राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का गोवर्धन दौरा: गोल्फ कार्ट से 7 कोस की परिक्रमा
सारांश
Key Takeaways
- द्रौपदी मुर्मु ने गोवर्धन यात्रा के दौरान 7 कोस की परिक्रमा की।
- वे गोवर्धन पहुंचने वाली पहली राष्ट्रपति हैं।
- उन्हें रामकृष्ण मिशन का उद्घाटन करने का अवसर मिला।
- राष्ट्रपति ने इस्कॉन मंदिर में प्रार्थना की।
- उन्होंने वात्सल्य ग्राम का दौरा कर बुजुर्गों और बच्चों से मुलाकात की।
मथुरा, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मथुरा का दौरा करते हुए शनिवार को गोवर्धन पहुंचकर गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा शुरू की। वे इस पर्वत की परिक्रमा करने वाली देश की पहली राष्ट्रपति हैं।
दिल्ली लौटने से पूर्व राष्ट्रपति मुर्मु ने गोवर्धन की 7 कोस की परिक्रमा गोल्फ कार्ट के माध्यम से की। परिक्रमा पूरी करने के बाद वे नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी।
इससे पहले, राष्ट्रपति मुर्मु ने शुक्रवार को वृंदावन में रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में नंद किशोर सोमानी कैंसर चिकित्सा ब्लॉक का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि रामकृष्ण मिशन आध्यात्मिक चेतना और मानवता की सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। रामकृष्ण परमहंस की गहन भक्ति ने ऐसी ऊर्जा उत्पन्न की, जिसे उनके प्रमुख शिष्य स्वामी विवेकानंद ने मानवता के कल्याण के लिए संस्थागत रूप दिया। यह मिशन निरंतर यह संदेश फैलाता है कि प्रेम, सेवा और करुणा ही ईश्वर की प्राप्ति का सर्वोच्च मार्ग है।
गुरुवार शाम को राष्ट्रपति मथुरा पहुंची और वहां इस्कॉन मंदिर गईं। उन्होंने मंदिर में प्रार्थना की और शाम की आरती में भाग लिया। शुक्रवार को राष्ट्रपति ने वृंदावन में श्री हित राधा केली कुंज आश्रम में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। इस शिष्टाचार भेंट में दोनों ने अध्यात्म, सेवा और जनकल्याण पर चर्चा की।
आश्रम पहुंचने पर प्रेमानंद महाराज के अनुयायियों ने राष्ट्रपति का भव्य स्वागत किया। राष्ट्रपति ने आश्रम में समय बिताते हुए संत का आशीर्वाद लिया और उनके विचारों को समझा।
राष्ट्रपति ने साध्वी ऋतंभरा द्वारा स्थापित संस्था वात्सल्य ग्राम का भी दौरा किया, जो बुजुर्गों और अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए प्रसिद्ध है। राष्ट्रपति ने वहां जाकर संस्थान के कार्यों की जानकारी ली और बच्चों तथा बुजुर्गों से मुलाकात की।