क्या पंजाब में आम लोगों का जीना हो गया है बेहाल, सरकार क्यों नहीं ले रही सुध?
सारांश
Key Takeaways
- पंजाब में आम लोगों का जीवन कठिन है।
- सरकार का ध्यान जनता की समस्याओं पर नहीं है।
- तरुण चुघ ने आप सरकार की विफलता की आलोचना की।
- राज्य की कानून व्यवस्था गंभीर स्थिति में है।
- मुख्यमंत्री केवल अपने मित्रों को खुश करने में लगे हैं।
चंडीगढ़, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने शनिवार को कहा कि पंजाब में आम लोगों का जीवन अत्यंत कठिन हो गया है। राज्य में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। यहां का हर वर्ग परेशान है, लेकिन सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार का जनता के हितों से कोई लेना-देना नहीं है। यह सरकार केवल अपने स्वार्थ की पूर्ति के बारे में सोचती है और लोगों की समस्याओं से अनजान है।
भाजपा नेता ने कहा कि वर्तमान समय में पंजाब में डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्यकर्मी और शिक्षक समेत हर वर्ग के लोग संकट में हैं। सरकार का कर्तव्य है कि सभी वर्गों की समस्याओं पर ध्यान दे, लेकिन यह सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। पंजाब में अनिश्चितता का दौर जारी है, और यह सबकुछ पंजाब सरकार की कार्यशैली का नतीजा है।
तरुण चुघ ने कहा कि पंजाब की आप सरकार पूरी तरह से विफल हो गई है। यह सरकार अब तक एक लाख करोड़ का कर्जा ले चुकी है, लेकिन राज्य के विकास के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। अगर यह काम कर रही होती, तो प्रदेश की स्थिति कुछ और होती।
उन्होंने कहा कि पंजाब की स्थिति इस हद तक खराब है कि यहां के लोग त्रस्त हैं और मुख्यमंत्री भगवंत मान केवल अपने मित्रों को खुश करने में लगे हुए हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि आम आदमी पार्टी में कोई ऐसा नेता नहीं है जिसे राज्य चलाने का अनुभव हो। यह सभी नौसिखिए नेता हैं, जिन्हें किसी भी विषय की समझ नहीं है। अब समय आ गया है कि पंजाब की जनता इनसे सबक सिखाए।