राम मंदिर ट्रस्ट की अगली बैठक 2 सितंबर को छोटी छावनी में, सदस्य दिनेंद्र दास ने की पुष्टि
सारांश
मुख्य बातें
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगली बैठक 2 सितंबर को अयोध्या की छोटी छावनी में आयोजित होगी। ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास ने 29 अगस्त को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस बैठक में सभी सदस्य उपस्थित रहेंगे और उसके पश्चात कोई महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि रामलला के दर्शन मात्र से किसी का संपूर्ण जीवन बदल सकता है।
बैठक का विवरण और अपेक्षित निर्णय
दिनेंद्र दास ने स्पष्ट किया, 'यह बैठक 2 सितंबर को छोटी छावनी में होगी। सभी सदस्य इसमें शामिल होंगे और उसके बाद कोई फैसला लिया जाएगा।' उन्होंने कहा कि बैठक में सदस्यों की ओर से जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह सभी के लिए सर्वमान्य होगा। ट्रस्ट की इस बैठक को लेकर श्रद्धालुओं और धार्मिक हलकों में उत्सुकता बनी हुई है।
रामलला के दर्शनार्थियों की संख्या पर दिनेंद्र दास का बयान
दिनेंद्र दास ने कहा कि रामलला पर लोग जितना विश्वास बनाए रखेंगे, उतनी ही सफलता मिलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा, 'रामलला के दर्शनार्थियों की कोई कमी नहीं है। हर वर्ग के लोग दर्शन कर रहे हैं।' उनके अनुसार, जो लोग पहले मंदिर निर्माण के विरोध में थे, उन्हें अब कष्ट होना स्वाभाविक है, किंतु मंदिर में आस्था और पूजा-पाठ का सिलसिला निरंतर जारी है।
रक्षाबंधन पर्व का भव्य आयोजन
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व राम मंदिर, अयोध्या में पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया। देशभर के भक्तों ने हजारों राखियाँ भेजीं। रामलला, उनके चारों भाइयों, राम दरबार और भगवान हनुमान के लिए विशेष पूजा, शृंगार और 56 प्रकार के भोग का आयोजन किया गया। मुख्य पुजारी संतोष ने बताया, 'माता शांता की ओर से भगवान रामलला और उनके चारों भाइयों के लिए राखियाँ भेजी गई हैं। संतों ने श्रृंगी आश्रम में इन्हें अर्पित किया।'
सावन पूर्णिमा पर सरयू तट पर उमड़ी भीड़
सावन पूर्णिमा के अवसर पर सरयू नदी के तट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए। भक्तों ने पवित्र स्नान के साथ-साथ पूजा-अर्चना की। पूरे क्षेत्र में प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। आस्था का यह संगम राम मंदिर के प्रति जनमानस की गहरी श्रद्धा को दर्शाता है।
आगे क्या
2 सितंबर की बैठक में ट्रस्ट के सभी सदस्यों की उपस्थिति अपेक्षित है। बैठक में लिए जाने वाले निर्णयों पर सभी की निगाहें टिकी हैं, विशेषकर मंदिर के आगामी विकास कार्यों और प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर।