राजकोट में रूपाणी ट्रस्ट का बालसंगम: 600 वंचित बच्चों ने फनवर्ल्ड में उठाया निःशुल्क राइड्स का आनंद
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजयभाई रूपाणी की जन्म-जयंती पर 8 अक्टूबर 2026 को राजकोट के फनवर्ल्ड में श्री पूजित रूपाणी मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से बालसंगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में स्लम क्षेत्रों, सड़कों और कूड़े के ढेरों पर जीवन-यापन करने वाले करीब 600 बच्चों को निःशुल्क राइड्स और भोजन का अवसर दिया गया।
कार्यक्रम का स्वरूप और उद्देश्य
ट्रस्ट के इस वार्षिक आयोजन में वे बच्चे शामिल हुए जो ट्रस्ट की सामाजिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं — जिनमें सड़क पर रहने वाले और कूड़ा बीनने वाले बच्चे भी थे। आयोजन का मकसद दिवंगत विजयभाई रूपाणी की स्मृति को वंचित बच्चों की मुस्कान के साथ जोड़ना था।
पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र ऋषभ विजयभाई रूपाणी ने कार्यक्रम में कहा, 'आज 8 अक्टूबर है और मेरे पिता, जिनके नाम पर यह ट्रस्ट है, उनका जन्मदिन है। दुर्भाग्य से आज वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके जन्मदिन को हम राजकोट के उन सभी बच्चों के साथ मनाना चाहते हैं, जिन्हें ट्रस्ट ने सहारा दिया है।'
बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था
ऋषभ रूपाणी ने बताया कि सभी उपस्थित बच्चों के लिए असीमित राइड्स की सुविधा दी गई — वे जितनी बार चाहें, उतनी बार झूल सकते थे। इसके अलावा, सभी बच्चों के लिए सामूहिक भोजन की भी व्यवस्था की गई थी। उन्होंने फनवर्ल्ड प्रबंधन के सहयोग के प्रति आभार जताया।
उन्होंने कहा, 'ये सभी बच्चे विजयभाई और उनकी पत्नी अंजलि बहन के ही बेटे-बेटियाँ हैं। विजयभाई का जन्मदिन राजकोट के बेटे-बेटियों के चेहरे पर हँसी लाकर मनाना ही हमारा लक्ष्य है और हमेशा रहेगा।'
वरिष्ठ नेताओं और हस्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी वर्चुअल माध्यम से जुड़े और बच्चों को शुभकामनाएँ देते हुए ट्रस्ट के मानवीय प्रयास की सराहना की। इसके अलावा, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आर.सी. फलदू, लोकसभा सांसद परषोत्तम रूपाला, राजकोट के मेयर और गुजरात के संगठन महामंत्री भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
गुजराती फिल्म अभिनेत्री रीवा राछ भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा, 'जब विजय रूपाणी थे, तब मैं अभिनेता हितेन कुमार के साथ अपनी फिल्म के लिए आशीर्वाद लेने राजकोट आई थी। उन्होंने बहुत खुले दिल से हमें आशीर्वाद दिया था। बच्चे ही हमारे देश का भविष्य हैं। अगर वंचित बच्चों को अच्छा प्लेटफॉर्म और सही तालीम दी जाए, तो वे भी जीवन में बहुत आगे जा सकते हैं।'
आम जनता और समाज पर असर
यह आयोजन इस मायने में उल्लेखनीय है कि यह केवल एक स्मृति-कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक समावेश की एक व्यावहारिक कोशिश है। गौरतलब है कि राजकोट जैसे शहरों में हजारों बच्चे अभी भी मनोरंजन और बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। ट्रस्ट के इस प्रयास से जुड़े बच्चों के लिए यह दिन एक सामान्य बचपन की एक झलक लेकर आया।
आगे भी ट्रस्ट ऐसे आयोजनों को जारी रखने की योजना बना रहा है, जिससे वंचित वर्ग के बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।