राष्ट्रपति मुर्मु जबलपुर पहुंचीं, 21 जून को गैरिसन ग्राउंड में योग दिवस का नेतृत्व करेंगी
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 20 जून 2026 को भारतीय वायु सेना के विशेष विमान से जबलपुर पहुंचीं, जहाँ वे 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक गैरिसन ग्राउंड में योगाभ्यास सत्र का नेतृत्व करेंगी। यह पहला अवसर होगा जब किसी मौजूदा राष्ट्रपति ने इस प्रतिष्ठित मैदान पर योग कार्यक्रम में भाग लिया हो।
स्वागत और प्रवास कार्यक्रम
जबलपुर पहुंचने पर राष्ट्रपति मुर्मु का स्वागत उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने किया। स्वागत समारोह में राज्यपाल मंगूभाई पटेल, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति का जबलपुर में लगभग 19 घंटे का प्रवास निर्धारित है। वे शनिवार रात सर्किट हाउस में विश्राम करेंगी। रविवार सुबह 7 बजे गैरिसन ग्राउंड में विश्व योग दिवस कार्यक्रम में भाग लेने के बाद दोपहर 11:50 बजे रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में भी शामिल होंगी।
गैरिसन ग्राउंड का ऐतिहासिक महत्व
सदर इलाके में स्थित यह मैदान ब्रिटिश-कालीन सैन्य छावनी की विरासत का प्रतीक है। औपनिवेशिक शासन के दौरान सदर क्षेत्र सैन्य गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था, जिसके कारण इस मैदान को 'गैरिसन ग्राउंड' की पहचान मिली।
आज़ादी के बाद 1953 में इसे व्यवस्थित रूप से विकसित किया गया। तब से यह मैदान फर्स्ट-क्लास क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी और एथलेटिक्स सहित अनेक खेल प्रतियोगिताओं का गवाह रहा है — यहाँ तक कि वेस्ट इंडीज क्रिकेट टीम के मैच भी यहाँ आयोजित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की ऐतिहासिक जनसभाएं भी इसी मैदान पर हुई थीं।
गौरतलब है कि 2023 में तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इसी स्थल पर योग दिवस समारोह में भाग लिया था। राष्ट्रपति मुर्मु की उपस्थिति उस परंपरा को एक नई ऊँचाई देती है।
मध्य प्रदेश का पाँच दिवसीय दौरा
राष्ट्रपति मुर्मु इन दिनों मध्य प्रदेश के पाँच दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं। जबलपुर के बाद उनका कार्यक्रम 21 जून की रात ग्वालियर पहुंचने और फिर वायु सेना के विशेष हेलीकॉप्टर से श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क के पालपुर जाने का है।
22 जून को राष्ट्रपति कूनो में चीता बाड़ों का निरीक्षण करेंगी, बोत्सवाना से लाए गए चीतों की देखभाल का जायजा लेंगी और महत्वाकांक्षी 'प्रोजेक्ट चीता' की समग्र प्रगति की समीक्षा करेंगी। इसके साथ ही वे चीता सफारी में भाग लेंगी और 'चीता मित्रों', चीता मॉनिटरिंग टीम के सदस्यों तथा स्थानीय कूनो गाइडों से संवाद करेंगी।
आम जनता और योग समुदाय पर असर
स्थानीय प्रशासन, योग संगठनों और नागरिक समाज ने इस आयोजन को भव्य और सुचारू बनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ की हैं। राष्ट्रपति की उपस्थिति से हजारों योग प्रेमियों को प्रेरणा मिलने और शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है।
यह आयोजन जबलपुर को राष्ट्रीय मानचित्र पर एक बार फिर केंद्र में लाता है — और गैरिसन ग्राउंड के शानदार इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है।