राहुल गांधी यूएसए के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं: BJP विधायक प्रतीक भूषण सिंह का बड़ा आरोप
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर गोंडा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने 11 अक्टूबर 2026 को बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अमेरिका (यूएसए) के एजेंट के रूप में देश में काम कर रहे हैं और विदेशी एजेंडा फैला रहे हैं। यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक तीखी बहस को जन्म दे सकता है।
विधायक के मुख्य आरोप
प्रतीक भूषण सिंह ने कहा, 'मैं एक दूरदराज के गांव में रहने वाला व्यक्ति हूं। राहुल गांधी चाहे जितनी भी कोशिश कर लें, चुनाव केवल वोटों से ही जीते जा सकते हैं और चुनाव जीतने के बाद ही सरकार बन सकती है। वह भ्रम फैलाकर और विदेशी ताकतों के औजार के रूप में काम करके इसे हासिल नहीं कर सकते।' BJP विधायक ने आगे कहा कि राहुल गांधी जिस तरह से भ्रामक तथ्यों के आधार पर आरोप लगाकर भूमिका बना रहे हैं, वह भारत की व्यवस्था के खिलाफ है।
कानूनी कार्रवाई की मांग
विधायक ने यहाँ तक कहा कि सरकारी एजेंसियों को राहुल गांधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी यूएसए एजेंट के रूप में यहां काम कर रहे हैं और उसके एजेंडे को यहां फैला रहे हैं। यहां के राजनेता से हमें यह उम्मीद नहीं थी।' प्रतीक भूषण सिंह ने यह भी कहा कि पड़ोसी देशों में जो हालात हैं, उनके लिए इसी प्रकार के नेता जिम्मेदार होते हैं। उन्होंने सीजेपी के एक विरोध प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी (AAP) की 'बी टीम' का प्रदर्शन करार दिया।
श्रावस्ती एयरपोर्ट की खराब गुणवत्ता पर जांच की मांग
इसी बैठक में BJP विधायक ने एक अलग मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से श्रावस्ती एयरपोर्ट में निर्माण की अनियमितताओं और खराब गुणवत्ता की जांच की मांग की। प्रतीक भूषण सिंह ने कहा, 'वहां ऐसा लगता है कि निर्माण की इकाई या ठेकेदार या अन्य लोगों की तरफ से कमी रह गई है। यह सरकार की इतनी महत्वाकांक्षी परियोजना है, प्रधानमंत्री ने इसका उद्घाटन किया और उसके बाद निर्माण की इकाई ने ऐसा कैसे होने दिया।'
आईआईटी रुड़की रिपोर्ट और भ्रष्टाचार का आरोप
विधायक ने बताया कि उन्हें आईआईटी रुड़की की एक रिपोर्ट प्राप्त हुई थी, जिसमें स्पष्ट रूप से निर्माण में लापरवाही की बात कही गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी दे दी है। उन्होंने कहा, 'अब जांच बताएगी कि भ्रष्टाचार हुआ है या लापरवाही। मेरी जिम्मेदारी थी आवाज उठाना, तो मैंने मुख्यमंत्री को रिपोर्ट किया है। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही कोई कठोर निर्णय देखने को मिलेगा।'
'घोस्ट एयरपोर्ट' का विवाद
गौरतलब है कि श्रावस्ती एयरपोर्ट को लेकर पहले से ही गंभीर सवाल उठते रहे हैं। केंद्र सरकार की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी उड़ान योजना के तहत हाई-प्रोफाइल उद्घाटन के बाद कई आधिकारिक खुलासों और राजनीतिक शिकायतों में गंभीर खामियां सामने आई हैं। निर्माण में अनियमितता और तकनीकी कमियों के कारण इसे कथित तौर पर 'घोस्ट एयरपोर्ट' तक कहा जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की गुणवत्ता पर व्यापक बहस छिड़ी हुई है।