28 अक्टूबर 2026
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हरभजन सिंह ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल, एक्स पर मांगी सरकार से जवाबदेही

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हरभजन सिंह ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल, एक्स पर मांगी सरकार से जवाबदेही

सारांश

राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने एक्स पोस्ट के ज़रिए पंजाब सरकार को कटघरे में खड़ा किया — नशा-विरोधी कार्यकर्ता की दिनदहाड़े हत्या के बाद। अकाल तख्त और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी सरकार से सवाल उठा चुके हैं। पंजाब में कानून-व्यवस्था का संकट अब धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक — तीनों मोर्चों पर एक साथ फट रहा है।

मुख्य बातें

राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह ने 28 अक्टूबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर पंजाब की कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता जताई।
मानसा ज़िले में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या के बाद राज्य में हालात पर सवाल उठे।
श्री अकाल तख्त साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी गुरमुख सिंह ने कहा — नशे के विरोधियों की खुलेआम हत्या हो रही है, ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पहले पंजाब में नशे, गैंगस्टरवाद और संगठित अपराध के खतरे को रेखांकित कर चुके हैं।
SGPC और धर्म प्रचार कमेटी ने श्री अकाल तख्त साहिब में अरदास कर स्थिति की गंभीरता दर्ज की।

राज्यसभा सदस्य और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने 28 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की और राज्य सरकार से पारदर्शिता एवं जवाबदेही की माँग की। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब मानसा ज़िले में एक नशा-विरोधी कार्यकर्ता की दिनदहाड़े हत्या के बाद पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक और सामाजिक दबाव तेज़ हो गया है।

हरभजन सिंह ने क्या कहा

हरभजन सिंह ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'पंजाब में जो हो रहा है उसे देखकर गहरी चिंता हो रही है। बार-बार हो रही घटनाएं अहम सवाल खड़े करती हैं, जिनका जवाब पंजाब सरकार को गंभीरता और तत्परता से देना चाहिए।' उन्होंने आगे कहा कि ज़िम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को जनता के प्रति पारदर्शी और जवाबदेह होना चाहिए तथा पुलिस का कर्तव्य है कि वह कानून का पालन करते हुए सार्वजनिक सुरक्षा और हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा करे।

उन्होंने अपनी पोस्ट का समापन इन शब्दों से किया: 'पंजाब के लोग शांति, गरिमा और न्याय के हकदार हैं। आइए हमारे पंजाब के भविष्य की रक्षा के लिए एकजुट हों।'

मुख्य घटनाक्रम: जिन हादसों ने जगाई चिंता

मानसा ज़िले में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या ने राज्य की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके अलावा दिरबा में एक पिता द्वारा जहर खाकर आत्महत्या करने जैसी दर्दनाक घटना ने भी हालात की गंभीरता को उजागर किया है। ये घटनाएं पंजाब में बढ़ते नशे और गैंगस्टरवाद की समस्या की व्यापक पृष्ठभूमि में देखी जा रही हैं।

अमित शाह और अकाल तख्त की प्रतिक्रिया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इससे पूर्व पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना था कि राज्य नशे, गैंगस्टरवाद और संगठित अपराध के बढ़ते खतरे से जूझ रहा है।

अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी गुरमुख सिंह ने भी पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'पंजाब में नशाखोरी की लहर को रोकने के लिए सरकार या मौजूदा शासकों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि जो लोग नशे के खतरे को रोकने के लिए आगे आते हैं, उनकी खुलेआम हत्या की जा रही है।' उन्होंने बताया कि इस स्थिति को देखते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC), श्री हरमंदिर साहिब के प्रबंधन और धर्म प्रचार कमेटी के साथ श्री अकाल तख्त साहिब में अरदास की गई।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि पंजाब में कानून-व्यवस्था और नशे का मुद्दा वर्षों से सियासी केंद्र में रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने सत्ता में आने के बाद नशा उन्मूलन को प्रमुख एजेंडा बताया था, लेकिन आलोचकों का कहना है कि ज़मीनी हालात में अपेक्षित सुधार नहीं आया है। हरभजन सिंह जैसे गैर-दलीय और व्यापक जनमानस में स्वीकार्य नेता का इस मुद्दे पर मुखर होना सरकार पर नैतिक दबाव बढ़ाता है।

आगे क्या होगा

विभिन्न राजनीतिक दलों और धार्मिक संस्थाओं की ओर से बढ़ते दबाव के बीच पंजाब सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में विधानसभा में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे नज़रअंदाज़ करना पंजाब सरकार के लिए आसान नहीं होगा। तथ्य यह है कि नशा उन्मूलन AAP सरकार का चुनावी वादा था, और परविंदर सिंह झोटा जैसे कार्यकर्ताओं की हत्या यह दर्शाती है कि ज़मीनी हकीकत वादों से कोसों दूर है। जब धार्मिक संस्थाएं, केंद्र सरकार और अब क्रिकेट के माध्यम से लोकप्रिय सांसद — तीनों एक ही स्वर में बोलने लगें, तो यह सरकार की नीति-विफलता का संकेत है, न कि महज़ विपक्षी राजनीति। असली सवाल यह है कि पंजाब सरकार सुनेगी या सुर्खियों से बचने में ऊर्जा लगाएगी।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरभजन सिंह ने पंजाब सरकार से क्या माँग की है?
हरभजन सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर पंजाब सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग की है। उन्होंने कहा कि राज्य में बार-बार हो रही घटनाएं गंभीर सवाल खड़े करती हैं और सरकार का कर्तव्य है कि वह नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित करे।
परविंदर सिंह झोटा कौन थे और उनकी हत्या क्यों चर्चा में है?
परविंदर सिंह झोटा मानसा ज़िले के नशा-विरोधी कार्यकर्ता थे, जिनकी दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। उनकी हत्या ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि वे नशे के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों में से थे।
अकाल तख्त साहिब ने पंजाब में नशे पर क्या कहा?
श्री अकाल तख्त साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी गुरमुख सिंह ने कहा कि सरकार नशाखोरी रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही और नशे के विरोधियों की खुलेआम हत्या हो रही है। SGPC और धर्म प्रचार कमेटी के साथ अकाल तख्त में विशेष अरदास की गई।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब पर क्या टिप्पणी की थी?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि पंजाब नशे, गैंगस्टरवाद और संगठित अपराध के बढ़ते खतरे से जूझ रहा है। उनका यह बयान राज्य की AAP सरकार पर केंद्र के बढ़ते दबाव को दर्शाता है।
क्या पंजाब सरकार ने हरभजन सिंह की चिंताओं पर कोई जवाब दिया है?
रिपोर्टों के अनुसार अभी तक पंजाब सरकार की ओर से हरभजन सिंह की पोस्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल और तेज़ होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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