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क्या पटना की दीवारों पर राजद नेता द्वारा पोस्टर लगाए गए हैं?

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क्या पटना की दीवारों पर राजद नेता द्वारा पोस्टर लगाए गए हैं?

सारांश

पटना में राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ताओं ने "बिहार में का बा" नाम से पोस्टर लगाए हैं, जो राज्य में बढ़ते अपराधों पर सवाल उठाते हैं। यह पोस्टर हालिया घटनाओं को उजागर करते हैं और सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास करते हैं।

मुख्य बातें

पटना में राजद ने आपराधिक घटनाओं पर पोस्टर लगाए हैं।
पोस्टरों में हालिया हत्याकांडों का जिक्र है।
राजद की ओर से सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं।
इन पोस्टरों का उद्देश्य राजनीतिक दबाव बनाना है।
राजद नेता सनत कुशवाहा ने इस अभियान को चलाया है।

पटना, 18 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजधानी पटना में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ताओं ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में "बिहार में का बा" शीर्षक से पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों में बिहार में हो रही अपराधों का उल्लेख किया गया है और प्रश्न उठाया गया है कि 'बिहार में का बा?'। राजद द्वारा लगाए गए पोस्टरों में ललन सिंह की ओर से सावन के महीने में मटन पार्टी का भी चित्रण किया गया है।

इन पोस्टरों में दो मुख्य मुद्दों को उजागर किया गया है। एक ओर हाल ही में अस्पताल के भीतर हुई गोलीबारी की घटना का उल्लेख किया गया है, जबकि दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की सावन के महीने में आयोजित 'मटन पार्टी' का चित्रण किया गया है। यह पोस्टर राजद नेता सनत कुशवाहा द्वारा लगाए गए हैं, जो कुढ़नी विधानसभा-93 के विधायक हैं।

ये पोस्टर राजद की ओर से वर्तमान सरकार पर हमला करने का प्रयास माने जा रहे हैं।

इससे पहले 15 जुलाई को पटना के कई चौक-चौराहों पर 'बिहार में गुंडाराज' के पोस्टर लगाए गए थे, जिसमें 8 हत्याकांडों का उल्लेख किया गया था।

पटना के जेपी गोलंबर, इनकम टैक्स चौराहा, वीरचंद पटेल रोड, बोरिंग रोड चौराहा सहित अन्य स्थानों पर लगे ये पोस्टर किसने लगाए थे, इसका उल्लेख नहीं किया गया। पोस्टर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तस्वीरें हैं और लिखा गया है, 'बिहार में गुंडाराज, कारोबारियों पर कहर।'

पोस्टर के चारों ओर बिहार में हाल ही में हुए आठ हत्याकांडों की तारीखों के साथ चर्चा की गई है, जिसमें मृतकों की तस्वीरें भी हैं। पोस्टर में सबसे पहले मशहूर उद्योगपति गोपाल खेमका की तस्वीर के साथ उनकी हत्या की तारीख का उल्लेख किया गया है।

इसी तरह, व्यवसायी दीपक शाह, मार्ट के मालिक विक्रम झा, शिक्षक संतोष राय और बालू कारोबारी रमाकांत यादव की हत्याओं का भी उल्लेख किया गया है। इसके अतिरिक्त, पोस्टर में कारोबारी पुट्टू खान और वकील जितेंद्र मेहता की भी हत्या का जिक्र है, जो 13 जुलाई को गोली मारकर मारे गए थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक दलों द्वारा इस तरह के अभियान केवल सरकार की नाकामियों को उजागर करने के लिए नहीं हैं, बल्कि यह जनता के मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करने का भी एक प्रयास हैं। हमें एक राष्ट्र के तौर पर सच्चाई को समझने और सही दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना में राजद द्वारा लगाए गए पोस्टरों का क्या उद्देश्य है?
राजद के पोस्टरों का उद्देश्य राज्य में बढ़ते अपराधों और सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाना है।
पोस्टरों में किस-किस घटनाओं का उल्लेख किया गया है?
पोस्टरों में हाल ही में अस्पताल में हुई गोलीबारी और विभिन्न हत्याकांडों का उल्लेख किया गया है।
क्या इन पोस्टरों का राजनीतिक संदर्भ है?
हां, ये पोस्टर वर्तमान सरकार पर हमला करने और जनता के मुद्दों को उजागर करने का एक प्रयास हैं।
राष्ट्र प्रेस
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