21 अक्टूबर 2026
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भगवंत मान का अमित शाह पर तीखा वार: 'घटिया राजनीति बंद करें, पंजाब को नशामुक्त करने का ढोंग न करें'

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भगवंत मान का अमित शाह पर तीखा वार: 'घटिया राजनीति बंद करें, पंजाब को नशामुक्त करने का ढोंग न करें'

सारांश

अमित शाह के पंजाब दौरे पर भगवंत मान ने सीधा मोर्चा खोल दिया — 2007-17 के नशा काल, 700 किसानों की मौत और एंटी-ड्रोन सिस्टम पर केंद्र की निष्क्रियता का हवाला देकर। यह टकराव पंजाब में AAP-BJP की लड़ाई को नई धार देता है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 20 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे पर तीखा हमला बोला।
मान ने 2007-2017 के BJP-अकाली गठबंधन के दौर में पंजाब में नशे के प्रसार को लेकर केंद्र की चुप्पी पर सवाल उठाए।
किसान आंदोलन में 700 से अधिक किसानों की मौत का जिक्र; पंजाब सरकार ने परिवारों को ₹5-5 लाख और सरकारी नौकरी दी।
पाकिस्तान से लगती 500 किलोमीटर से अधिक सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम केंद्र ने नहीं लगाया, पंजाब सरकार ने खुद लगाया।
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जाँच पंजाब सरकार ने सीबीआई को सौंपी।
मान ने एनडीपीएस एक्ट को और सख्त बनाने की माँग दोहराई और 'युद्ध नशेया विरोध' मुहिम जारी रखने की बात कही।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 20 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे पर तीखा सियासी हमला बोलते हुए उन्हें 'घटिया राजनीति' से बाज आने की सलाह दी। मान ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उस दावे को खारिज किया कि शाह पंजाब को 'नशामुक्त' करने आए हैं, और इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से कई सीधे सवाल पूछे।

मुख्यमंत्री मान के सीधे सवाल

मुख्यमंत्री मान ने गृह मंत्री शाह से पूछा, '2007 से 2017 तक जब पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के साथ आपकी गठबंधन सरकार थी, तब नशे का यह पेड़ फला-फूला और क्विंटलों में नशे की खेप पंजाब में आई। उस दौरान कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?' उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उसी दौर में मजीठिया के खिलाफ सीबीआई जाँच की माँग उठती रही, परंतु केंद्र ने कोई कदम नहीं उठाया।

मान ने आगे कहा कि 2014 में केंद्र में BJP सरकार आने के बाद भी पंजाब में नशे का कारोबार बेरोकटोक चलता रहा और बड़े नशा तस्करों ने खुलेआम पंजाब के मंत्रियों व अफसरों के नाम लिए, फिर भी केंद्र ने पंजाब को बचाने की कोशिश नहीं की।

किसान आंदोलन और परिवारों की मदद का जिक्र

मुख्यमंत्री ने किसान आंदोलन का हवाला देते हुए कहा कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर डेढ़ साल चले धरने में पंजाब के 700 से अधिक किसानों की मौत हुई। उन्होंने सवाल किया कि गृह मंत्री उन परिवारों से मिलने क्यों नहीं गए। मान ने बताया कि उनकी सरकार ने इन परिवारों को ₹5-5 लाख और एक-एक सरकारी नौकरी देकर सहायता प्रदान की।

एंटी-ड्रोन सिस्टम पर केंद्र को घेरा

मान ने कहा कि उन्होंने पहले भी केंद्र सरकार से पाकिस्तान के साथ लगती पंजाब की 500 किलोमीटर से अधिक सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात करने का आग्रह किया था, परंतु केंद्र ने कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने बताया कि अंततः पंजाब सरकार ने अपने स्तर पर वहाँ एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित किया।

झोटा हत्याकांड और चंडीगढ़ का मुद्दा

मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जाँच स्वयं सीबीआई को सौंपी है। उन्होंने शाह को चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब में आकर लोगों को भड़काने और 'इमोशनली ब्लैकमेल' करने की कोशिश न की जाए। साथ ही उन्होंने पूछा कि जब चंडीगढ़ को पंजाब से अलग करने की बात होती है तब गृह मंत्री पंजाब को बचाने की आवाज़ क्यों नहीं उठाते।

नशे के खिलाफ पंजाब सरकार की मुहिम

मान ने कहा कि उनकी सरकार पंजाब में 'युद्ध नशेया विरोध' मुहिम चला रही है और एनडीपीएस एक्ट को और अधिक सख्त बनाने की ज़रूरत है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब गृह मंत्री शाह का पंजाब दौरा राज्य की कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या को केंद्र में लाकर सियासी बहस को नई धार दे रहा है। आने वाले दिनों में आम आदमी पार्टी (AAP) और BJP के बीच पंजाब के मुद्दों पर टकराव और तेज़ होने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दशकों की नीतिगत विफलता का परिणाम है — और मान स्वयं इससे अछूते नहीं हैं, क्योंकि उनके कार्यकाल में भी नशे की घटनाएँ सुर्खियों में आती रही हैं। एंटी-ड्रोन सिस्टम और किसान आंदोलन के आँकड़े उठाकर मान ने शाह को ऐसे मोर्चे पर घेरा है जहाँ BJP के पास तत्काल जवाब देना मुश्किल है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह बयानबाज़ी पंजाब की ज़मीनी समस्याओं का समाधान करेगी, या चुनावी मैदान की तैयारी मात्र है।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगवंत मान ने अमित शाह के पंजाब दौरे पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 20 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में गृह मंत्री अमित शाह को 'घटिया राजनीति' बंद करने की सलाह दी और BJP के 'पंजाब बचाने' के दावे को खारिज किया। उन्होंने 2007-17 के नशा काल, किसान आंदोलन और एंटी-ड्रोन सिस्टम पर केंद्र की निष्क्रियता का हवाला दिया।
मान ने 2007-2017 के दौर का जिक्र क्यों किया?
मान ने कहा कि 2007 से 2017 के बीच पंजाब में BJP-शिरोमणि अकाली दल की गठबंधन सरकार के दौरान नशे की तस्करी खुलेआम हुई और क्विंटलों में खेप आई। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने तब मजीठिया के खिलाफ सीबीआई जाँच की बार-बार उठती माँग पर कोई ध्यान नहीं दिया।
किसान आंदोलन में 700 मौतों पर मान ने क्या कहा?
मान ने कहा कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली सीमा पर डेढ़ साल चले आंदोलन में पंजाब के 700 से अधिक किसानों की जान गई, लेकिन गृह मंत्री शाह कभी उनके परिवारों से मिलने नहीं गए। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने इन परिवारों को ₹5-5 लाख और एक-एक सरकारी नौकरी दी।
पंजाब-पाकिस्तान सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम का मामला क्या है?
मान ने बताया कि पाकिस्तान से सटी पंजाब की 500 किलोमीटर से अधिक सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने की माँग वे केंद्र सरकार से करते रहे, परंतु केंद्र ने कार्रवाई नहीं की। अंततः पंजाब सरकार ने अपने संसाधनों से यह सिस्टम तैनात किया।
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड क्या है?
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड पंजाब से जुड़ा एक आपराधिक मामला है, जिसकी जाँच मुख्यमंत्री मान के अनुसार उनकी सरकार ने स्वयं सीबीआई को सौंपी है। मान ने इसे यह दर्शाने के लिए उद्धृत किया कि उनकी सरकार पारदर्शी जाँच से नहीं बचती।
राष्ट्र प्रेस
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