29 जुलाई 2026
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पंजाब में 30 किलो हेरोइन के साथ छह गिरफ्तार, दो नाबालिग भी शामिल; दुबई मास्टरमाइंड की तलाश

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पंजाब में 30 किलो हेरोइन के साथ छह गिरफ्तार, दो नाबालिग भी शामिल; दुबई मास्टरमाइंड की तलाश

सारांश

अमृतसर पुलिस ने 30 किलो से अधिक हेरोइन के साथ छह लोगों को दबोचा — जिनमें दो नाबालिग भी हैं। जाँच में सामने आया कि दुबई में बैठा मास्टरमाइंड युवाओं को लालच देकर तस्करी नेटवर्क में इस्तेमाल कर रहा था और तीन पूर्व बड़े मामलों में भी वांछित है।

मुख्य बातें

अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने 11 जून 2026 को 30.045 किलोग्राम हेरोइन बरामद की।
कुल छह आरोपी गिरफ्तार — गौतम (24) , कबीर उर्फ काकू (22) , समीर उर्फ सबरवाल (18) , गुरप्रीत सिंह उर्फ कीड़ा (18) और दो नाबालिग ।
मॉड्यूल का मास्टरमाइंड दुबई में बैठा है और एनडीपीएस के तीन पूर्व बड़े मामलों में वांछित है, जिनमें 42 किलो हेरोइन व 10 किलो आईसीई की बरामदगी शामिल है।
तस्कर जानबूझकर युवाओं और नाबालिगों को पैसे का लालच देकर ड्रग्स ढोने के लिए इस्तेमाल करता था।
हवाला कनेक्शन और नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए वित्तीय जाँच जारी है।

अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने गुरुवार, 11 जून 2026 को सीमा पार ड्रग तस्करी के एक सक्रिय मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 30.045 किलोग्राम हेरोइन बरामद की और छह आरोपियों को हिरासत में लिया, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव के अनुसार, इस गिरोह की डोर दुबई में बैठे एक तस्कर के हाथों में थी, जो युवाओं और नाबालिगों को पैसे का लालच देकर ड्रग्स की खेप ढोने के काम में इस्तेमाल करता था।

मुख्य घटनाक्रम

खास खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस टीमों ने सबसे पहले आरोपी गौतम (24) और उसके दो नाबालिग साथियों को पकड़ा। उनके कब्जे से 30.045 किलोग्राम हेरोइन और ड्रग्स तस्करी में इस्तेमाल होने वाली एक मोटरसाइकिल बरामद की गई। गौतम से मिली जानकारी के आधार पर बाद में तीन और आरोपियों — कबीर उर्फ काकू (22), समीर उर्फ सबरवाल (18) और गुरप्रीत सिंह उर्फ कीड़ा (18) — को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस कमिश्नर (अमृतसर) गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि आरोपी कबीर का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है और वह छेरहटा पुलिस स्टेशन में दर्ज एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) मामले में शामिल रह चुका है।

दुबई कनेक्शन और मॉड्यूल की कार्यप्रणाली

शुरुआती जाँच के अनुसार, दुबई में बैठा तस्कर इस पूरे मॉड्यूल का मास्टरमाइंड है। वह सीमा पार से हेरोइन की खेप की सप्लाई का समन्वय करता था और आरोपियों को तय जगहों से खेप उठाकर पंजाब भर में अलग-अलग लोगों तक पहुँचाने के निर्देश देता था। डीजीपी यादव ने बताया कि यह तस्कर एनडीपीएस के तीन बड़े मामलों में पहले से वांछित है, जिनमें 42 किलोग्राम हेरोइन और 10 किलोग्राम आईसीई बरामदगी के मामले शामिल हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब पुलिस सीमावर्ती जिलों में ड्रोन और मानव नेटवर्क के ज़रिए होने वाली ड्रग तस्करी पर लगाम लगाने के लिए लगातार अभियान चला रही है। गौरतलब है कि नाबालिगों का तस्करी नेटवर्क में इस्तेमाल किया जाना इस मामले को विशेष रूप से गंभीर बनाता है।

जाँच की दिशा

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि नेटवर्क में शामिल अन्य साथियों की पहचान करने और हवाला कनेक्शन का पता लगाने के लिए वित्तीय लेन-देन की जाँच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, दुबई स्थित मास्टरमाइंड तक पहुँचने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से सहयोग लिया जा सकता है।

नाबालिगों की संलिप्तता — एक चिंताजनक पहलू

पुलिस कमिश्नर भुल्लर ने स्पष्ट किया कि दुबई स्थित तस्कर जानबूझकर युवाओं और नाबालिगों को निशाना बनाता था, क्योंकि कानूनी प्रक्रिया में उनके खिलाफ कार्रवाई अपेक्षाकृत कठिन होती है। दोनों नाबालिगों को किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारियों को सौंपा जाएगा।

आगे की कार्रवाई

सभी वयस्क आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जाँच एजेंसियाँ दुबई स्थित मास्टरमाइंड के प्रत्यर्पण या उसके भारतीय नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि नाबालिगों का जानबूझकर तस्करी नेटवर्क में इस्तेमाल किया जाना है — यह एक सुनियोजित रणनीति है जो कानूनी कमज़ोरियों का फायदा उठाती है। दुबई स्थित मास्टरमाइंड का तीन पूर्व बड़े मामलों में भी वांछित होना यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय प्रत्यर्पण या वित्तीय नेटवर्क को तोड़े बिना केवल स्थानीय गिरफ्तारियाँ इस तरह के मॉड्यूल को स्थायी रूप से नहीं तोड़ सकतीं। हवाला जाँच की दिशा सही है, लेकिन सवाल यह है कि क्या राज्य पुलिस के पास अंतरराष्ट्रीय वित्तीय जाँच के लिए पर्याप्त संसाधन और समन्वय तंत्र है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब पुलिस ने 11 जून को कितनी हेरोइन बरामद की और कितने लोग गिरफ्तार हुए?
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने 11 जून 2026 को 30.045 किलोग्राम हेरोइन बरामद की और छह आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। गिरफ्तार वयस्क आरोपियों में गौतम (24), कबीर उर्फ काकू (22), समीर उर्फ सबरवाल (18) और गुरप्रीत सिंह उर्फ कीड़ा (18) हैं।
इस ड्रग तस्करी मॉड्यूल का मास्टरमाइंड कौन है?
जाँच के अनुसार मॉड्यूल का मास्टरमाइंड दुबई में बैठा एक तस्कर है। वह एनडीपीएस के तीन बड़े पूर्व मामलों में वांछित है, जिनमें 42 किलोग्राम हेरोइन और 10 किलोग्राम आईसीई की बरामदगी शामिल है।
नाबालिगों को इस नेटवर्क में कैसे शामिल किया जाता था?
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के अनुसार, दुबई स्थित तस्कर पैसे का लालच देकर युवाओं और नाबालिगों को फँसाता था और उनका इस्तेमाल ड्रग्स की खेप उठाने, लाने-ले जाने और बाँटने के लिए करता था। नाबालिगों को जानबूझकर इसलिए चुना जाता था क्योंकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कठिन होती है।
आगे की जाँच किस दिशा में जा रही है?
डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और हवाला कनेक्शन का पता लगाने के लिए वित्तीय लेन-देन की जाँच जारी है। दुबई स्थित मास्टरमाइंड तक पहुँचने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावना भी तलाशी जा रही है।
आरोपी कबीर का पहले से क्या आपराधिक रिकॉर्ड है?
आरोपी कबीर उर्फ काकू (22) पहले छेरहटा पुलिस स्टेशन में दर्ज एनडीपीएस मामले में शामिल रह चुका है। इस बार भी उसे 30 किलो हेरोइन की तस्करी में गिरफ्तार किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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