28 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पुणे: गणपति विसर्जन भीड़ में लूट करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 15 गिरफ्तार, ₹35 लाख की संपत्ति जब्त

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पुणे: गणपति विसर्जन भीड़ में लूट करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 15 गिरफ्तार, ₹35 लाख की संपत्ति जब्त

सारांश

पुणे की विश्रामबाग पुलिस ने गणपति विसर्जन जुलूस में श्रद्धालुओं को निशाना बनाने वाले गिरोह के 15 आरोपियों को 56 घंटे के अभियान में गिरफ्तार किया। बरामद ₹35 लाख की संपत्ति और 22 दर्ज मामले — यह कार्रवाई पिछले वर्ष की सीख पर आधारित पूर्व-नियोजित रणनीति की बड़ी सफलता है।

मुख्य बातें

पुणे की विश्रामबाग पुलिस ने गणपति विसर्जन जुलूस के दौरान सक्रिय लूट गिरोह के 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
जाँच में कुल 22 मामले सामने आए — 19 विश्रामबाग , 3 फराशखाना और 1 चंदननगर में।
आरोपियों के पास से लगभग ₹35 लाख की सोने की चेन, मंगलसूत्र और मोबाइल फोन बरामद।
पाँच प्रमुख आरोपियों को 29 सितंबर 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजा गया; आरोपी अहिल्यानगर, बीड, लातूर, हैदराबाद और नासिक के रहने वाले हैं।
जाँच दल ने 25 सितंबर से 27 सितंबर 2026 तक 56 घंटे लगातार काम कर यह सफलता हासिल की।

पुणे की विश्रामबाग पुलिस ने गणपति विसर्जन जुलूस के दौरान श्रद्धालुओं को निशाना बनाने वाले एक सुनियोजित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 15 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर भीड़ की आड़ में महिलाओं से सोने की चेन, मंगलसूत्र और मोबाइल फोन छीनने का आरोप है, और इस कार्रवाई में लगभग ₹35 लाख की संपत्ति बरामद की गई है।

अभियान की पृष्ठभूमि और योजना

जोन-1 के डीसीपी कृषिकेश रावले ने बताया कि त्योहारी भीड़ में सक्रिय इस गिरोह के दो अलग-अलग मॉड्यूल का एक साथ भंडाफोड़ किया गया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता पिछले वर्ष गणेशोत्सव के दौरान हुई घटनाओं से मिली सीख और उससे तैयार की गई रणनीति पर आधारित है।

रावले के निर्देशों पर अमल करते हुए वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नवनाथ जगताप ने एपीआई उमेश करके के नेतृत्व वाली जाँच टीम को जुलूस के मार्गों पर जेबकतरों और चेन छीनने वालों के विरुद्ध विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

मुख्य घटनाक्रम: 56 घंटे का अथक अभियान

जाँच दल ने 25 सितंबर 2026 की सुबह 7 बजे से 27 सितंबर की दोपहर 3 बजे तक लगातार 56 घंटे काम किया। टीम ने सादे कपड़ों में गुप्त रूप से भीड़ में घुलमिल कर संदिग्धों पर नज़र रखी और विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 15 आरोपियों को दबोचा।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे गणेशोत्सव और विसर्जन जुलूस के दौरान विश्रामबाग और आसपास के इलाकों में महिलाओं से सोने के जेवर और मोबाइल फोन चुराते थे।

दर्ज मामले और गिरफ्तार आरोपी

जाँचकर्ताओं ने गिरफ्तार किए गए लोगों को कुल 22 मामलों से जोड़ा है। इनमें से 19 मामले अकेले विश्रामबाग पुलिस थाने में दर्ज हैं — 15 सोने की चोरी, 3 मोबाइल फोन चोरी और 1 जेबकतरी का। इसके अलावा फराशखाना थाने में सोने की चोरी के 3 मामले और चंदननगर में 1 मामला दर्ज है।

पाँच प्रमुख आरोपियों — संतोष कान्हू पवार (अहिल्यानगर), जलिंदर शिवराव वाघमारे (बीड), सुशांत शिवाजी गायकवाड़ (लातूर), गफर मौला शेख (हैदराबाद) और शेख सैबाज शेख शफीक (मालेगांव, नासिक) — को 29 सितंबर 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।

गणेशोत्सव में ऐसे गिरोहों का पैटर्न

पुलिस के अनुसार, ऐसे गिरोह — चाहे वे स्थानीय हों या अन्य राज्यों से आए हों — गणेशोत्सव जैसे बड़े त्योहारों में उमड़ने वाली भारी भीड़ का फायदा उठाकर लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों में त्योहारी भीड़ प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर हर वर्ष नई चुनौतियाँ सामने आती हैं। गौरतलब है कि इस बार पुलिस ने पिछले वर्ष की कमज़ोरियों से सीखते हुए पहले से ही सादे कपड़ों में टीमें तैनात कीं, जिससे यह भंडाफोड़ संभव हो सका।

आगे की जाँच

पुलिस का कहना है कि गिरोह के और सदस्यों की तलाश जारी है और उनके नेटवर्क के अन्य राज्यों से संभावित संबंधों की जाँच की जा रही है। बरामद सामान की पहचान कर पीड़ितों को लौटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि अवसरवादी स्थानीय अपराधी। पुलिस की सादे कपड़ों में तैनाती और 56 घंटे का अथक अभियान सराहनीय है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए त्योहारों से पहले खुफिया तंत्र को और मज़बूत करना ज़रूरी है।
RashtraPress
28 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे में गणपति विसर्जन के दौरान कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?
विश्रामबाग पुलिस ने गणपति विसर्जन जुलूस के दौरान भीड़ में लूटपाट करने वाले गिरोह के 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी 25 से 27 सितंबर 2026 के बीच 56 घंटे के अभियान में की गई।
पुणे विसर्जन लूट मामले में कितनी संपत्ति बरामद हुई?
पुलिस ने लगभग ₹35 लाख की संपत्ति बरामद की है, जिसमें सोने की चेन, मंगलसूत्र और मोबाइल फोन शामिल हैं। बरामद सामान की पहचान कर पीड़ितों को लौटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
गिरफ्तार आरोपी किन-किन मामलों से जुड़े हैं?
जाँचकर्ताओं ने 15 आरोपियों को कुल 22 मामलों से जोड़ा है — 19 विश्रामबाग थाने में (15 सोने की चोरी, 3 मोबाइल चोरी, 1 जेबकतरी), 3 फराशखाना थाने में और 1 चंदननगर में। ये मामले गणेशोत्सव और विसर्जन जुलूस के दौरान दर्ज हुए।
गिरफ्तार आरोपी कहाँ के रहने वाले हैं?
पाँच प्रमुख आरोपी महाराष्ट्र के अहिल्यानगर, बीड, लातूर और नासिक के मालेगांव तथा तेलंगाना के हैदराबाद के रहने वाले हैं। इनकी अंतर-राज्यीय पृष्ठभूमि इस गिरोह के संगठित स्वरूप को दर्शाती है।
पुलिस ने इस गिरोह को कैसे पकड़ा?
डीसीपी कृषिकेश रावले के निर्देश पर एपीआई उमेश करके के नेतृत्व में एक टीम ने सादे कपड़ों में भीड़ में घुलमिल कर गुप्त निगरानी की। 56 घंटे के लगातार अभियान में संदिग्धों को विभिन्न स्थानों पर रंगे हाथ पकड़ा गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले