केरल चुनाव में राहुल गांधी ने जनता से किए कई वादे, वाम-भाजपा पर मिला हुआ होने का आरोप

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केरल चुनाव में राहुल गांधी ने जनता से किए कई वादे, वाम-भाजपा पर मिला हुआ होने का आरोप

सारांश

राहुल गांधी ने केरल में विधानसभा चुनाव अभियान की शुरुआत की, जहाँ उन्होंने कई कल्याणकारी वादे किए और भाजपा और वाम दलों के बीच गुप्त समझौते का आरोप लगाया। क्या यह चुनावी लड़ाई यूडीएफ के लिए एक नया मोड़ लाएगी?

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने चुनावी वादों की एक श्रृंखला प्रस्तुत की।
उन्होंने भाजपा और वाम दलों के बीच गुप्त समझौते का आरोप लगाया।
महिलाओं और छात्राओं के लिए कई कल्याणकारी योजनाएँ प्रस्तावित की गईं।
किसानों की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।
राज्य की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने पर जोर दिया गया।

अदूर, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राहुल गांधी ने सोमवार को केरल में विधानसभा चुनाव अभियान की शुरुआत की। उन्होंने 9 अप्रैल को होने वाले चुनावों से पहले मतदाताओं से कई कल्याणकारी वादे किए। उन्होंने सत्तारूढ़ वामपंथी दलों और भाजपा के बीच "गुप्त मिलीभगत" का आरोप लगाया।

अदूर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने चुनावी लड़ाई को यूडीएफ और वाम-भाजपा के अप्रत्यक्ष गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला बताया।

उन्होंने कहा, "एक तरफ यूडीएफ है और दूसरी तरफ वाम और भाजपा का गठबंधन है।" उन्होंने "छिपे हुए हाथ" का हवाला देते हुए तर्क किया कि भाजपा वाम को राष्ट्रीय स्तर पर एक वास्तविक चुनौती के रूप में नहीं देखती है।

राहुल गांधी ने दावा किया कि भाजपा का वास्तविक रूप से विरोध करने वाले नेताओं को दबाव और जांच का सामना करना पड़ता है। अपने खिलाफ मामलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और वामपंथी नेतृत्व को इस तरह की गहन जांच का सामना नहीं करना पड़ता है।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर केरल के विवादास्पद मुद्दे सबरीमाला पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया ताकि सीपीआई (एम) को राजनीतिक रूप से नुकसान न पहुंचे।

कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि केरल में वामपंथी सरकार अब सच्ची वामपंथी विचारधारा का प्रतिनिधित्व नहीं करती और इसके बजाय भाजपा के समान "कार्पोरेट-हितैषी" नीतियां अपना रही है।

उन्होंने रबर किसानों की दुर्दशा की ओर इशारा करते हुए दावा किया कि इस क्षेत्र की उपेक्षा की गई है और श्रमिकों और छोटे उत्पादकों की रक्षा करने में विफल रहने के लिए केंद्र और राज्य दोनों की आलोचना की।

यूडीएफ को जनहितैषी विकल्प के रूप में प्रस्तुत करते हुए राहुल गांधी ने कई महत्वपूर्ण आश्वासनों की घोषणा की। जिसमें राज्य द्वारा संचालित बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा, कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए 1,000 रुपए का मासिक भत्ता और कल्याणकारी पेंशन को बढ़ाकर 3,000 रुपए करना शामिल है।

राहुल गांधी ने प्रत्येक परिवार के लिए 25 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा कवर, लघु उद्यम को बढ़ावा देने के लिए 5 लाख रुपए के ऋण और वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक समर्पित मंत्रालय के गठन का भी वादा किया।

गांधी ने कहा कि केरल को आयात पर निर्भर रहने के बजाय लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और कृषि को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा, "जिस माइक्रोफोन से मैं बोल रहा हूं वह 'मेड इन चाइना' है, इसे केरल में बनाया जाना चाहिए।"

संपादकीय दृष्टिकोण

राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं। उनका आरोप कि भाजपा और वाम दलों का गुप्त समझौता है, यह दर्शाता है कि चुनावी मुकाबला कितना तीव्र हो सकता है। इन वादों का असर मतदाताओं पर कैसे पड़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने केरल में क्या वादे किए?
राहुल गांधी ने विधानसभा चुनाव के लिए कई कल्याणकारी वादे किए, जैसे महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और छात्राओं के लिए मासिक भत्ता।
राहुल गांधी ने किस पर आरोप लगाया?
उन्होंने भाजपा और वाम दलों के बीच गुप्त मिलीभगत का आरोप लगाया।
क्या राहुल गांधी ने किसी विशेष मुद्दे पर बात की?
उन्होंने सबरीमाला मुद्दे पर नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया।
राहुल गांधी ने किसानों के लिए क्या कहा?
उन्होंने रबर किसानों की दुर्दशा की आलोचना की और उनके लिए बेहतर नीतियों की आवश्यकता पर जोर दिया।
राहुल गांधी के वादों का क्या महत्व है?
ये वादे मतदाताओं को आकर्षित करने और यूडीएफ की स्थिति को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
राष्ट्र प्रेस
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