राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से की महत्वपूर्ण चर्चा

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से की महत्वपूर्ण चर्चा

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से भेंट कर अध्यात्म और जनकल्याण पर गहन चर्चा की। इस मुलाकात में समाज के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण विचार साझा किए गए।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की।
फोकस अध्यात्म , सेवा और जनकल्याण पर रहा।
राष्ट्रपति की यात्रा में वात्सल्य ग्राम का भी दौरा शामिल है।
यात्रा का समापन गोवर्धन में प्रार्थना के साथ होगा।
अयोध्या में श्री राम यंत्र की स्थापना की गई।

वृंदावन, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु वर्तमान में उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। इस क्रम में शुक्रवार को राष्ट्रपति ने वृंदावन का दौरा किया, जहाँ उन्होंने श्री हित राधा केली कुंज आश्रम में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से भेंट की। इस शिष्टाचार मुलाकात में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जहाँ दोनों ने मुख्य रूप से अध्यात्म, सेवा और जनकल्याण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

आश्रम में पहुँचते ही प्रेमानंद महाराज के अनुयायियों और शिष्यों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का भव्य स्वागत किया। राष्ट्रपति ने आश्रम में समय बिताते हुए संत के आशीर्वाद लिया और उनके विचारों को समझा। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक मार्गदर्शक समाज में सेवा और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देते हैं। दोनों के बीच बातचीत में समाज की भलाई और जनता के कल्याण पर भी चर्चा हुई।

इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति अपनी यात्रा के दौरान साध्वी ऋतंभरा द्वारा स्थापित वात्सल्य ग्राम में भी जाएंगी। यह संस्था बुजुर्गों और अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए प्रसिद्ध है, और राष्ट्रपति वहाँ जाकर संस्थान के कार्यों की जानकारी लेंगी और बच्चों एवं बुजुर्गों से मिलेंगी।

राष्ट्रपति की यात्रा का समापन 21 मार्च को गोवर्धन के दंगहाटी मंदिर में प्रार्थना और सात मील की पारंपरिक गोवर्धन परिक्रमा के साथ होगा। इसके बाद वे नई दिल्ली लौटेंगी।

इससे पहले, उन्होंने 19 मार्च को अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना की और वैदिक मंत्रों के साथ प्रार्थना की। यह यंत्र मंदिर की दूसरी मंजिल पर स्थापित किया गया है, जिसको मंदिर निर्माण का अंतिम स्तर माना जा रहा है। इस स्थापना के साथ ही मंदिर का निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा हुआ माना जा रहा है।

इसके बाद राष्ट्रपति गुरुवार शाम मथुरा में इस्कॉन मंदिर गईं, जहाँ उन्होंने प्रार्थना की और शाम की आरती में हिस्सा लिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समाज कल्याण के मुद्दों पर भी गहरी चर्चा की। यह यात्रा एक महत्वपूर्ण कदम है जो समाज में सेवा और नैतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने की दिशा में है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति ने वृंदावन में किस संत से भेंट की?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संत प्रेमानंद महाराज से भेंट की।
इस मुलाकात में किस विषय पर चर्चा हुई?
इस मुलाकात में अध्यात्म , सेवा और जनकल्याण पर चर्चा हुई।
राष्ट्रपति की यात्रा का समापन कब होगा?
राष्ट्रपति की यात्रा का समापन 21 मार्च को गोवर्धन में प्रार्थना के साथ होगा।
राष्ट्रपति ने अयोध्या में क्या किया?
राष्ट्रपति ने अयोध्या में श्री राम यंत्र की स्थापना की।
राष्ट्रपति की यात्रा में अन्य स्थान कौन से शामिल हैं?
राष्ट्रपति की यात्रा में वात्सल्य ग्राम और मथुरा के इस्कॉन मंदिर भी शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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