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राजस्थान विधानसभा में 17 देशों के 43 प्रतिनिधियों का अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम: देवनानी

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राजस्थान विधानसभा में 17 देशों के 43 प्रतिनिधियों का अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम: देवनानी

सारांश

राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बताया कि शनिवार को 17 देशों के 43 प्रतिनिधियों का एक दल विधानसभा का दौरा करेगा। यह कार्यक्रम विधायी प्रारूपण पर अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य वैश्विक ज्ञान का आदान-प्रदान करना है।

मुख्य बातें

17 देशों के 43 प्रतिनिधियों का राजस्थान विधानसभा में दौरा अंतरराष्ट्रीय विधायी प्रारूपण प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली की समझ बढ़ाना सांस्कृतिक विरासत का अनुभव वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना

जयपुर, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को यह घोषणा की कि शनिवार को विभिन्न देशों से आए प्रतिभागी राजस्थान विधानसभा का दौरा करेंगे और वहां की कार्यप्रणाली का अवलोकन करेंगे।

इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में बांग्लादेश, भूटान, घाना, केन्या, श्रीलंका, तंजानिया और जाम्बिया सहित 17 देशों के कुल 43 प्रतिभागी शामिल होंगे।

देवनानी ने इस पहल के संबंध में कहा कि लोकसभा सचिवालय के अधीन 'संसदीय अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान' (पीआरआईडीई) द्वारा राजस्थान विधानसभा में 'अंतरराष्ट्रीय विधायी प्रारूपण' विषय पर 37वें अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की 'भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग' (आईटीईसी) योजना के तहत चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य विदेशी प्रतिभागियों के बीच विधायी प्रारूपण (कानून बनाने के मसौदे तैयार करने) से जुड़ी वैचारिक समझ, कौशल और तकनीकों को मजबूत करना है।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत, प्रतिनिधिमंडल शनिवार को विधानसभा हॉल, विधानसभा भवन और 'राजनीतिक आख्यान संग्रहालय' का दौरा करेगा।

देवनानी ने कहा कि इस पहल से राज्य विधानमंडल को एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी। प्रतिभागियों को राजस्थान विधानसभा की कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रियाओं और संसदीय परंपराओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।

प्रतिनिधिगण पीठासीन अधिकारियों और विधानसभा सचिव के साथ संवाद करेंगे, विशेषज्ञ कानूनी विद्वानों और गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात करेंगे, और राज्य के प्रमुख कानूनी संस्थानों का दौरा करेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराने के लिए प्रमुख पर्यटन स्थलों के दौरे भी आयोजित किए जाएंगे।

देवनानी ने कहा, "यह कार्यक्रम विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों को भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और इसके राज्यों की विधायी कार्यप्रणाली की गहरी समझ हासिल करने का अवसर प्रदान करेगा, जिससे संसदीय सहयोग को मजबूती मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।"

इससे पहले इसी वर्ष जनवरी में 40 राष्ट्रमंडल देशों से 120 सदस्यीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल दो दिवसीय दौरे पर जयपुर आया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए भी महत्वपूर्ण है। विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों का एकत्रित होना और भारतीय विधायी प्रक्रिया को समझना, वैश्विक सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
इस कार्यक्रम का उद्देश्य विदेशी प्रतिभागियों के बीच विधायी प्रारूपण से जुड़ी समझ और कौशल को बढ़ाना है।
कौन से देश इस कार्यक्रम में शामिल हैं?
इस कार्यक्रम में बांग्लादेश, भूटान, घाना, केन्या, श्रीलंका, तंजानिया और जाम्बिया सहित 17 देश शामिल हैं।
प्रतिभागियों को क्या जानकारी दी जाएगी?
प्रतिभागियों को राजस्थान विधानसभा की कार्यप्रणाली, विधायी प्रक्रियाओं और संसदीय परंपराओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।
इस कार्यक्रम का आयोजन किसके द्वारा किया जा रहा है?
यह कार्यक्रम लोकसभा सचिवालय के अधीन 'संसदीय अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान' (पीआरआईडीई) द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
प्रतिभागियों को किन अन्य गतिविधियों में शामिल किया जाएगा?
प्रतिभागियों को प्रमुख कानूनी संस्थानों का दौरा और भारत की सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराने के लिए पर्यटन स्थलों की यात्रा भी कराई जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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