क्या पुरी में आग के शिकार 15 वर्षीय लड़की की दिल्ली एम्स में मौत हुई? ओडिशा सीएम ने शोक व्यक्त किया

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क्या पुरी में आग के शिकार 15 वर्षीय लड़की की दिल्ली एम्स में मौत हुई? ओडिशा सीएम ने शोक व्यक्त किया

सारांश

पुरी में एक 15 वर्षीय लड़की को तीन अज्ञात लोगों ने आग लगाकर गंभीर घायल कर दिया। इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई, जिससे ओडिशा के मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त किया। यह घटना समाज में सुरक्षा के प्रति गहन प्रश्न उठाती है।

मुख्य बातें

पुरी में 15 वर्षीय लड़की को आग लगाई गई।
मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त किया।
घटना सुरक्षा के मुद्दों को उजागर करती है।
लड़की की मृत्यु के बाद समाज में चिंता बढ़ी है।
स्थानीय लोगों ने सहायता प्रदान की।

भुवनेश्वर, 3 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के पुरी जिले की 15 वर्षीय लड़की, जिसे तीन अज्ञात व्यक्तियों द्वारा आग लगा दी गई थी, ने दिल्ली के एम्स में इलाज के दौरान अपनी जान खो दी। प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस बात की पुष्टि की।

मुख्यमंत्री माझी ने लड़की की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "बलंगा क्षेत्र की इस किशोरी की मौत की खबर सुनकर मुझे गहरा सदमा लगा है। सरकार के सभी प्रयासों और एम्स दिल्ली की विशेषज्ञ चिकित्सा टीम के चौबीसों घंटे प्रयासों के बावजूद, उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मैं उसकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और ईश्वर से उसके परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।"

ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने भी किशोरी के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, "एक अप्रत्याशित और दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद, दिल्ली एम्स में इलाज करवा रही बलांगीर की पीड़िता का निधन हो गया है। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए, मैं इस दुखद स्थिति में उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती हूं। चिकित्सा टीम और सरकार के प्रयासों के बावजूद, हमें गहरा दुख है कि उसे बचाया नहीं जा सका।"

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने लिखा, "यह जानकर अत्यंत दुःख और पीड़ा हुई कि पुरी ज़िले के बलांगीर क्षेत्र में आग में जलाई गई युवती की एम्स में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। मेरी संवेदनाएँ युवती के साथ हैं और इस दुःख की घड़ी में उसके परिवार के साथ प्रार्थनाएँ हैं। ईश्वर परिवारजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।"

यह दुखद घटना 19 जुलाई को हुई, जब लड़की कथित तौर पर एक दोस्त से मिलने के बाद घर लौट रही थी। पुरी में भार्गवी नदी के किनारे तीन हमलावरों ने उसका अपहरण कर लिया। बदमाश उसे एक सुनसान जगह पर ले गए, उस पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़का और आग लगा दी।

गंभीर रूप से जली हुई लड़की किसी तरह पास के एक घर में भाग गई। स्थानीय लोगों ने उसकी मदद की, परिवार को सूचित किया और उसे तुरंत एक स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद, अगले दिन उसे एयरलिफ्ट करके नई दिल्ली लाया गया और 20 जुलाई को एम्स के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के बर्न आईसीयू में भर्ती कराया गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना समाज में सुरक्षा और कानून व्यवस्था के प्रति गंभीर प्रश्न उठाती है। हमें यह समझने की आवश्यकता है कि ऐसी घटनाएं केवल व्यक्तिगत नहीं होतीं, बल्कि यह एक पूरे समुदाय की सुरक्षा को प्रभावित करती हैं। सरकार को इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुरी में आग लगने वाली घटना कब हुई?
यह दुखद घटना 19 जुलाई को हुई।
दिल्ली एम्स में लड़की का इलाज कब शुरू हुआ?
लड़की को 20 जुलाई को एम्स के बर्न आईसीयू में भर्ती कराया गया।
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने लड़की की मौत पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
लड़की के परिवार को क्या सहायता मिली?
स्थानीय लोगों ने तुरंत परिवार को सूचित किया और लड़की को अस्पताल पहुंचाया।
क्या सरकार ने इस घटना पर कोई कार्रवाई की है?
सरकार को इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
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