विजय रूपाणी की पहली पुण्यतिथि: CM भूपेंद्र पटेल ने एक्स पर दी श्रद्धांजलि, नेतृत्व को बताया 'यादगार'
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 12 जून 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की पहली पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में पटेल ने रूपाणी के सौम्य व्यक्तित्व, पारदर्शी नेतृत्व और गुजरात की विकास यात्रा में उनके अविस्मरणीय योगदान को याद किया। प्रदेश के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी इस अवसर पर उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री और पार्टी नेताओं की श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने एक्स पर लिखा, 'गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजयभाई रूपाणी की पुण्यतिथि पर मैं उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। स्वर्गीय विजयभाई का सौम्य, संवेदनशील और सरल व्यक्तित्व, गुजरात की विकास यात्रा में उनका पारदर्शी और निर्णायक नेतृत्व, उनके योगदान और साथ ही गुजरात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर उनके कार्य हमेशा यादगार रहेंगे।'
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने भी एक्स पर लिखा, 'संगठन को मजबूत करने और गुजरात के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनकी सादगी और जन-कल्याण के लिए किए गए कार्य सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।'
एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 हादसा: घटनाक्रम
विजय रूपाणी, जो 2016 से 2021 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे, की मृत्यु 12 जून 2025 को उस समय हुई जब एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, लंदन जा रहा बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान मेघानी नगर इलाके में बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल कॉम्प्लेक्स से टकराकर क्रैश हो गया।
इस भीषण हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 और जमीन पर मौजूद 19 लोगों की जान चली गई — कुल 260 मौतें। यह हाल के वर्षों में भारत के सबसे घातक विमान हादसों में से एक था। इस त्रासदी से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।
एकमात्र जीवित बचे और पहचान की प्रक्रिया
इस हादसे में जीवित बचने वाले एकमात्र व्यक्ति ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश थे, जो सीट 11A से बाहर निकलने में सफल रहे। अधिकारियों ने बाद में पुष्टि की कि बुरी तरह जलने और टक्कर से हुई क्षति के कारण अनेक पीड़ितों की पहचान के लिए डीएनए परीक्षण आवश्यक था। रूपाणी की पहचान भी बाद में डीएनए विश्लेषण के माध्यम से की गई। बचाव और पहचान कार्य के लिए सैकड़ों कर्मचारी तैनात किए गए थे।
जांच और पुनर्निर्माण की स्थिति
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो अभी भी हादसे के कारणों की जांच कर रहा है। शुरुआती जांच में तकनीकी और परिचालन संबंधी कारणों की ओर संकेत मिला था, परंतु अब तक कोई अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है। राज्य सरकार की पुनर्विकास योजनाओं के तहत, बीजे मेडिकल कॉलेज के क्षतिग्रस्त हॉस्टल कॉम्प्लेक्स को एक बड़ी सुविधा के रूप में नए सिरे से निर्मित करने का निर्णय लिया गया है।
गौरतलब है कि रूपाणी की पुण्यतिथि पर आई श्रद्धांजलियाँ न केवल उनके राजनीतिक योगदान की स्मृति हैं, बल्कि उस अकल्पनीय त्रासदी की भी याद दिलाती हैं जिसने एक साथ सैकड़ों परिवारों को तोड़ दिया।