क्या बिहार में राजद ने भाजपा नेता की महिला विरोधी टिप्पणी के खिलाफ प्रदर्शन किया?
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- राजद ने भाजपा नेता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
- राजद की महिला प्रकोष्ठ का प्रदर्शन राजनीतिक जागरूकता को बढ़ावा देता है।
पटना, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की महिला प्रकोष्ठ ने शनिवार को पटना में उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य के पति और भाजपा नेता गिरधारी लाल साहू द्वारा बिहार की महिलाओं के प्रति की गई अभद्र और अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन का आरंभ वीर चंद पटेल पथ स्थित राजद के प्रदेश कार्यालय से हुआ और यह आयकर गोलचक्कर तक पहुँचा, जहाँ विरोध के प्रतीक के रूप में एक पुतला जलाया गया।
इस दौरान "बिहार की महिलाओं का अपमान नहीं सहेंगे" जैसे नारे गूंजते रहे।
आयकर गोलचक्कर पर पुतला जलाने की इस गतिविधि का नेतृत्व राजद महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारिणी की सदस्य अनीता भारती ने किया।
प्रदर्शन से पूर्व राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगानी लाल मंडल ने राजद के प्रदेश कार्यालय में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं का अपमान किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा।
उन्होंने इस विरोध प्रदर्शन को भाजपा के लिए एक चेतावनी बताते हुए कहा कि गिरधारी लाल साहू की आपत्तिजनक टिप्पणियां पार्टी में एक गंभीर समस्या को उजागर करती हैं।
राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि मंडल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की इस मामले पर चुप्पी पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि यह लगातार चुप्पी दर्शाती है कि भाजपा ऐसे लोगों को संरक्षण और प्रोत्साहन दे रही है। यह आंदोलन तो केवल शुरुआत है। बिहार की महिलाएं इस प्रकार के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगी।
इस विरोध प्रदर्शन में राजद प्रवक्ता सारिका पासवान, प्रदेश महासचिव मुकुंद सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आभा लता यादव, प्रोफेसर गीता यादव, सुनीता कुशवाहा, पूजा यादव, मीना राय, स्नेहा रानी, सुचित्रा चौधरी, विजयलक्ष्मी, गुड़िया यादव, संध्या राय, गीता कुमारी, ऋतु प्रिया चौधरी, नसीम जमाल और नीतू कुमारी सहित बड़ी संख्या में महिला नेता और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
विरोध प्रदर्शन के दौरान अनीता भारती और सारिका पासवान ने भाजपा से गिरधारी लाल साहू को तुरंत पार्टी से निष्कासित करने की मांग की।
उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और पूछा कि क्या भाजपा को बिहार की महिलाओं की गरिमा की कोई परवाह है?
नेताओं ने अपमानजनक भाषा के प्रयोग के लिए गिरधारी लाल साहू के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और उनकी पत्नी रेखा आर्य को उत्तराखंड सरकार से बर्खास्त करने की मांग की, यह कहते हुए कि महिलाओं का ऐसा अपमान किसी भी स्थिति में अस्वीकार्य है।