राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आईजीओएम ने पश्चिम एशिया की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की
सारांश
Key Takeaways
- राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया की स्थिति का गहन विश्लेषण किया।
- भारत ने ईंधन का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा है।
- समुद्री बीमा पूल की स्थापना से व्यापार को सुरक्षा मिलेगी।
- एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए पीएनजी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- भारतीय प्रवासियों के कल्याण को प्राथमिकता दी गई है।
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रियों के अनौपचारिक समूह (आईजीओएम) ने शनिवार को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में अपनी चौथी बैठक में पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन किया और भारत की तैयारियों के साथ-साथ भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की।
इस बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी, नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सरबानंद सोनोवाल, विद्युत मंत्री मनोहर लाल, श्रम और रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह भी शामिल हुए।
रक्षा मंत्री ने संघर्ष की वर्तमान स्थिति को अनिश्चित और अस्थिर बताया। उन्होंने कहा कि भारत को न केवल तनाव कम करने के लिए, बल्कि किसी भी नए तनाव के बढ़ने की स्थिति के लिए भी तैयार रहना चाहिए। उन्होंने एक्स पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार इस संघर्ष से उत्पन्न किसी भी संभावित जोखिम को कम करने के लिए तेजी से और प्रभावी कदम उठा रही है।
रक्षा मंत्री ने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 'भारत समुद्री बीमा पूल' बनाने के प्रस्ताव की मंजूरी का विशेष उल्लेख किया। इस प्रस्ताव में 12,980 करोड़ रुपए की सरकारी गारंटी शामिल है, जो सुनिश्चित करती है कि भारतीय व्यापार के लिए समुद्री बीमा कवरेज उपलब्ध हो।
यह कदम भारत के समुद्री व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय है, जो आयात-निर्यात कार्यों की सुरक्षा को बढ़ावा देगा।
आईजीओएम को सूचित किया गया कि वैश्विक सप्लाई में भारी रुकावट के बावजूद, भारत ने ईंधन का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा है। भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ का इतना स्टॉक है जो 60 दिनों के लिए पर्याप्त है।
सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता को कम करने के लिए आयात के स्रोतों में विविधता लाई है। इस दौरान, अप्रैल और मई 2026 के लिए आयात की जरूरतें भी पूरी की गई हैं, जिससे सप्लाई की निरंतरता सुनिश्चित होती है।
एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को बढ़ावा दिया जा रहा है और मार्च 2026 से 4.76 लाख से अधिक पीएनजी कनेक्शनों में गैस की आपूर्ति शुरू की जा चुकी है।
अंतर-मंत्रालयी संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) का गठन पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। इसके तहत, फार्मास्यूटिकल्स विभाग और रसायन एवं पेट्रोकेमिकल्स विभाग से प्राप्त अनुरोधों के आधार पर एलपीजी पूल से प्रतिदिन 1000 एमटी की व्यवस्था की जा रही है।
बैठक में बताया गया कि भारत के पास यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी का पर्याप्त उर्वरक स्टॉक है। 1 मार्च 2026 से 16 अप्रैल 2026 के बीच कुल 47.50 लाख टन उर्वरक का स्टॉक बढ़ा है।
राजनाथ सिंह ने भारतीय प्रवासियों की भलाई को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए इस बात पर जोर दिया कि उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जानी चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने राज्यों के साथ समन्वय बनाए रखने पर भी बल दिया।
रक्षा मंत्री ने कहा कि इस चुनौती का सामना करने के लिए अन्य देशों द्वारा अपनाए गए उपायों पर ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि हम अपने प्रतिक्रिया तंत्र को और मजबूत बना सकें।