6 अक्टूबर 2026
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जदयू में 'सेंध' पर राजद विधायक भाई वीरेंद्र का हमला, नीतीश को दी 'जागते रहो' की चेतावनी

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जदयू में 'सेंध' पर राजद विधायक भाई वीरेंद्र का हमला, नीतीश को दी 'जागते रहो' की चेतावनी

सारांश

जदयू के अपने विधायक अनंत सिंह ने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ मोर्चा खोला और राजद के भाई वीरेंद्र ने इसे 'सेंध' बताकर नीतीश कुमार को चेताया — पटना स्नातक सीट पर 23 अक्टूबर का चुनाव अब सिर्फ एक उपचुनाव नहीं, जदयू की आंतरिक एकता की असली कसौटी बन गया है।

मुख्य बातें

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने 6 अक्टूबर 2026 को पटना में जदयू पर 'सेंध' लगने का आरोप लगाया।
पटना स्नातक सीट पर जदयू के आधिकारिक प्रत्याशी नीरज कुमार के विरुद्ध जदयू विधायक अनंत सिंह ने जन सुराज उम्मीदवार अनुज सिंह का खुला समर्थन किया।
भाई वीरेंद्र ने नीतीश कुमार और निशांत कुमार को 'जागते रहो' की चेतावनी देते हुए पार्टी बचाने की अपील की।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है।
रोहिणी आचार्य के पटना लौटने पर भाई वीरेंद्र ने इसे पारिवारिक प्रेम का परिणाम बताकर स्वागत किया।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र ने 6 अक्टूबर 2026 को पटना में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के भीतर चल रहे अंदरूनी विवाद पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया। उन्होंने बिना किसी नेता का नाम लिए दावा किया कि जदयू में भीतरघात हो चुका है और इसके परिणाम आने वाले समय में सामने आएंगे। यह विवाद पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार चयन को लेकर उभरा है, जहाँ जदयू के एक विधायक ने ही पार्टी प्रत्याशी के विरुद्ध खुलकर मोर्चा खोल दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

पटना स्नातक सीट पर जदयू ने अपने मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार को आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है। इसके बावजूद, जदयू विधायक अनंत सिंह खुलकर जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं। यह स्थिति पार्टी के भीतर गहरे मतभेद की ओर इशारा करती है।

भाई वीरेंद्र का बयान

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में कहा कि जिस पार्टी को कभी लोग 'जनता दल नीतीश' के नाम से जानते थे, उसमें अब हालात यह हो गए हैं कि एक आदमी इधर खड़ा है और दूसरा उधर — लेकिन दोनों का 'मुंह एक ही' है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जदयू को तोड़ने की कोशिशें जारी हैं, तो उसमें सेंध लग चुकी है और पार्टी कब धराशायी होगी, यह वक्त बताएगा।

उन्होंने ग्रामीण इलाकों में चौकीदार के 'जागते रहो' कहने की परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और निशांत कुमार से अपील की कि वे अपनी पार्टी की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें। उन्होंने आरोप लगाया कि दो लोग आपस में मिलकर जदयू को नुकसान पहुँचाने की साज़िश रच रहे हैं, हालाँकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया।

चुनावी संदर्भ

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना तय है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं और सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर एकता की परीक्षा हो रही है। गौरतलब है कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें परंपरागत रूप से राजनीतिक प्रभाव का प्रतीक मानी जाती हैं।

रोहिणी आचार्य के पटना लौटने पर प्रतिक्रिया

राजद नेता लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के पटना लौटने पर पूछे गए सवाल के जवाब में भाई वीरेंद्र ने कहा कि परिवार में कभी-कभी मतभेद होते हैं, लेकिन माता-पिता के प्रति प्रेम अटूट रहता है। उन्होंने कहा कि पिता का बुलावा आया और उनके प्रति मन में प्रेम होने के कारण रोहिणी सब कुछ छोड़कर पटना चली आईं — यह स्वागत योग्य कदम है।

आगे क्या होगा

23 अक्टूबर के मतदान से पहले पटना स्नातक सीट का यह विवाद और गहरा हो सकता है। जदयू के लिए यह परिस्थिति संगठनात्मक अनुशासन की बड़ी परीक्षा है। बिहार की राजनीति में इस सीट के परिणाम का व्यापक संदेश जाएगा — विशेष रूप से तब, जब विपक्षी राजद सत्ताधारी गठबंधन की हर दरार को बड़े मंच पर उठाने में जुटा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि असली सवाल यह है कि क्या नीतीश कुमार का दल आंतरिक बागी तत्वों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है — या यह विवाद 27 अक्टूबर के बाद भी पार्टी को कमज़ोर करता रहेगा।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना स्नातक सीट पर जदयू में विवाद क्यों है?
जदयू ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अपने मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन जदयू विधायक अनंत सिंह ने जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह का खुलकर समर्थन किया है। यह पार्टी की आधिकारिक लाइन के खिलाफ है और इसे अंदरूनी मतभेद का प्रतीक माना जा रहा है।
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने जदयू पर क्या आरोप लगाए?
भाई वीरेंद्र ने दावा किया कि जदयू में भीतरघात हो चुका है और दो लोग मिलकर पार्टी को नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बिना नाम लिए नीतीश कुमार और निशांत कुमार को 'जागते रहो' की चेतावनी देते हुए अपनी पार्टी की रक्षा करने का आग्रह किया।
पटना स्नातक सीट पर मतदान और मतगणना की तारीख क्या है?
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर 2026 को मतदान और 27 अक्टूबर 2026 को मतगणना निर्धारित है।
रोहिणी आचार्य के पटना लौटने पर भाई वीरेंद्र ने क्या कहा?
भाई वीरेंद्र ने कहा कि परिवार में कभी-कभी नाराज़गी होती है, लेकिन माता-पिता के प्रति प्रेम बना रहता है। उनके अनुसार पिता का बुलावा आने पर रोहिणी आचार्य सब कुछ छोड़कर पटना लौट आईं, जो एक स्वागत योग्य कदम है।
इस विवाद का बिहार की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह विवाद जदयू के संगठनात्मक अनुशासन पर सवाल खड़े करता है और विपक्षी राजद को सत्तारूढ़ गठबंधन को घेरने का अवसर देता है। 27 अक्टूबर को आने वाले परिणाम यह तय करेंगे कि पार्टी की आंतरिक कलह ने मतदाताओं को किस हद तक प्रभावित किया।
राष्ट्र प्रेस
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