राहुल गांधी का केंद्र पर हमला: 'पुलिस बुला लीजिए, हम झुकने वाले नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 10 अक्टूबर 2026 को केंद्र सरकार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और चुनाव आयोग पर तीखा प्रहार किया। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि एक दशक से अधिक समय से वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS के विरुद्ध संघर्षरत हैं और अपने विरोधियों की हर रणनीति से भली-भाँति परिचित हैं। यह बयान ऐसे समय आया जब नई दिल्ली में कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन को लेकर केंद्र और विपक्ष के बीच तनाव चरम पर है।
राहुल गांधी का सीधा संदेश
राहुल गांधी ने अपने वीडियो में कहा, 'मैं नरेंद्र मोदी, RSS और इनसे जुड़े लोगों के खिलाफ एक दशक से भी ज्यादा समय से लड़ रहा हूं। मैं अपने विरोधियों को उतनी अच्छी तरह समझता हूं, जितना कोई भी अपने प्रतिद्वंद्वी को समझता है। मैं इन्हें अंदर तक जानता हूं, इनकी हर चाल से वाकिफ हूं।' उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों की सबसे बड़ी पहचान 'कायरता' बताई।
गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, RSS प्रमुख मोहन भागवत, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का नाम लेते हुए दावा किया कि उनके विरोधियों का दायरा धीरे-धीरे सिमट रहा है।
गिरफ्तारी की चुनौती
कांग्रेस नेता ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'जो करना है, कर लीजिए। जितनी पुलिस बुलानी है, बुला लीजिए। सारे नेताओं को गिरफ्तार कर लीजिए, सारे युवाओं को गिरफ्तार कर लीजिए, हम सबको गिरफ्तार कर लीजिए। हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि उनकी लड़ाई संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए है।
गांधी ने युवाओं से विरोध जारी रखने की अपील की और कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
प्रियंका गांधी और जयराम रमेश की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन को रोकने के लिए राजधानी को 'किले' में तब्दील कर दिया गया है। उनका कहना था कि युवाओं और विपक्षी कार्यकर्ताओं को उनके संवैधानिक अधिकारों के इस्तेमाल से रोका जा रहा है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजधानी में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था यह दर्शाती है कि सरकार विरोध-प्रदर्शनों से परेशान है। उन्होंने मतदाता सूची से जुड़े विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा बताया।
व्यापक राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कांग्रेस ने दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए थे और नेताओं व कार्यकर्ताओं की हिरासत को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा जा रहा है। यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने इस तरह के आक्रामक स्वर में सरकार को चुनौती दी हो — पिछले कुछ महीनों में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच संसद के भीतर और बाहर टकराव की घटनाएँ बढ़ी हैं।
कांग्रेस का कहना है कि युवाओं, छात्रों और मतदाताओं से जुड़े मुद्दों पर उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। आने वाले दिनों में पार्टी की रणनीति और सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।