पंजाब पुलिस का बड़ा एक्शन: RPG लॉन्चर, RDX, हैंड ग्रेनेड और 3 पिस्तौलें बरामद; ISI-खालिस्तान नेटवर्क का भंडाफोड़
सारांश
Key Takeaways
- पंजाब पुलिस ने तरनतारन के पंजवार खुर्द गाँव से 1 RPG लॉन्चर, आरडीएक्स के 2 पैकेट (1.456 किग्रा), 1 धातु आईईडी (2.296 किग्रा), 1 हैंड ग्रेनेड और 3 पिस्तौलें बरामद कीं।
- यह कार्रवाई 27 अप्रैल 2026 को शंभू, पटियाला में रेलवे ट्रैक पर आईईडी विस्फोट के प्रयास की जाँच के दौरान हुई।
- मुख्य सरगना प्रदीप सिंह खालसा (मानसा) सहित 4 आरोपी गिरफ्तार; मॉड्यूल का पर्दाफाश 12 घंटे के भीतर।
- जाँच के अनुसार वित्तीय सहायता मलेशिया के माध्यम से आ रही थी और नेटवर्क पाकिस्तान की आईएसआई से जुड़ा था।
- खालसा ने 'चलदा वहीर चक्रवर्ती, अतरिये' नामक कट्टरपंथी संगठन बनाया था और युवाओं को मलेशिया में प्रशिक्षण के लिए भेजता था।
पंजाब पुलिस ने 29 अप्रैल 2026 को तरनतारन जिले के पंजवार खुर्द गाँव से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की है, जिसमें 1 रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) लॉन्चर, आरडीएक्स, हैंड ग्रेनेड और 3 उच्च श्रेणी की पिस्तौलें शामिल हैं। यह कार्रवाई 27 अप्रैल को पटियाला जिले के शंभू में रेलवे ट्रैक पर हुए आईईडी विस्फोट के प्रयास की जाँच के दौरान हुई, जिसमें पाकिस्तान की आईएसआई और खालिस्तान समर्थक तत्वों की संलिप्तता की जाँच की जा रही है।
क्या-क्या बरामद हुआ
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पटियाला पुलिस और एसएसओसी अमृतसर के संयुक्त अभियान में तरनतारन के पंजवार खुर्द गाँव से निम्नलिखित सामग्री जब्त की गई:
1 RPG लॉन्चर, 2.296 किलोग्राम वजन का 1 धातु का आईईडी (डेटोनेटर और बैटरी सहित), 1.456 किलोग्राम वजन के आरडीएक्स के 2 पैकेट, 1 हैंड ग्रेनेड, मैगजीन और गोला-बारूद सहित 3 उच्च श्रेणी की पिस्तौलें तथा हेडफोन सहित 2 वायरलेस सेट। अधिकारियों के अनुसार यह बरामदगी राज्य की हाल की सबसे बड़ी एकल कार्रवाइयों में से एक है।
आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश
पटियाला रेंज के उप महानिरीक्षक कुलदीप चहल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वरुण शर्मा ने मीडिया को बताया कि रेलवे ट्रैक विस्फोट प्रयास के इस आतंकी मॉड्यूल का रिकॉर्ड 12 घंटे के भीतर उजागर कर लिया गया। इससे पहले इस मामले में चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है — मानसा के प्रदीप सिंह खालसा, मानसा के बप्पियाना गाँव के कुलविंदर सिंह उर्फ बग्गा, तरनतारन के पंजवार के सतनाम सिंह उर्फ सत्ता और तरनतारन के गोइंदवाल बाईपास के गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी।
जाँच अधिकारियों के अनुसार आरोपी प्रदीप सिंह खालसा इस मॉड्यूल का मुख्य सरगना था और मलेशिया स्थित खालिस्तान समर्थक आतंकवादी तथा पाकिस्तान स्थित हथियार आपूर्तिकर्ताओं के सीधे संपर्क में था। खालसा ने 'चलदा वहीर चक्रवर्ती, अतरिये' नाम का एक कट्टरपंथी संगठन भी बनाया था और कट्टरपंथी युवाओं को आतंकी प्रशिक्षण के लिए मलेशिया भेजता था।
मलेशिया कनेक्शन और वित्तीय नेटवर्क
जाँच से पता चला है कि इस आतंकी मॉड्यूल को मलेशिया स्थित एक संस्था का समर्थन प्राप्त था और वित्तीय सहायता भी मलेशिया के माध्यम से भेजी जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार सिरहिंद रेलवे ट्रैक विस्फोट और सीआईए मोगा पर हुए ग्रेनेड हमले से इस नेटवर्क के संबंधों की भी जाँच की जा रही है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में सीमा-पार आतंकी नेटवर्क की सक्रियता को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से अलर्ट पर हैं।
पहले गिरफ्तार आरोपियों से बरामद सामग्री
इससे पहले गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के पास से 1 हैंड ग्रेनेड, 2 पिस्तौलें (30 बोर), गोला-बारूद, विस्फोटों में इस्तेमाल होने वाले तकनीकी संचार उपकरण और 1 लैपटॉप बरामद किए गए थे। पुलिस के अनुसार यह सामग्री सक्रिय आतंकी अभियानों में उपयोग के लिए तैयार की गई थी।
आगे की कार्रवाई
पंजाब पुलिस ने कहा है कि वह आतंकी तंत्रों को नष्ट करने, संगठित अपराध-आतंकवाद नेटवर्कों को तोड़ने और राज्य में स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जाँच जारी है और अधिकारियों के अनुसार इस नेटवर्क से जुड़े और संदिग्धों की पहचान की जा रही है।