18 अक्टूबर 2026
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रामलला दर्शन: सुगम पास अब 90 दिन पहले, ऑनलाइन स्लॉट 975 से बढ़कर 2,000 हुए

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रामलला दर्शन: सुगम पास अब 90 दिन पहले, ऑनलाइन स्लॉट 975 से बढ़कर 2,000 हुए

सारांश

राम मंदिर में दर्शन की योजना बनाना अब आसान होगा — श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट ने सुगम पास की बुकिंग विंडो 15 से बढ़ाकर 90 दिन की, ऑनलाइन स्लॉट दोगुने से अधिक किए, और बिचौलियों पर रोक के लिए नई सत्यापन प्रणाली शुरू की।

मुख्य बातें

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 18 अक्टूबर 2026 को सुगम दर्शन पास व्यवस्था में व्यापक बदलावों की घोषणा की।
श्रद्धालु अब 15 दिन के बजाय 90 दिन पहले से रामलला दर्शन की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे।
दैनिक ऑनलाइन सुगम दर्शन पासों की संख्या 975 से बढ़ाकर 2,000 की गई — तत्काल प्रभाव से लागू।
पास वितरण के कुल आठ चरण होंगे — 90, 62, 30, 14, 7, 3, 1 दिन पहले और दर्शन के दिन तत्काल।
अग्रिम बुकिंग के लिए 24 से 48 घंटे की सत्यापन अवधि; सुगम दर्शन पास पूरी तरह निःशुल्क हैं।
शिकायत दर्ज कराने की सुविधा आगामी एक सप्ताह में सक्रिय की जाएगी।

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 18 अक्टूबर 2026 को अयोध्या में रामलला के सुगम दर्शन पास व्यवस्था में व्यापक सुधारों की घोषणा की, जिसके तहत श्रद्धालु अब 15 दिन के बजाय 90 दिन पहले से दर्शन की योजना बना सकेंगे। इसके साथ ही सामान्य श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन सुगम दर्शन पासों की दैनिक संख्या 975 से बढ़ाकर 2,000 कर दी गई है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

मुख्य बदलाव क्या हैं

नई व्यवस्था के अंतर्गत सुगम दर्शन पास दर्शन की तिथि से 90, 62, 30, 14, 7, 3 और एक दिन पहले — यानी कुल आठ चरणों में उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा दर्शन वाले दिन तत्काल पास भी जारी किए जाएंगे, जिनकी पुष्टि तुरंत होगी। ट्रस्ट के अनुसार, चरणबद्ध वितरण प्रणाली का उद्देश्य दूर-दराज के श्रद्धालुओं को रेल टिकट, आवास और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से तय करने का पर्याप्त समय देना है।

सत्यापन आधारित नई तकनीकी प्रणाली

ट्रस्ट ऑनलाइन बुकिंग में बॉट्स और स्वचालित तकनीकी माध्यमों के दुरुपयोग को रोकने के लिए नई सत्यापन आधारित प्रणाली विकसित कर रहा है। इस प्रणाली में अग्रिम बुकिंग के आवेदन जमा होने के तुरंत बाद पास की पुष्टि नहीं होगी — आवश्यक तकनीकी जाँच के बाद सामान्यतः 24 से 48 घंटे के भीतर श्रद्धालु को सूचित किया जाएगा। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि केवल आवेदन जमा करना पास की पुष्टि नहीं माना जाएगा। हालाँकि, तत्काल पासों पर यह प्रतीक्षा अवधि लागू नहीं होगी।

निःशुल्क पास और बिचौलियों पर रोक

ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि सुगम दर्शन पास पूरी तरह निःशुल्क हैं। यदि कोई व्यक्ति पास दिलाने के नाम पर शुल्क माँगता या वसूलता है, तो श्रद्धालु सीधे ट्रस्ट से शिकायत कर सकेंगे। शिकायत दर्ज कराने की सुविधा आगामी एक सप्ताह में सक्रिय की जाएगी। ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल अधिकृत वेबसाइट से ही पास बुक करें और किसी बिचौलिए को पैसे न दें।

नेतृत्व और क्रियान्वयन

ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविन्ददेव गिरि जी महाराज ने श्रद्धालुओं की सुविधा, पारदर्शिता और सेवाभाव को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। सीईओ एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्र (सेवानिवृत्त), आईटी विभाग और ट्रस्ट के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श के बाद ये निर्णय लिए गए। गौरतलब है कि ऑनलाइन पासों की संख्या बढ़ाने का निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है, जबकि चरणबद्ध वितरण, नई सत्यापन प्रणाली और अन्य तकनीकी सुधार आवश्यक सॉफ्टवेयर परीक्षण के बाद आगामी दिनों में क्रमशः लागू किए जाएंगे।

आम श्रद्धालुओं पर असर

यह सुधार ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से देश-विदेश से श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है और पास की माँग आपूर्ति से कहीं अधिक रही है। चरणबद्ध प्रणाली से विशेष रूप से दूरस्थ राज्यों से आने वाले श्रद्धालु — जो रेल और आवास बुकिंग के कारण दीर्घकालिक योजना पर निर्भर हैं — लाभान्वित होंगे। ट्रस्ट के अनुसार, बुकिंग स्थिति की लगातार समीक्षा की जाएगी और ज़रूरत पड़ने पर पासों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और बिचौलियों द्वारा 'निःशुल्क' पासों की कालाबाज़ारी की शिकायतें सामने आती रही हैं। 90 दिन की बुकिंग विंडो और चरणबद्ध वितरण दूरदराज के श्रद्धालुओं के लिए सच्ची राहत है, लेकिन असली परीक्षा नई सत्यापन प्रणाली की होगी — क्या वह बॉट्स और दलालों को प्रभावी ढंग से रोक पाएगी। 24-48 घंटे की प्रतीक्षा अवधि पारदर्शिता की दिशा में सही कदम है, लेकिन सॉफ्टवेयर परीक्षण पूरा होने तक अमल अधूरा है — क्रियान्वयन की गति ही बताएगी कि यह घोषणा वास्तव में बदलाव लाती है या नहीं।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामलला सुगम दर्शन पास अब कितने दिन पहले बुक किया जा सकता है?
नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालु अब दर्शन की तिथि से 90 दिन पहले तक सुगम दर्शन पास बुक कर सकेंगे, जबकि पहले यह सीमा केवल 15 दिन थी। पास वितरण 90, 62, 30, 14, 7, 3, 1 दिन पहले और दर्शन के दिन — कुल आठ चरणों में होगा।
सुगम दर्शन पास की संख्या कितनी बढ़ाई गई है?
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ऑनलाइन सुगम दर्शन पासों की दैनिक संख्या 975 से बढ़ाकर 2,000 कर दी है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। माँग और बुकिंग स्थिति की समीक्षा जारी रहेगी और ज़रूरत पड़ने पर संख्या और बढ़ाई जा सकती है।
क्या सुगम दर्शन पास के लिए कोई शुल्क देना होगा?
नहीं, सुगम दर्शन पास पूरी तरह निःशुल्क हैं। यदि कोई व्यक्ति पास दिलाने के नाम पर पैसे माँगे, तो श्रद्धालु सीधे ट्रस्ट से शिकायत कर सकेंगे। शिकायत सुविधा आगामी एक सप्ताह में सक्रिय होगी।
नई सत्यापन प्रणाली कैसे काम करेगी?
अग्रिम बुकिंग में आवेदन जमा होने के तुरंत बाद पास की पुष्टि नहीं होगी — तकनीकी सत्यापन के बाद सामान्यतः 24 से 48 घंटे के भीतर सूचना दी जाएगी। यह प्रणाली बॉट्स और अनधिकृत बुकिंग रोकने के लिए बनाई जा रही है। तत्काल पासों पर यह प्रतीक्षा अवधि लागू नहीं होगी।
नई व्यवस्था कब से पूरी तरह लागू होगी?
ऑनलाइन पासों की बढ़ी हुई संख्या (2,000) तत्काल प्रभाव से लागू हो चुकी है। चरणबद्ध पास वितरण, नई सत्यापन प्रणाली और अन्य तकनीकी सुधार आवश्यक सॉफ्टवेयर बदलाव और परीक्षण के बाद आगामी दिनों में क्रमशः लागू किए जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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