क्या राजस्थान में माय विक्ट्री क्लब स्कीम में करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला है?

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क्या राजस्थान में माय विक्ट्री क्लब स्कीम में करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला है?

सारांश

राजस्थान में माय विक्ट्री क्लब स्कीम में करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय ने प्रमुख आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। जानिए इस स्कीम की पूरी कहानी और इसके पीछे का सच।

Key Takeaways

  • ईडी ने माय विक्ट्री क्लब स्कीम में धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई की।
  • मुख्य आरोपी दुबई में है।
  • धोखाधड़ी में करोड़ों का लेनदेन शामिल है।
  • निवेशकों को उच्च रिटर्न का लालच दिया गया।
  • यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर फैल चुका है।

जयपुर, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जयपुर जोनल ऑफिस ने बुधवार को डिजी मुद्रा कनेक्ट प्राइवेट लिमिटेड और इसके डायरेक्टर्स रवि जैन और प्रकाश चंद जैन के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की।

ईडी ने जयपुर और किशनगढ़ (अजमेर) में कुल 7 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। आरोप है कि इन व्यक्तियों ने माई विक्ट्री क्लब (एमवीसी) नामक प्लेटफॉर्म/ऐप के माध्यम से हजारों भोले-भाले निवेशकों को क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग में अत्यधिक रिटर्न का लालच देकर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की।

यह जांच एसटीएफ भोपाल (मध्य प्रदेश) सहित राजस्थान, हरियाणा, ओडिशा और महाराष्ट्र के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में दर्ज एफआईआर पर आधारित है। जांच में यह सामने आया कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए उनके मोबाइल में एमवीसी ऐप इंस्टॉल कराए गए और आईडी बनाई गई। ऐप में जमा राशि और रोजाना का वर्चुअल मुनाफा दिखाया जाता था, लेकिन वास्तविक विड्रॉल या रिटर्न कभी नहीं दिया गया।

ईडी के अनुसार, निवेशकों से एकत्रित रकम को कंपनी के प्रमोटर्स, उनके परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और एजेंटों के व्यक्तिगत बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। अपराध से प्राप्त धन का उपयोग परिवार के नाम पर अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया। मुख्य आरोपी रवि जैन वर्तमान में दुबई में है और उसने अपराध की कमाई को वहां रियल एस्टेट और अन्य व्यवसायों में निवेश करने के लिए भेजा है।

तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल सबूत और 11.3 लाख रुपए नकद जब्त किए गए। इसके अलावा, आरोपी व्यक्तियों और संस्थाओं से जुड़े बैंक खातों में उपलब्ध करीब 38 लाख रुपए की राशि का भी पता चला है। साथ ही, करोड़ों रुपये मूल्य की कई अचल संपत्तियों की जानकारी मिली है।

यह मामला एक क्लासिक पोंजी/एमएलएम स्कीम जैसा है, जहां नए निवेशकों के पैसे से पुराने निवेशकों को दिखावा किया जाता था, लेकिन अंततः स्कीम ढह गई और हजारों लोग ठगे गए। ईडी ने कहा कि जांच से पता चला है कि धोखाधड़ी राष्ट्रीय स्तर पर फैली हुई है।

Point of View

NationPress
01/01/2026

Frequently Asked Questions

माय विक्ट्री क्लब स्कीम क्या है?
यह एक प्लेटफॉर्म है जो निवेशकों को क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग में अत्यधिक रिटर्न का लालच देता है।
ईडी ने कितने स्थानों पर छापेमारी की?
ईडी ने कुल 7 स्थानों पर छापेमारी की।
मुख्य आरोपी कहां है?
मुख्य आरोपी रवि जैन वर्तमान में दुबई में है।
कितनी राशि जब्त की गई?
तलाशी के दौरान 11.3 लाख रुपए नकद और 38 लाख रुपए की बैंक राशि जब्त की गई।
इस धोखाधड़ी का क्या प्रभाव होगा?
यह धोखाधड़ी हजारों निवेशकों को प्रभावित करेगी और वित्तीय बाजार पर नकारात्मक प्रभाव डालेगी।
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