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क्या राहुल गांधी ने भारत-अफगानिस्तान संबंधों का विरोध कर पाकिस्तान का समर्थन किया?

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क्या राहुल गांधी ने भारत-अफगानिस्तान संबंधों का विरोध कर पाकिस्तान का समर्थन किया?

सारांश

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल, अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'महिला पत्रकारों की नो-एंट्री' की खबरें फैलाकर पाकिस्तान का समर्थन कर रहे हैं। क्या यह सच है? जानें इस विषय पर क्या कहा गया है।

मुख्य बातें

प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कांग्रेस का पाकिस्तान के प्रति संबंध संदिग्ध है।
महिला पत्रकारों को प्रेस कॉन्फ्रेंस से हटाने का मुद्दा उठाया गया।
भारत-अफगानिस्तान के रिश्ते को कांग्रेस ने कमजोर किया है।
सोशल मीडिया पर इस विषय पर विवाद बढ़ रहा है।

नई दिल्ली, ११ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'महिला पत्रकारों की नो-एंट्री' के दावों पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक बार फिर फर्जी खबरें फैलाकर पाकिस्तान का पक्ष ले रहे हैं।

भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस पाकिस्तान की सबसे अच्छी दोस्त है। उन्होंने कहा, "भारत और अफगानिस्तान के रणनीतिक रूप से करीब आते देख पाकिस्तान और राहुल गांधी बौखला गए हैं।"

प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दो तस्वीरें भी साझा कीं। एक तस्वीर में देखा गया कि एक कार्यक्रम में अफगानिस्तान का डेलिगेशन बैठा हुआ था, जहां कुछ महिलाएं भी मौजूद थीं। भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया, "सार्वजनिक कार्यक्रम 'वीआईएफ इंडिया' में अफगान विदेश मंत्री के साथ महिला विचारक उपस्थित थीं। महिला विचारकों ने इस बारे में पोस्ट किया।"

उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, "वियना सम्मेलन ऑन डिप्लोमैटिक रिलेशंस, १९६१ के अनुच्छेद २२ में दूतावास की भूमि को 'अखंडनीय' घोषित किया गया, जिसका मतलब है कि वह भूमि दूतावास की संपत्ति मानी जाती है।"

इसके साथ ही, प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने गांधी-वाड्रा परिवार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वे भारत-अफगानिस्तान के बढ़ते संबंधों का विरोध कर पाकिस्तानी नैरेटिव का समर्थन दे रहे हैं।

प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस ने २६/११ मुंबई आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान पर हमला करने से परहेज किया, भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता पर सवाल उठाए और भारत-अफगानिस्तान के सामरिक रिश्तों का विरोध किया।

इससे पहले, कांग्रेस नेताओं ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'महिला पत्रकारों की नो-एंट्री' का दावा करते हुए सरकार पर सवाल उठाए थे।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने पोस्ट किया, "सरकार, तालिबान के प्रतिनिधि के भारत दौरे पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस से महिला पत्रकारों को हटाए जाने पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे। अगर महिलाओं के अधिकारों के प्रति आपकी मान्यता एक चुनाव से दूसरे चुनाव तक अपनी सुविधानुसार दिखावा मात्र नहीं है, तो फिर भारत की कुछ सबसे सक्षम महिलाओं का अपमान हमारे देश में कैसे होने दिया गया, जबकि महिलाएं ही इसकी रीढ़ और गौरव हैं?"

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी वाड्रा का समर्थन करते हुए लिखा, "प्रधानमंत्री, इस तरह के भेदभाव के सामने आपकी चुप्पी नारी शक्ति पर आपके नारों के खोखलेपन को उजागर करती है।"

हालांकि, विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में उसकी कोई भागीदारी नहीं थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों का उद्देश्य अक्सर अपने हितों को साधना होता है। सभी पक्षों को अपनी बातें रखने का अवसर मिलना चाहिए, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि तथ्य और सच्चाई की रक्षा हो। देश की एकता और अखंडता सर्वोपरि होनी चाहिए।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या राहुल गांधी ने सच में पाकिस्तान का समर्थन किया?
भाजपा के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का आरोप है कि राहुल गांधी अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फर्जी खबरें फैला रहे हैं, जिससे पाकिस्तान का पक्ष लिया जा रहा है।
कांग्रेस ने पहले भी पाकिस्तान पर हमला क्यों नहीं किया?
भंडारी का कहना है कि कांग्रेस ने 26/11 मुंबई हमले के बाद भी पाकिस्तान पर हमला करने से परहेज किया और इसके साथ ही भारत-अफगानिस्तान के सामरिक रिश्तों का विरोध किया।
क्या महिला पत्रकारों को प्रेस कॉन्फ्रेंस से बाहर निकाला गया?
कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे पर सवाल उठाया है कि अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को क्यों हटाया गया।
राष्ट्र प्रेस
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