11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या उद्धव और राज ठाकरे की मुलाकात अर्थविहीन है? रामकदम का बयान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या उद्धव और राज ठाकरे की मुलाकात अर्थविहीन है? रामकदम का बयान

सारांश

भाजपा नेता रामकदम ने उद्धव और राज ठाकरे की मुलाकात को अर्थविहीन बताया है। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में महाराष्ट्र की जनता अपने नेता का चयन काम के आधार पर करेगी। जानिए रामकदम ने इस मुद्दे पर क्या कहा।

मुख्य बातें

रामकदम ने उद्धव और राज ठाकरे की मुलाकात को अर्थविहीन कहा।
जनता को अपने नेता का चुनाव काम के आधार पर करना होगा।
उद्धव ठाकरे को ब्रांड के रूप में पेश करना गलत है।
आरएसएस हमेशा राष्ट्र निर्माण को प्राथमिकता देता है।
कांग्रेस नेताओं के बयानों पर रामकदम ने आपत्ति जताई।

मुंबई, 13 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा नेता रामकदम ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की मुलाकात को अर्थविहीन बताया। उनका कहना है कि महाराष्ट्र में किसी भी चुनाव में, जनता को अपने नेता का चुनाव काम के आधार पर करना होगा।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में रामकदम ने कहा कि किस पार्टी का किसके साथ आना या न आना, यह उनका निजी निर्णय है और इस पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।

उन्होंने उद्धव ठाकरे को एक ब्रांड के रूप में प्रस्तुत करने पर आपत्ति जताई और कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में केवल बाला साहेब ठाकरे का नाम ही प्रमुख है, जबकि अब यह ब्रांड एकनाथ शिंदे के साथ है।

रामकदम ने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में मुलाकातों का कोई विशेष महत्व नहीं है।

पश्चिम बंगाल में 23 वर्षीय छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणी को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण कहा। उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्म में महिलाओं को देवीकानून व्यवस्था कमजोर हो चुकी है।

रामकदम ने टीएमसी सांसद काकोली घोष के बयानों को भी आपत्तिजनक बताया और कहा कि ममता बनर्जी के कार्यकाल में उनके मंत्रियों ने सनातन धर्म पर हमले किए हैं।

कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खड़गे के आरएसएस से जुड़े बयानों पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता सुर्खियों में रहने के लिए कुछ भी कह देते हैं, लेकिन जनता ऐसे बयानों को स्वीकार नहीं करेगी।

रामकदम ने कहा कि आरएसएस हमेशा राष्ट्र निर्माण को प्राथमिकता देता है। जब भी कोई आपदा आती है, आरएसएस के कार्यकर्ता तुरंत सहायता के लिए पहुंचते हैं।

उन्होंने कहा कि संघ की तुलना तालिबान से करने का कोई औचित्य नहीं है।

अखिलेश यादव के सीएम योगी के संदर्भ में दिए गए बयान को निंदनीय बताते हुए उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को आगामी चुनाव में हार का सामना करना पड़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीति में व्यक्तिगत मुलाकातें अक्सर महत्वपूर्ण होती हैं, लेकिन अंततः जनता का निर्णय ही अंतिम होता है। नेताओं की जिम्मेदारी होती है कि वे जनता की अपेक्षाओं को समझें और उनके अनुसार कार्य करें।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामकदम ने उद्धव और राज ठाकरे की मुलाकात को क्यों अर्थविहीन बताया?
रामकदम का कहना है कि यह मुलाकात किसी राजनीतिक लाभ के लिए हो सकती है, लेकिन असली चुनाव जनता के काम के आधार पर होगा।
क्या रामकदम ने ममता बनर्जी के बयान पर कुछ कहा?
हाँ, उन्होंने ममता बनर्जी की टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि उन्हें कानून व्यवस्था की स्थिति को स्वीकार करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले