प्रीमियम पेट्रोल की कीमत में 2.09 रुपए की वृद्धि, सामान्य ईंधन दरों में नहीं हुआ कोई बदलाव
सारांश
Key Takeaways
- प्रीमियम पेट्रोल की कीमत में 2.09 रुपए की वृद्धि हुई है।
- यह बढ़ोतरी 20 मार्च से प्रभावी है।
- सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं है।
- यह स्थिति वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के उतार-चढ़ाव से प्रभावित है।
- भविष्य में और बदलाव की संभावना बनी हुई है।
नई दिल्ली, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनावों के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के चलते, तेल विपणन कंपनियों ने शुक्रवार को प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2.09 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है, जो कि 20 मार्च से प्रभावी हो गई है।
सरकारी तेल विपणन कंपनियों, जैसे कि हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड, ने अपने प्रीमियम पेट्रोल वेरिएंट की कीमतों में लगभग 2.09 से 2.35 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की है।
इस परिवर्तन के बाद, पावर पेट्रोल और एक्सपी95 जैसे ब्रांडेड ईंधन की कीमतें लगभग 111.68 रुपए प्रति लीटर से बढ़कर 113.77 रुपए प्रति लीटर हो गई हैं। हालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिससे आम वाहन चालकों को थोड़ी राहत मिली है।
यह निर्णय विशेषकर उन उपभोक्ताओं पर प्रभाव डालेगा जो हाई-ऑक्टेन या प्रीमियम पेट्रोल का उपयोग करते हैं।
प्रीमियम पेट्रोल आमतौर पर बेहतर इंजन परफॉर्मेंस, स्मूद ड्राइविंग और बेहतर माइलेज के लिए जाना जाता है। इस प्रकार इसकी कीमतों में वृद्धि होने से कार और बाइक मालिकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ना निश्चित है।
खासकर मेट्रो शहरों और उच्च परफॉर्मेंस वाहनों का उपयोग करने वाले लोगों को इसका अधिक प्रभाव झेलना पड़ सकता है।
हालांकि, सरकार या तेल कंपनियों की ओर से इस वृद्धि का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है, लेकिन मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बढ़ती लॉजिस्टिक्स लागत इसके पीछे मुख्य कारण हो सकते हैं।
यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक कच्चे तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 19 मार्च को तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई थी। ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 111.78 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) भी लगभग 99.57 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह उछाल इजरायल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले और इसके जवाब में ईरान द्वारा कतर के रास लाफान औद्योगिक शहर को निशाना बनाए जाने की खबरों के बाद आया है। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
भारत जैसे देश, जो अपनी करीब 90 प्रतिशत कच्चे तेल की जरूरत आयात से पूरी करते हैं, ऐसे वैश्विक घटनाक्रमों से प्रत्यक्ष प्रभावित होते हैं। फिलहाल कंपनियों ने सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखा है, लेकिन प्रीमियम पेट्रोल में बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार का दबाव बढ़ रहा है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव जारी रहता है और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो भविष्य में घरेलू ईंधन कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।