पंजाब में 30 किलो हेरोइन के साथ छह गिरफ्तार, दो नाबालिग भी शामिल; दुबई मास्टरमाइंड की तलाश
सारांश
मुख्य बातें
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने गुरुवार, 11 जून 2026 को सीमा पार ड्रग तस्करी के एक सक्रिय मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 30.045 किलोग्राम हेरोइन बरामद की और छह आरोपियों को हिरासत में लिया, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव के अनुसार, इस गिरोह की डोर दुबई में बैठे एक तस्कर के हाथों में थी, जो युवाओं और नाबालिगों को पैसे का लालच देकर ड्रग्स की खेप ढोने के काम में इस्तेमाल करता था।
मुख्य घटनाक्रम
खास खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस टीमों ने सबसे पहले आरोपी गौतम (24) और उसके दो नाबालिग साथियों को पकड़ा। उनके कब्जे से 30.045 किलोग्राम हेरोइन और ड्रग्स तस्करी में इस्तेमाल होने वाली एक मोटरसाइकिल बरामद की गई। गौतम से मिली जानकारी के आधार पर बाद में तीन और आरोपियों — कबीर उर्फ काकू (22), समीर उर्फ सबरवाल (18) और गुरप्रीत सिंह उर्फ कीड़ा (18) — को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस कमिश्नर (अमृतसर) गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि आरोपी कबीर का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है और वह छेरहटा पुलिस स्टेशन में दर्ज एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) मामले में शामिल रह चुका है।
दुबई कनेक्शन और मॉड्यूल की कार्यप्रणाली
शुरुआती जाँच के अनुसार, दुबई में बैठा तस्कर इस पूरे मॉड्यूल का मास्टरमाइंड है। वह सीमा पार से हेरोइन की खेप की सप्लाई का समन्वय करता था और आरोपियों को तय जगहों से खेप उठाकर पंजाब भर में अलग-अलग लोगों तक पहुँचाने के निर्देश देता था। डीजीपी यादव ने बताया कि यह तस्कर एनडीपीएस के तीन बड़े मामलों में पहले से वांछित है, जिनमें 42 किलोग्राम हेरोइन और 10 किलोग्राम आईसीई बरामदगी के मामले शामिल हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब पुलिस सीमावर्ती जिलों में ड्रोन और मानव नेटवर्क के ज़रिए होने वाली ड्रग तस्करी पर लगाम लगाने के लिए लगातार अभियान चला रही है। गौरतलब है कि नाबालिगों का तस्करी नेटवर्क में इस्तेमाल किया जाना इस मामले को विशेष रूप से गंभीर बनाता है।
जाँच की दिशा
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि नेटवर्क में शामिल अन्य साथियों की पहचान करने और हवाला कनेक्शन का पता लगाने के लिए वित्तीय लेन-देन की जाँच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, दुबई स्थित मास्टरमाइंड तक पहुँचने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से सहयोग लिया जा सकता है।
नाबालिगों की संलिप्तता — एक चिंताजनक पहलू
पुलिस कमिश्नर भुल्लर ने स्पष्ट किया कि दुबई स्थित तस्कर जानबूझकर युवाओं और नाबालिगों को निशाना बनाता था, क्योंकि कानूनी प्रक्रिया में उनके खिलाफ कार्रवाई अपेक्षाकृत कठिन होती है। दोनों नाबालिगों को किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारियों को सौंपा जाएगा।
आगे की कार्रवाई
सभी वयस्क आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जाँच एजेंसियाँ दुबई स्थित मास्टरमाइंड के प्रत्यर्पण या उसके भारतीय नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रही हैं।