क्या 'मतदाता अधिकार यात्रा' को दिलीप जायसवाल ने नौटंकी बताया? शाहनवाज हुसैन ने कहा- पूरी तरह फ्लॉप होगी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या 'मतदाता अधिकार यात्रा' को दिलीप जायसवाल ने नौटंकी बताया? शाहनवाज हुसैन ने कहा- पूरी तरह फ्लॉप होगी

सारांश

बिहार में राहुल गांधी की 'मतदाता अधिकार यात्रा' पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। दिलीप जायसवाल ने इसे नौटंकी करार दिया है। क्या यह यात्रा वाकई फ्लॉप होगी? जानें इस विवाद की पूरी कहानी और भाजपा के नेताओं की प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

राहुल गांधी की यात्रा मतदाता अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए है।
भाजपा ने इसे नौटंकी करार दिया है।
चुनाव आयोग ने एसआईआर का निर्णय लिया है।
बिहार में चुनावी वर्ष में यह यात्रा महत्वपूर्ण है।
भाजपा के नेताओं का मानना है कि यात्रा का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

पटना, 17 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बिहार में 'मतदाता अधिकार यात्रा' का आयोजन कर रहे हैं, जिस पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने रविवार को इस यात्रा को नौटंकी करार दिया।

दिलीप जायसवाल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "यह यात्रा केवल एक नौटंकी है। बिहार की जनता सब जानती है। किसी भी मतदाता को कोई परेशानी नहीं होगी। एक सितंबर तक चुनाव आयोग का पोर्टल खुला है। बिहार के हर एक वोटर को उसका अधिकार देने के लिए चुनाव आयोग तत्पर है। ऐसे में विपक्ष यह नाटक क्यों कर रहा है?"

भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, "बिहार में राजद और कांग्रेस द्वारा निकाली जा रही यात्रा पूरी तरह से फ्लॉप होने वाली है। दोनों पार्टियां एसआईआर के मुद्दे पर जनता को गुमराह कर रही हैं। उनकी बातों का कोई असर नहीं होने वाला। एनडीए बिहार विधानसभा का चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लड़ेगा। हम पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेंगे और जीत हासिल करेंगे। इंडी गठबंधन के लोगों की हार निश्चित है और जब वे हारेंगे, तो हार का ठीकरा फिर से चुनाव आयोग पर डालने वाले हैं। इसीलिए वे पहले से इसकी भूमिका बना रहे हैं। उनकी यात्रा का कोई असर नहीं पड़ेगा।

जानकारी के लिए बता दें कि बिहार में इस साल चुनाव होने वाले हैं। चुनावी वर्ष में ही चुनाव आयोग ने बिहार की मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने का निर्णय लिया है, जिसका विपक्ष विरोध कर रहा है। राहुल गांधी चुनाव आयोग पर कथित तौर पर वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं। इसी आरोप के चलते राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के नेता बिहार में यात्रा निकाल रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि चुनावी राजनीति में विपक्ष की हर गतिविधि को गंभीरता से लेना चाहिए। हालांकि, भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे समय में जब चुनाव नजदीक हैं, किसी भी यात्रा का प्रभाव मतदाताओं पर पड़ सकता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी की 'मतदाता अधिकार यात्रा' का उद्देश्य क्या है?
इस यात्रा का उद्देश्य मतदाताओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना और चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे कार्यों पर सवाल उठाना है।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया क्या है?
भाजपा के नेता इसे नौटंकी और फ्लॉप बता रहे हैं, और उनका कहना है कि यह जनता को गुमराह करने का प्रयास है।
बिहार में इस साल चुनाव कब हैं?
इस साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है, हालांकि सटीक तिथि की घोषणा अभी नहीं हुई है।
क्या चुनाव आयोग की नई नीति का प्रभाव होगा?
नया एसआईआर प्रक्रिया विपक्ष के लिए चिंता का विषय है, और इसे लेकर वे विरोध कर रहे हैं।
क्या इस यात्रा का कोई प्रभाव पड़ेगा?
भाजपा नेताओं का मानना है कि इस यात्रा का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन इसका सही आकलन चुनावों के बाद ही किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 महीने पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले