एकमात्र हल: डिप्टी CM विजय शर्मा

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लैंड जिहाद से ST महिलाओं की ज़मीन हड़पी जा रही है, UCC ही एकमात्र हल: डिप्टी CM विजय शर्मा

सारांश

छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM विजय शर्मा ने सीधे कहा — 'लैंड जिहाद' आदिवासी महिलाओं की ज़मीन हड़पने का औज़ार बन चुका है और UCC ही इसका एकमात्र समाधान है। पश्चिम बंगाल में UCC की तैयारी और बस्तर में 3,600 दिव्यांग पीड़ितों के पंजीकरण की पृष्ठभूमि में यह बयान राजनीतिक बहस को नई धार दे रहा है।

मुख्य बातें

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 5 अक्टूबर 2026 को कहा कि 'लैंड जिहाद' के ज़रिये अनुसूचित जनजाति महिलाओं की संपत्ति हड़पी जा रही है।
शर्मा ने UCC (यूनिफॉर्म सिविल कोड) को इस समस्या का एकमात्र प्रभावी समाधान बताया।
जगदलपुर में 5-7 अक्टूबर तक चल रहे शिविर में IED पीड़ितों समेत 3,600 दिव्यांगों का पंजीकरण हुआ; 15-17 अक्टूबर को दंतेवाड़ा में भी आयोजन होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पुनर्वास कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित किया।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने UCC को राज्यवार नहीं, बल्कि पूरे देश में एक साथ व्यापक बहस के बाद लागू करने की माँग की।

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 5 अक्टूबर 2026 को रायपुर में कहा कि जिसे 'लैंड जिहाद' कहा जा रहा है, वह अनुसूचित जनजाति (ST) समाज की महिलाओं की संपत्ति हड़पने का एक सुनियोजित तरीका है — और इस पर रोक लगाने का एकमात्र प्रभावी उपाय यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लागू करना है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में UCC लागू करने की कवायद तेज़ होने की ख़बरें हैं।

लैंड जिहाद पर विजय शर्मा का बयान

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जहाँ किसी व्यक्ति को एक से अधिक विवाह करने की कानूनी छूट होती है, वहाँ कुछ लोग विशेष रूप से अनुसूचित जनजाति समाज की महिलाओं से विवाह कर उनकी पैतृक संपत्तियाँ अपने नाम करवा लेते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह दूसरी-तीसरी शादियाँ होती हैं और कालांतर में वह संपत्ति — चाहे शहरी हो या ग्रामीण — आदिवासी परिवारों के हाथ से निकल जाती है।

शर्मा ने कहा, 'यह मूलतः संविधान की भावना के विपरीत है। यदि इसे समझकर इस विषय पर काम शुरू किया गया है और कोई समाधान खोजा गया है, तो यह अच्छी बात है।'

बस्तर में दिव्यांग पुनर्वास शिविर का ऐलान

इसी प्रेस वार्ता में विजय शर्मा ने बस्तर संभाग में चल रहे पुनर्वास अभियान का भी विवरण दिया। उन्होंने बताया कि जगदलपुर में 5 से 7 अक्टूबर तक शिविर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें नारायणपुर, कांकेर, कोंडागांव और बस्तर जिलों के गाँवों में ग्राम सभाएँ की जा रही हैं।

शर्मा के अनुसार, आईईडी विस्फोटों या अन्य कारणों से दिव्यांग हुए लोगों की पहचान कर उन्हें कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए अब तक 3,600 लोगों का पंजीकरण हो चुका है। इसी क्रम में 15, 16 और 17 अक्टूबर को दंतेवाड़ा में भी बड़ा आयोजन होगा, जिसमें दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों के लोग शामिल होंगे। इस अभियान में अब तक एक हज़ार से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को इस कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित किया। शर्मा ने कहा कि साय सरकार उन सभी लोगों के साथ खड़ी है जिनके आईईडी ब्लास्ट में पैर कट गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के जज के बयान पर प्रतिक्रिया

एक अन्य सवाल के जवाब में विजय शर्मा ने सर्वोच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश के हालिया बयान का हवाला देते हुए कहा कि यह एक 'पारंपरिक और बुनियादी सिद्धांत' है — अपराधियों को पुलिस को देखकर डर लगना चाहिए, जबकि कानून का पालन करने वाले नागरिकों को भरोसा और विश्वास महसूस होना चाहिए। उन्होंने इस सिद्धांत को पूरी सख्ती से लागू करने की वकालत की।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया: UCC पर देशव्यापी बहस हो

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल में UCC लागू होने की संभावना पर कहा, 'अगर इसे लागू किया गया तो क्या होगा? क्या आसमान गिर पड़ेगा? क्या देश बँट जाएगा? कई राज्यों में UCC पहले से ही लागू है, तो इससे क्या फर्क पड़ता है? अगर भाजपा इसे चाहती है तो उन्हें इसे पूरे देश में लागू करना चाहिए।'

चौधरी ने यह भी कहा कि अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग UCC लागू करने के बजाय सभी से व्यापक विमर्श होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'हमारा देश विविधता में एकता वाला देश है। यहाँ अलग-अलग धर्मों और भाषाओं के लोग रहते हैं, जिनकी अपनी परंपराएँ, संस्कृतियाँ और पर्सनल लॉ हैं। इस विविधता को ध्यान में रखते हुए UCC पर ठीक से चर्चा होनी चाहिए।'

आगे की राह

UCC पर राष्ट्रीय बहस तेज़ होती जा रही है। गौरतलब है कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है जहाँ UCC लागू किया गया है, और अब पश्चिम बंगाल में भी इसकी तैयारी की चर्चा है। आलोचकों का कहना है कि ST महिलाओं की ज़मीन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए UCC के साथ-साथ मौजूदा आदिवासी भूमि कानूनों को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाना ज़रूरी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आदिवासी महिलाओं की भूमि-सुरक्षा की चिंता वास्तविक और दस्तावेज़ीकृत है — इसे नज़रअंदाज़ करना गलत होगा। विजय शर्मा का UCC को समाधान बताना एक कानूनी तर्क है, पर विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि मौजूदा पेसा कानून और अनुसूचित क्षेत्र भूमि हस्तांतरण नियमों को ही सख्ती से लागू किया जाए तो बड़ी राहत मिल सकती है। पश्चिम बंगाल में UCC की तैयारी और बस्तर में दिव्यांग पुनर्वास — दोनों मुद्दों को एक ही प्रेस वार्ता में जोड़ना बताता है कि BJP का 2026 का एजेंडा आदिवासी कल्याण और UCC को एक साथ साधने की कोशिश कर रहा है। असली कसौटी यह होगी कि कानून बनने के बाद ज़मीन पर क्रियान्वयन कितना पारदर्शी और समयबद्ध होता है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजय शर्मा ने 'लैंड जिहाद' से क्या मतलब बताया?
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के अनुसार, 'लैंड जिहाद' वह प्रक्रिया है जिसमें कुछ लोग एक से अधिक विवाह की छूट का फायदा उठाकर अनुसूचित जनजाति की महिलाओं से शादी करते हैं और धीरे-धीरे उनकी पैतृक संपत्ति अपने नाम करवा लेते हैं। उनका कहना है कि यह संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है।
UCC से लैंड जिहाद कैसे रुकेगा?
विजय शर्मा का तर्क है कि UCC लागू होने पर बहुविवाह पर रोक लगेगी, जिससे इस तरह की संपत्ति हड़पने की प्रक्रिया स्वतः समाप्त हो जाएगी। उनके अनुसार, पश्चिम बंगाल में UCC की तैयारी इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
बस्तर दिव्यांग पुनर्वास शिविर में क्या हो रहा है?
जगदलपुर में 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक चल रहे शिविर में IED विस्फोटों और अन्य कारणों से दिव्यांग हुए लोगों के लिए कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक 3,600 लोगों का पंजीकरण हो चुका है और 15-17 अक्टूबर को दंतेवाड़ा में अगला शिविर लगेगा।
कांग्रेस का UCC पर क्या रुख है?
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने UCC का विरोध तो नहीं किया, लेकिन कहा कि इसे राज्यवार अलग-अलग लागू करने के बजाय पूरे देश में एकसाथ, व्यापक बहस के बाद लागू करना चाहिए। उन्होंने देश की 'विविधता में एकता' को ध्यान में रखने पर जोर दिया।
किन राज्यों में अभी UCC लागू है या होने की तैयारी है?
उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहाँ UCC लागू किया गया है। अब पश्चिम बंगाल में भी इसकी तैयारी की खबरें हैं। अधीर रंजन चौधरी ने भी संकेत दिया कि कई राज्यों में UCC पहले से किसी न किसी रूप में लागू है।
राष्ट्र प्रेस
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