मुंबई गणेश विसर्जन में 192 मोबाइल चोरी की शिकायतें, 18 गिरफ्तार; CCTV और CEIR से जाँच जारी
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन के दौरान जुटी लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ का फायदा उठाकर संगठित जेबकतरा गिरोहों ने 192 मोबाइल फोन चोरी के मामले अंजाम दिए और सोने की चेन भी लूटीं। मुंबई पुलिस ने मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को बताया कि इस सिलसिले में 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो महिलाएँ और एक नाबालिग भी शामिल हैं।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, विभिन्न पुलिस थानों में खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन से जुड़ी 200 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 192 मामले औपचारिक रूप से दर्ज किए गए। इसके अतिरिक्त मोबाइल फोन और सोने की चेन चोरी के 10 अलग-अलग मामले भी दर्ज हुए। अब तक आरोपियों से 14 स्मार्टफोन और 7 सोने की चेन बरामद की जा चुकी हैं।
लालबाग, परेल और गिरगांव चौपाटी जैसे इलाकों में लाखों भक्त 'मिरवणूक' (विसर्जन जुलूस) में शामिल हुए। जाँच में सामने आया है कि इन चोरियों में संगठित गिरोह शामिल हैं, जो कुछ वारदातों को अंजाम देने के लिए महिलाओं और नाबालिगों का इस्तेमाल करते हैं। दो महिलाओं को चोरी के सामान के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया।
पुलिस की कार्रवाई और तैनाती
चोरी की शिकायतों में बढ़ोतरी के बाद मुंबई पुलिस ने विसर्जन मार्गों पर सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की विशेष टीमें तैनात कीं। संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और उनके कथित साथियों की तलाश जारी है।
गौरतलब है कि गिरफ्तार संदिग्धों में स्थानीय सदस्यों के साथ-साथ राज्य के बाहर से आए संदिग्ध भी शामिल हैं, जो इस गिरोह के अंतर-राज्यीय नेटवर्क की ओर इशारा करता है।
CCTV और तकनीकी जाँच
लालबाग, चिंचपोकली, भारत माता जंक्शन और गिरगांव चौपाटी पर लगे 100 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज की जाँच की जा रही है ताकि अन्य संदिग्धों की पहचान हो सके।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुंबई पुलिस का साइबर सेल और टेक्निकल एनालिसिस ब्रांच सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल की मदद से चोरी हुए फोनों को उनके IMEI नंबरों के ज़रिये ट्रैक कर रही हैं। यह कदम भविष्य में ऐसी चोरियों पर अंकुश लगाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
आम जनता पर असर
कई श्रद्धालुओं ने बताया कि भीड़ में उनकी जेब से मोबाइल फोन गायब हो गए और महिलाओं के गले से सोने की चेन छीन ली गई। भीड़भाड़ वाले जुलूसों के दौरान महिलाओं के पर्स भी निशाने पर रहे।
यह ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र में गणेशोत्सव के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर हर वर्ष सवाल उठते हैं। बड़े पैमाने पर धार्मिक आयोजनों में जेबकतरे गिरोहों की सक्रियता कोई नई बात नहीं — लेकिन इस बार संगठित गिरोहों का अंतर-राज्यीय स्वरूप और नाबालिगों का इस्तेमाल चिंताजनक है।
क्या होगा आगे
पुलिस शेष चोरी हुए मोबाइल फोन और कीमती सामान बरामद करने के लिए जाँच जारी रखे हुए है। गिरफ्तार आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश में CCTV फुटेज और CEIR डेटा दोनों का उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आगामी बड़े सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत किया जाएगा।