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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जबलपुर में राष्ट्रपति मुर्मु बोलीं — योग विश्व चेतना से जोड़ने का सशक्त माध्यम

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जबलपुर में राष्ट्रपति मुर्मु बोलीं — योग विश्व चेतना से जोड़ने का सशक्त माध्यम

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 21 जून को जबलपुर में योग दिवस समारोह में भाग लेकर कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं — यह मानवता को विश्व चेतना से जोड़ने का माध्यम है। इस वर्ष की थीम 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' वरिष्ठ नागरिकों के आत्मनिर्भर जीवन पर केंद्रित है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 21 जून 2025 को जबलपुर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में सहभागिता की और योगाभ्यास किया।
मुर्मु ने कहा कि योग व्यक्ति को स्वयं, समाज और विश्व चेतना से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
वर्ष 2014 में भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था।
इस वर्ष की थीम 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' वरिष्ठ नागरिकों के स्वस्थ और आत्मनिर्भर जीवन पर केंद्रित है।
अहमदाबाद में आयोजित प्रथम 'वर्ल्ड योगासन एक्सपर्ट चैंपियनशिप' में कई देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 21 जून 2025 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में सहभागिता की और योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को स्वयं और समाज से, समाज को प्रकृति से तथा संपूर्ण मानवता को विश्व चेतना से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। जबलपुर में आयोजित यह कार्यक्रम देशभर में मनाए जा रहे योग दिवस समारोहों में से एक प्रमुख आयोजन रहा।

राष्ट्रपति का संबोधन

समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने देशवासियों और विश्वभर के योग साधकों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा, 'जबलपुर की पावन धरती पर उपस्थित होकर मुझे प्रसन्नता हो रही है। आज हम भारत की उस महान परंपरा का उत्सव मना रहे हैं, जिसने मानवता को स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग दिखाया है। योग विश्व समुदाय के लिए हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य उपहार है। यह हमारे ऋषियों-मुनियों की हजारों वर्षों की साधना का परिणाम है।'

मुर्मु ने योग के मूल अर्थ को रेखांकित करते हुए कहा, 'हमारे शास्त्रों में शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को जीवन की सफलता का आधार माना गया है। योग उसी संतुलन को स्थापित करने का मार्ग है। योग का शाब्दिक अर्थ है 'जोड़ना' — यह व्यक्ति को स्वयं और समाज से, समाज को प्रकृति से तथा संपूर्ण मानवता को विश्व चेतना से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।'

वैश्विक चुनौतियों में योग की भूमिका

राष्ट्रपति ने कहा कि आज जब विश्व अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब योग मानवता को शांति, संतुलन, समरसता और सामूहिक कल्याण का मार्ग दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने स्मरण दिलाया कि वर्ष 2014 में भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रति वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि इस पहल के बाद विश्व कल्याण के एक सशक्त माध्यम के रूप में योग की पहचान और अधिक मजबूत हुई है तथा आज दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं।

वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप और वैश्विक स्वीकार्यता

मुर्मु ने बताया कि इसी महीने अहमदाबाद में आयोजित प्रथम 'वर्ल्ड योगासन एक्सपर्ट चैंपियनशिप' भी योग की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का एक उदाहरण है, जिसमें कई देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने अपने विदेश दौरों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वे विदेश यात्राओं पर जाती हैं, तो वहाँ के लोग योग के बारे में जिज्ञासा से पूछते हैं और कई देशों में नियमित रूप से योगाभ्यास किया जाता है।

इस वर्ष की थीम: 'योग फॉर हेल्दी एजिंग'

राष्ट्रपति ने इस वर्ष की थीम 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह थीम वरिष्ठ नागरिकों के स्वस्थ, सक्रिय, आत्मनिर्भर और गरिमापूर्ण जीवन के लिए योग की उपयोगिता को रेखांकित करती है। मुर्मु ने कहा, 'आज हम जो जीवनशैली अपनाते हैं, वही भविष्य में हमारे स्वास्थ्य और सुख का आधार बनती है। योग बढ़ती आयु में भी सक्रिय और आत्मनिर्भर बने रहने में सहायक है।' यह आयोजन इस बात का संकेत है कि योग अब केवल आध्यात्मिक साधना नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति का भी अभिन्न अंग बनता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इसे देश के मध्य में ले जाया जा रहा है। 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' की थीम समय पर है, क्योंकि भारत की बुजुर्ग होती आबादी और बढ़ते स्वास्थ्य खर्च के बीच योग एक किफायती सार्वजनिक स्वास्थ्य उपकरण बन सकता है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि वैश्विक लोकप्रियता के दावों को सत्यापन-योग्य स्वास्थ्य परिणामों के आँकड़ों से पुष्ट किया जाना चाहिए। जब तक नीतिगत ढाँचे में योग को सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली से नहीं जोड़ा जाता, यह उत्सव प्रेरणादायक तो रहेगा, पर परिवर्तनकारी नहीं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 का मुख्य समारोह कहाँ हुआ?
इस वर्ष का एक प्रमुख राष्ट्रीय समारोह मध्य प्रदेश के जबलपुर में आयोजित हुआ, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वयं भाग लिया और योगाभ्यास किया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने योग दिवस पर क्या कहा?
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि योग व्यक्ति को स्वयं और समाज से, समाज को प्रकृति से तथा संपूर्ण मानवता को विश्व चेतना से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने योग को भारत की सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य उपहार बताया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 की थीम क्या है?
इस वर्ष की थीम 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' है, जो वरिष्ठ नागरिकों के स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन के लिए योग की उपयोगिता पर केंद्रित है।
21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कब से मनाया जा रहा है?
वर्ष 2014 में भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रति वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की घोषणा की थी। तब से यह दिन वैश्विक स्तर पर योग के प्रचार-प्रसार का प्रतीक बन गया है।
वर्ल्ड योगासन एक्सपर्ट चैंपियनशिप क्या है और यह कहाँ हुई?
प्रथम 'वर्ल्ड योगासन एक्सपर्ट चैंपियनशिप' इसी महीने अहमदाबाद में आयोजित की गई, जिसमें कई देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। राष्ट्रपति मुर्मु ने इसे योग की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण बताया।
राष्ट्र प्रेस
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