सुनील जाखड़ ने अमित शाह को लिखा पत्र: पंजाब जेलों से ड्रग्स कारोबार की NIA-ED जांच की माँग
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने 17 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पंजाब की जेलों से कथित तौर पर संचालित ड्रग्स कारोबार की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से कराने की माँग की है। साथ ही उन्होंने ड्रग्स से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौंपने का भी अनुरोध किया है।
मामले की पृष्ठभूमि
जाखड़ ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भी जानकारी साझा की। उनके अनुसार, मानसा में तैनात रहे एक ड्रग इंस्पेक्टर शीशम कुमार को 2024 में पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोप है कि वह जेल में बंद तस्करों के साथ मिलकर ड्रग गैंग का सरगना बनकर कारोबार चला रहा था — यह बात स्वयं पंजाब के डीजीपी ने सार्वजनिक रूप से कही थी।
पुलिस ने उसके पास से भारी मात्रा में संपत्ति बरामद की थी, जिसमें 24 बैंक खातों में ₹7.09 करोड़, दो बैंक लॉकर, ₹1.49 करोड़ नकद, 260 ग्राम सोना, विदेशी मुद्रा और ₹2.40 करोड़ की अचल संपत्ति शामिल थी।
BJP का आरोप: बेल के बाद बहाली और अहम पद
जाखड़ ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जमानत मिलने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार ने न केवल इस ड्रग इंस्पेक्टर को नौकरी पर बहाल किया, बल्कि उसे विभाग के मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण पद पर भी नियुक्त कर दिया। उन्होंने माँग की कि यह पता लगाया जाए कि किसके निर्देश पर यह नियुक्ति की गई।
गौरतलब है कि इससे पहले मानसा में एक युवक को ड्रग्स की बिक्री का विरोध करने पर कथित तौर पर गोली मार दी गई थी, जिस पर गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार के मुख्य सचिव से जवाब भी तलब किया था।
भगवंत मान सरकार पर निशाना
जाखड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ड्रग्स की समस्या रोकने में 'बुरी तरह विफल' रही है। उनके अनुसार, इस मामले में न तो पंजाब सरकार ने NIA जांच की माँग की और न ही मामले को ED को रेफर किया — जो उनकी नज़र में 'सरकारी संरक्षण' का प्रमाण है।
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से राजनीतिक बहस के केंद्र में रही है और कई सर्वेक्षणों में इसे राज्य की प्रमुख चुनौतियों में गिना जाता है।
जांच में क्या उजागर हो सकता है
जाखड़ के पत्र में कहा गया है कि NIA और ED की जांच से जेलों से संचालित ड्रग तस्करी नेटवर्क, सीमापार तस्करी की कड़ियाँ और करोड़ों की संपत्ति के स्रोत का खुलासा हो सकता है। उन्होंने तर्क दिया कि इस स्तर का आपराधिक नेटवर्क राज्य पुलिस की जांच की परिधि से परे है।
आगे क्या
फिलहाल केंद्रीय गृह मंत्रालय या NIA की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पंजाब सरकार ने भी अभी तक जाखड़ के आरोपों का जवाब नहीं दिया है। यदि गृह मंत्रालय इस अनुरोध पर सहमति जताता है, तो यह पंजाब में ड्रग्स-राजनीति के गठजोड़ की जांच का एक नया अध्याय खोल सकता है।