17 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पुणे में गणेश विसर्जन पर सोने की चेन-मंगलसूत्र चोरी गिरोह गिरफ्तार, 13 मामले सुलझे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पुणे में गणेश विसर्जन पर सोने की चेन-मंगलसूत्र चोरी गिरोह गिरफ्तार, 13 मामले सुलझे

सारांश

पुणे में गणेश विसर्जन जुलूस की भीड़ में सोने के गहने काटकर चुराने वाले UP के अंतरराज्यीय गिरोह का फरासखाना पुलिस ने पर्दाफोड़ किया। एक आरोपी से ₹21.21 लाख का सामान बरामद, 13 मामले सुलझे, पाँच साथी अभी भी फरार।

मुख्य बातें

फरासखाना पुलिस ने 16 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो गणेश विसर्जन जुलूस में श्रद्धालुओं को निशाना बनाता था।
विजयपाल कंवर सैन (34) , निवासी शामली जिला, उत्तर प्रदेश , को हिरासत में लिया गया।
आरोपी के कब्जे से 139.720 ग्राम सोने के गहने , मोबाइल, चाकू और कटर सहित ₹21.21 लाख से अधिक का सामान बरामद।
पूछताछ में 13 चोरी के मामलों का खुलासा हुआ; गिरोह में कुल 6 सदस्य शामिल हैं।
गिरोह के 5 अन्य सदस्य अभी भी फरार, तलाश जारी।
सभी आरोपी इस्लामपुर घसौली गाँव, शामली के निवासी बताए गए हैं।

पुणे की फरासखाना पुलिस ने 16 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश के एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो गणेश विसर्जन जुलूसों की भीड़ का फायदा उठाकर श्रद्धालुओं के गले से सोने की चेन और मंगलसूत्र काटकर चुरा लेता था। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के शामली जिले के निवासी विजयपाल कंवर सैन (34) को हिरासत में लेकर इस मामले में 13 चोरी के मामलों का खुलासा किया है।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, 25 सितंबर की रात सागर प्रकाश कोमटी अपने मित्र के साथ पुणे के बुधवार चौक स्थित बेलबाग चौक के पास गणेश विसर्जन की शोभायात्रा देख रहे थे। इसी दौरान छह आरोपियों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया। आरोपियों ने उनकी जेब से मोबाइल फोन निकाला, मारपीट की और चाकू दिखाकर धमकाया। इसके बाद लोहे के कटर से गले में पहनी सोने की चेन काटकर आरोपी मौके से फरार हो गए। इस एकल घटना में चोरी गए सामान की कीमत ₹1.46 लाख से अधिक बताई गई है।

मामले की जांच के दौरान फरासखाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वारदात में उत्तर प्रदेश के शामली जिले के छह व्यक्ति शामिल हैं। इस सूचना के आधार पर सहायक पुलिस निरीक्षक अनिल सुरवसे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विजयपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पूछताछ और बरामदगी

पूछताछ में विजयपाल ने स्वीकार किया कि उसने अपने पाँच अन्य साथियों के साथ मिलकर यह वारदात की। पुलिस टीम ने इसके बाद उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर आरोपी के कब्जे से 139.720 ग्राम सोने के गहने, शिकायतकर्ता का मोबाइल फोन, एक धारदार चाकू और लोहे का कटर बरामद किया। कुल बरामद सामान की कीमत ₹21.21 लाख से अधिक आँकी गई है। जांच के दौरान चेन और मंगलसूत्र चोरी के 12 अन्य मामलों का भी खुलासा हुआ, जिससे कुल मामलों की संख्या 13 हो गई।

गिरोह की कार्यप्रणाली

पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सभी सदस्य शामली जिले के इस्लामपुर घसौली गाँव के निवासी हैं। ये लोग जानबूझकर भीड़भाड़ वाले इलाकों, धार्मिक आयोजनों और मेलों को निशाना बनाते थे, जहाँ पुलिस की निगरानी कठिन होती है और भीड़ में भागना आसान। गिरोह का तरीका एक ही था — श्रद्धालुओं को छह लोग चारों ओर से घेरते, एक सदस्य कटर से गले से आभूषण काटता और सभी अलग-अलग दिशाओं में भाग जाते। यह ऐसे समय में आया है जब बड़े धार्मिक जुलूसों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

गौरतलब है कि यह कोई पहली घटना नहीं है जब किसी धार्मिक आयोजन में अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय पाया गया हो। पुलिस विशेषज्ञों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले धार्मिक कार्यक्रमों में 'स्नैच थेफ्ट' गिरोह संगठित तरीके से काम करते हैं और राज्य पार कर जाने से जांच जटिल हो जाती है। आलोचकों का कहना है कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों में सादे वस्त्रों में पुलिस की तैनाती और सीसीटीवी कवरेज बढ़ाए जाने की ज़रूरत है।

क्या होगा आगे

फरासखाना पुलिस के अनुसार, गिरोह के पाँच अन्य फरार सदस्यों की तलाश जारी है और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। विजयपाल पर चोरी, मारपीट और धमकी सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जांच में और अधिक मामले सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे गणेश विसर्जन चेन चोरी मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
पुणे की फरासखाना पुलिस ने उत्तर प्रदेश के शामली जिले के इस्लामपुर घसौली गाँव के निवासी विजयपाल कंवर सैन (34) को हिरासत में लिया है। वह छह सदस्यीय अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा बताया गया है जो गणेश विसर्जन जुलूस में श्रद्धालुओं के गहने चुराता था।
आरोपी के पास से कितना सामान बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 139.720 ग्राम सोने के गहने, शिकायतकर्ता का मोबाइल फोन, एक धारदार चाकू और लोहे का कटर बरामद किया। कुल बरामद सामान की कीमत ₹21.21 लाख से अधिक आँकी गई है।
गणेश विसर्जन के दौरान गिरोह किस तरह वारदात करता था?
गिरोह के सदस्य भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं को छह लोग चारों ओर से घेरते थे। एक सदस्य लोहे के कटर से गले की सोने की चेन या मंगलसूत्र काट लेता था और फिर सभी अलग-अलग दिशाओं में भाग जाते थे।
इस मामले में कुल कितने अपराध सुलझे और बाकी आरोपी कहाँ हैं?
पूछताछ में कुल 13 चोरी के मामलों का खुलासा हुआ। गिरोह के पाँच अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं और फरासखाना पुलिस उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ समन्वय कर उनकी तलाश कर रही है।
यह गिरोह किन इलाकों को निशाना बनाता था?
पुलिस के अनुसार, गिरोह जानबूझकर भीड़भाड़ वाले इलाकों, धार्मिक आयोजनों और मेलों को चुनता था जहाँ भागना आसान हो। पुणे के बुधवार चौक स्थित बेलबाग चौक के पास गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान पहली दर्ज वारदात की गई थी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले