पुणे में गणेश विसर्जन पर सोने की चेन-मंगलसूत्र चोरी गिरोह गिरफ्तार, 13 मामले सुलझे
सारांश
मुख्य बातें
पुणे की फरासखाना पुलिस ने 16 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश के एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो गणेश विसर्जन जुलूसों की भीड़ का फायदा उठाकर श्रद्धालुओं के गले से सोने की चेन और मंगलसूत्र काटकर चुरा लेता था। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के शामली जिले के निवासी विजयपाल कंवर सैन (34) को हिरासत में लेकर इस मामले में 13 चोरी के मामलों का खुलासा किया है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, 25 सितंबर की रात सागर प्रकाश कोमटी अपने मित्र के साथ पुणे के बुधवार चौक स्थित बेलबाग चौक के पास गणेश विसर्जन की शोभायात्रा देख रहे थे। इसी दौरान छह आरोपियों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। आरोपियों ने उनकी जेब से मोबाइल फोन निकाला, मारपीट की और चाकू दिखाकर धमकाया। इसके बाद लोहे के कटर से गले में पहनी सोने की चेन काटकर आरोपी मौके से फरार हो गए। इस एकल घटना में चोरी गए सामान की कीमत ₹1.46 लाख से अधिक बताई गई है।
मामले की जांच के दौरान फरासखाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वारदात में उत्तर प्रदेश के शामली जिले के छह व्यक्ति शामिल हैं। इस सूचना के आधार पर सहायक पुलिस निरीक्षक अनिल सुरवसे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विजयपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ और बरामदगी
पूछताछ में विजयपाल ने स्वीकार किया कि उसने अपने पाँच अन्य साथियों के साथ मिलकर यह वारदात की। पुलिस टीम ने इसके बाद उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर आरोपी के कब्जे से 139.720 ग्राम सोने के गहने, शिकायतकर्ता का मोबाइल फोन, एक धारदार चाकू और लोहे का कटर बरामद किया। कुल बरामद सामान की कीमत ₹21.21 लाख से अधिक आँकी गई है। जांच के दौरान चेन और मंगलसूत्र चोरी के 12 अन्य मामलों का भी खुलासा हुआ, जिससे कुल मामलों की संख्या 13 हो गई।
गिरोह की कार्यप्रणाली
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सभी सदस्य शामली जिले के इस्लामपुर घसौली गाँव के निवासी हैं। ये लोग जानबूझकर भीड़भाड़ वाले इलाकों, धार्मिक आयोजनों और मेलों को निशाना बनाते थे, जहाँ पुलिस की निगरानी कठिन होती है और भीड़ में भागना आसान। गिरोह का तरीका एक ही था — श्रद्धालुओं को छह लोग चारों ओर से घेरते, एक सदस्य कटर से गले से आभूषण काटता और सभी अलग-अलग दिशाओं में भाग जाते। यह ऐसे समय में आया है जब बड़े धार्मिक जुलूसों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
गौरतलब है कि यह कोई पहली घटना नहीं है जब किसी धार्मिक आयोजन में अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय पाया गया हो। पुलिस विशेषज्ञों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले धार्मिक कार्यक्रमों में 'स्नैच थेफ्ट' गिरोह संगठित तरीके से काम करते हैं और राज्य पार कर जाने से जांच जटिल हो जाती है। आलोचकों का कहना है कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों में सादे वस्त्रों में पुलिस की तैनाती और सीसीटीवी कवरेज बढ़ाए जाने की ज़रूरत है।
क्या होगा आगे
फरासखाना पुलिस के अनुसार, गिरोह के पाँच अन्य फरार सदस्यों की तलाश जारी है और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। विजयपाल पर चोरी, मारपीट और धमकी सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जांच में और अधिक मामले सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।