बरगी डैम क्रूज हादसा: 9 शव बरामद, मंत्री राकेश सिंह बोले — लापरवाही साबित हुई तो होगी कड़ी कार्रवाई
सारांश
Key Takeaways
जबलपुर में बरगी डैम पर हुए क्रूज हादसे में अब तक 9 शव बरामद हो चुके हैं और 22 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। 1 मई 2026 को मध्य प्रदेश के मंत्री राकेश सिंह ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार पूरे मामले की विस्तृत जांच कराएगी और यदि जांच में लापरवाही सामने आई तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति
मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि गुरुवार रात बारिश और अंधेरे के कारण बचाव अभियान में बाधा आई थी। पानी की अत्यधिक गहराई ने भी राहत कार्य को और कठिन बना दिया। शुक्रवार सुबह से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें और सेना की विशेषज्ञ इकाइयाँ मौके पर पहुँच चुकी हैं और तेज़ी से अभियान चला रही हैं। स्थानीय प्रशासन और अन्य एजेंसियाँ भी संयुक्त रूप से काम कर रही हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया और जांच का आश्वासन
मंत्री राकेश सिंह ने स्पष्ट किया कि यह हादसा अत्यंत गंभीर है और इसमें जो भी खामी या लापरवाही सामने आएगी, उसकी पड़ताल की जाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और नियमों को और मज़बूत किया जाएगा। बरगी क्षेत्र के विधायक नीरज सिंह ने भी हादसे पर दुख जताया और कहा कि रेस्क्यू पूरा होने के बाद विस्तार से जांच कराई जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्रूज कैसे डूबा और कहाँ चूक हुई।
मौसम चेतावनी पर विवाद
इस हादसे के संदर्भ में मौसम विभाग की पूर्व चेतावनी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। विधायक नीरज सिंह ने कहा कि उस समय जो जानकारी उपलब्ध थी, उसी के आधार पर ऑपरेशन की अनुमति दी गई थी। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि गलती कहाँ हुई। आलोचकों का कहना है कि यदि मौसम की चेतावनी पहले से थी, तो क्रूज संचालन की अनुमति देना एक प्रशासनिक चूक हो सकती है।
मुख्यमंत्री की राहत घोषणा
सांसद आशीष दुबे ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को ₹4-4 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की है। सांसद ने उम्मीद जताई कि अब और शव न मिलें और कोई चमत्कार हो जिससे लापता लोग सुरक्षित मिल सकें।
आगे क्या होगा
रेस्क्यू ऑपरेशन के पूरा होने के बाद सरकार विस्तृत जांच कराने का संकल्प ले चुकी है। यह देखना होगा कि क्रूज संचालन में सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं, और मौसम संबंधी चेतावनी के बावजूद अनुमति देने की जिम्मेदारी किस पर आएगी। गौरतलब है कि नदियों और जलाशयों पर पर्यटन गतिविधियों के नियमन को लेकर देशभर में सवाल उठते रहे हैं, और यह हादसा एक बार फिर उन खामियों को उजागर करता है।