राहुल गांधी का बड़ा हमला: मोदी और ममता एक ही सिक्के के दो पहलू, जनता से नहीं कोई सरोकार
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी ने 25 अप्रैल को हुगली, पश्चिम बंगाल में रैली में PM मोदी और CM ममता बनर्जी को एक ही सिक्के के दो पहलू बताया।
- पश्चिम बंगाल में 84 लाख से अधिक युवाओं ने बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन किया है।
- ममता बनर्जी ने 2011 में पांच लाख नौकरियों का वादा किया था जो 15 वर्षों बाद भी अधूरा है।
- राहुल गांधी पर 36 मामले दर्ज हैं और उनसे 55 घंटे पूछताछ हुई जबकि ममता बनर्जी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं।
- तृणमूल कांग्रेस पर चिट फंड घोटाले, कोयला तस्करी और नौकरी के बदले रिश्वत के आरोप राहुल गांधी ने दोहराए।
- कांग्रेस 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC और BJP दोनों के विरुद्ध तीसरे विकल्प के रूप में उभरने की रणनीति पर काम कर रही है।
कोलकाता, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार, 25 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के हुगली में आयोजित एक चुनावी जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर एक साथ निशाना साधते हुए कहा कि दोनों नेता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं क्योंकि दोनों को आम जनता, युवाओं और गरीबों की कोई परवाह नहीं है।
मोदी और ममता पर एक साथ हमला
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद को सच्चा राष्ट्रवादी बताते हैं, लेकिन उन्होंने गरीबों के लिए कुछ नहीं किया। उनकी सरकार की नीतियां केवल करोड़पतियों और बड़े उद्योगपतियों के हित में रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ममता बनर्जी भी युवाओं के लिए रोजगार सृजन में कोई रुचि नहीं रखतीं। जो काम मोदी राष्ट्रीय स्तर पर कर रहे हैं, वही ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में दोहरा रही हैं।
भ्रष्टाचार की प्रतिस्पर्धा का आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राज्य स्तर पर तृणमूल कांग्रेस के बीच भ्रष्टाचार की सीधी प्रतिस्पर्धा चल रही है।
उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेताओं पर चिट फंड घोटाले, कोयला तस्करी और नौकरी के बदले रिश्वतखोरी जैसे संगीन मामलों में संलिप्त होने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि भाजपा राष्ट्रीय स्तर पर हिंसा का माहौल बनाती है जबकि तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में राज्य स्तर पर हिंसा को बढ़ावा देती है।
बेरोजगारी और ममता के वादों पर सवाल
राहुल गांधी ने याद दिलाया कि ममता बनर्जी ने 2011 में मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद पांच लाख नौकरियां देने का वादा किया था। उन्होंने पूछा कि क्या किसी को वह नौकरी मिली।
उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में 84 लाख से अधिक युवाओं ने बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन किया है। ममता बनर्जी ने पिछले 15 वर्षों में राज्य की जनता के लिए कुछ ठोस नहीं किया।
मोदी-ममता के बीच गुप्त समझौते का दावा
राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी और ममता बनर्जी के बीच एक अघोषित और गुप्त समझौता है। इसीलिए ममता बनर्जी के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
उन्होंने अपनी स्थिति से तुलना करते हुए कहा कि उनके खिलाफ 36 मामले दर्ज हैं, उनसे लगातार पांच दिनों तक 55 घंटे पूछताछ की गई और उनकी लोकसभा सदस्यता तक छीनी गई। वे अभी जमानत पर हैं और हर 10 से 15 दिन में अदालत में पेश होना पड़ता है। इसके विपरीत ममता बनर्जी से न कोई पूछताछ हुई न कोई मामला दर्ज हुआ।
राजनीतिक संदर्भ और व्यापक असर
गौरतलब है कि यह रैली पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों के बीच हो रही है जहां कांग्रेस अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों के खिलाफ एक साथ मोर्चा खोलकर राहुल गांधी बंगाल में तीसरे विकल्प के रूप में कांग्रेस को स्थापित करने की रणनीति अपना रहे हैं।
आने वाले हफ्तों में राहुल गांधी के और अधिक दौरे तथा रैलियां पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित हैं जो राज्य की राजनीतिक तस्वीर को और अधिक स्पष्ट करेंगी।